दल्ली राजहरा

रविवार 22 फरवरी 2026

भोजराम साहू 9893 765541

संडे मेगा स्टोरी में  कहानी के   38 वे अंक में आज रविवार 22 फरवरी 2025 को पढ़िए सप्तगिरि पार्क दल्ली राजहरा में फ्लावर शो में लगी सुंदर सिरेमिक कला के कलाकार हर्षा जैन की कहानी । 

 

आपको बता दे कि  हर्षा जैन नगर के व्यवसायी तेजमल चौरडिया की पुत्रवधु वा महावीर चौरडिया की धर्मपत्नी है उन्हें सिरोमिक कला की सुंदर कलाकृति बनाने में महारत हासिल है । जैन समाज के सेवा के अनुरूप शुरू से ही जन सेवा में जुड़ी हुई है जहां वे कुछ वर्षों तक हस्त निर्मित राखियां देश में तनाव सैनिकों के लिए भेजती थी तथा कुछ वर्षों तक दिल्ली राजहरा के आरपीएफ रेलवे के सैनिकों को अपनी टीम के साथ राखी बांधने जाती थी ।

हर्षा जैन वर्तमान में सिरामिक हस्तकला के बारे में ऑनलाइन प्रशिक्षण देती है । उन्होंने बताया कि उनका जन्म सांखला ( जैन ) परिवार जिला बालोद में हुआ । बचपन में पढ़ाई के दौरान स्कूलों कक्षा 6 वीं 7 वीं कक्षा में सिरेमिक आर्ट से छोटे-छोटे सामान बनाना चालू किया । संयुक्त परिवार होने से बहनों सहेलियों को भी उन्होंने आर्ट सिखाई जिससे लोगों ने उनकी तारीफ की और उत्साह बढ़ाया । कई बार अपने घरों के आसपास स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए भी उन्होंने आर्ट बनाया जिससे उनकी तारीफ और प्रशंसा से इनकी कला में निखार आता गया ।

आज हर्षा जैन की कला उच्च कोटि की कलाकारों में गिना जाता है । जहां दल्ली राजहरा के सप्तगिरि पार्क में होने वाले पुष्प प्रदर्शनी में प्रतिवर्ष कला वाटिका में इनकी कला की प्रदर्शनी लगती है । जहां हजारों की संख्या में लोग देखने आते हैं । इस वर्ष सप्तगिरि पार्क में 10 फरवरी को फ्लावर शो के मुख्य अतिथि कमल भास्कर (कार्यपालक निदेशक खदान भिलाई स्टील प्लांट ) ने भिलाई के प्रसिद्ध नेहरू आर्ट गैलरी में सिरेमिक आर्ट कला की प्रदर्शनी के लिए उन्हें आमंत्रित किया है ।

सरकार की ओर से सम्मान के बारे में जब उनसे पूछा गया तब उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से आज तक कोई सम्मान नहीं दिया गया है ।मेरा सम्मान यही है कि लोग मेरे कला के तारीफ करते हैं और आज लगभग 300 से ज्यादा ऑनलाइन क्लास मैं ले चुकी हूं। यह ऑनलाइन क्लास मैं पिछले सात आठ सालों से ले रही हूं जिसमें छत्तीसगढ़ के अलावा पूरे भारत देश के साथ साथ विदेशो के स्टूडेंट भी ऑनलाइन क्लास से जुड़कर इस कला को सीख रहे हैं ।

 

हर्षा जैन की आशा क्रिएशन के नाम से फेसबुक पेज है जहां वे सिरेमिक आर्ट के बारे में स्टूडेंट्स लोगों को सीखाती हैं ।

 

उन्होंने बताया कि सिरोमिक आर्ट का उपयोग मायके में करती थी । शादी हो जाने के बाद अधिकतर बेटियों को मन पसंद स्थान नहीं मिल पाता और उनकी कला वही दबकर रह जाती है । इसके विपरीत चौरडीया परिवार ने बिटिया की कला को नजरअंदाज नहीं किया बल्कि उन्हें पूरी तरह से प्रोत्साहित कर आगे बढ़ाने में सहयोग किया ।

बालोद से दल्ली राजहरा ससुराल आने के बाद उनके कला का पूरा सम्मान हुआ । अपने ससुराल परिवार के अलावा घरों के आसपास के रहने वाले बच्चों को भी वे कला के बारे में सिखाया करती थी ।

दल्ली राजहरा के बीएसपी के द्वारा गोद लिए गए राजहरा महिला समाज द्वारा संचालित चित्रकोट हॉस्टल में छात्रों को भी वे सिरेमिक आर्ट के बारे में सिखाया करती थी । उनके द्वारा जैन दादाबाड़ी में भी दो दिवसीय क्ले आर्ट की शिविर लगाकर लगभग 200 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है । जहां दल्ली राजहरा के अलावा अन्य शहरों के लोग भी इस प्रशिक्षण में भाग लिए थे ।

उन्होंने बताया कि वर्तमान समय आधुनिक युग है यह मोबाइल के माध्यम से के चित्र मिल जाते हैं जिससे बनाने में और आसानी हो जाती है लोगों को सीखना भी अब आसान हो गया है ।

 

आपके पास भी ऐसी कोई कलाकार हो तो उनकी कला के संबंध में जानकारी हमें अवश्य दीजिए । उन कलाकारों की छुपी प्रतिभा को लोगों तक लाने में हम आपकी मदद करेंगे! निशुल्क संडे मेगा स्टोरी पर इसे लोगों के माध्यम  से रखेंगे ।

 

धन्यवाद..!

    भोजराम साहू संपादक हमारा दल्ली राजहरा _एक निष्पक्ष समाचार चैनल ( hamaradallirajhara.in ) (9893765541)

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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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