दल्ली राजहरामंगलवार 24 फरवरी 2026भोज राम साहू 9893765541इस वर्ष 2026 की होली को चंद्र ग्रहण की नजर लग गई है । जिसके कारण 4 मार्च 2025 को रंग खेला जाएगा । 2026 की होली अनोखी होली कहलाएगी क्योंकि बुजुर्गों ने बताया कि आज तक ऐसा अद्भुत और दुर्लभ संयोग कभी नहीं हुआ है कि होलिका दहन और रंग उत्सव के बीच एक दिन का अंतर रहा हो । विदित होगी इस वर्ष 2 मार्च 2026 दिन मंगलवार को होलिका दहन होगा और हिंदू धर्म तथा भारतीय संस्कृति के अनुसार होलिका दहन के दूसरे दिन रंग पर्व अर्थात रंग खेला जाता है लेकिन 3 मार्च बुधवार को खगाध्र चंद्र ग्रहण होने के कारण ज्योतिषों ने इस दिन होली खेलने वर्जित बताया है ।पंडित विजय शर्मा (भागवताचार्य ) निवासी वार्ड नंबर 23 दल्ली राजहरा ने बताया कि आज 24 फरवरी मंगलवार से होलाष्टक लगेगा जिसमें की कोई भी शुभ कार्य जैसे की पूजा गृह प्रवेश भूमि पूजा की प्रारंभ नहीं होता । पूर्व निर्धारित कार्य भले हो सकता है होलाष्टक की शुरुआत होलिका दहन के एक सप्ताह पूर्व प्रारंभ होती है तथा होलिका दहन के बाद समाप्त होती है । यह एक सप्ताह का रहता है । होलिका दहन का समय 2 मार्च की रात्रि एवं 3 मार्च प्रातः 1:26 से 2:38 तक है ।चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 से शाम को 6:48 तक भारतीय समय अनुसार लगेगा जो की 6:07 संध्या को स्पष्ट दिखाई देगा । भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण के 9 घंटा पहले सूतक लग जाता है । जिसके कारण सुबह 3 मार्च को 6:20 बजे सूतक लगेगा जो की शाम को 6:48 ग्रहण समाप्त के बाद ही समाप्त होगा । धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल में और ग्रहण के समय किसी भी प्रकार की मांगलिक कार्य पूजा अर्चना, पाठ उत्सव वर्जित माना गया है । ग्रहण के कारण पूरे देश सूतक के साए में रहेगा । जिसके कारण 4 मार्च को रंग खेला जाएगा ।Spread the lovePost navigationभारतीय जनता पार्टी कुसुमकसा ने मनाया “मुख्य मंत्री विष्णु देव साय” का 62 वा जन्म दिन..! विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट-2026 का जिला स्तरीय आयोजन होगा 26 फरवरी को