दल्ली राजहरासोमवार 06 अप्रैल 2026भोजराम साहू 9893 765541https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/04/VID-20260405-WA0019.mp4केंद्र और राज्य सरकार के मजदूर विरोधी नीति पर जमकर बरसे कामरेड । अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) का 6 वा छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय सम्मेलन 4 अप्रैल एवं 5 अप्रैल 2026 को दल्ली राजहरा में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस ( एटक ) के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड अमरजीत कौर थे । विशेष अतिथि छत्तीसगढ़ प्रदेश एटक के अध्यक्ष आर डी सी पी राव एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश एटक महासचिव कामरेड हरिनाथ सिंह थे ।छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त खदान मजदूर संघ केंद्रीय के अध्यक्ष कामरेड कमलजीत सिंह मान के नेतृत्व में दल्ली राजहरा में छठवां छत्तीसगढ़ राज्य सम्मेलन का ऐतिहासिक आयोजन किया गया । कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथियों का स्वागत के लिए संगठन की ओर से मानपुर चौक से बड़े ही हर्षोउल्लास के साथ बाइक रैली निकाली गई जो कि पुराना बाजार शाहिद वीर नारायण सिंह चौक होते हुए यूनियन कार्यालय संयुक्त खदान मजदूर संघ एटक के कार्यालय पहुंची जहां पर विशाल आमसभा संपन्न हुआ ।रैली के द्वारा अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) की महासचिव कामरेड अमरजीत कौर का नगर में फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया गया । रैली के उपरांत संयुक्त खदान मजदूर संघ कार्यालय का उद्घाटन महासचिव अमरजीत कौर के द्वारा किया गया ।उसके उपरांत एक विशाल आम सभा का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का मंच संचालन करते हुए कमलजीत सिंह मान ने स्वागत भाषण में कहा कि यह हमारे लिए बड़े गर्व की बात है की दल्ली राजहरा में एटक का छटवा राज्य स्त्रीय सम्मेलन का आयोजन कर रहे हैं ।दल्ली राजहरा में कई बड़े-बड़े आंदोलन हुए जहां मजदूर अपनी लड़ाई के बलबूते पर अधिकार प्राप्त किए हैं । हमारे खून में लड़ाई है हमारे खून में संघर्ष है इस मिट्टी ने हमें संघर्ष करना सिखाया है क्योंकि दल्ली राजहरा का संयुक्त खदान मजदूर संघ राजहरा के सबसे पहला संगठन है जिसने वहां के मजदूरों के लिए झंडा लेकर आया और लड़ाई लड़कर मजदूरों के हक और उनका अधिकार दिलवाया । ठेका मजदूर की बात हो या नियमित कर्मचारियों की यह दल्ली राजहरा का इतिहास है जितने भी आंदोलन मजदूर ने किया सभी में जीत हासिल की । संयुक्त खदान मजदूर संघ ने ठेका मजदूरों का सबसे पहले विभागीयकरण किया । जिससे हजारों ठेका मजदूर को लाभ मिला नियमित कर्मचारियों के लिए भी लंबी लड़ाई लड़ी गई । लोगों को लगता है हमारा शहर छोटा है लेकिन दल्ली राजहरा के मजदूरों ने आंदोलन को लेकर बड़े-बड़े इतिहास रचे हैं । इसलिए हम गर्व के साथ कहते हैं कि सबसे ज्यादा मजदूरों ने इसके लिए लड़ता है तो वह है दल्ली राजहरा ।मुख्य अतिथि कामरेड अमरजीत कौर अपने उद्बोधन में कहा कि दल्ली राजहरा के मजदूरों साथियों को मैं नमन करती हूं आपने जिस तरह से कार्यक्रम का आयोजन किया इसके लिए मैं आप सभी को धन्यवाद देती हूं ।देश का सबसे पुराना मजदूर संगठन जिनके हजारों कार्यकर्ताओं ने देश की आजादी के लिए बलिदान दिया जिसका गठन 1920 में हुआ आज हम सभी ऐसे संगठन के सिपाही बनकर देश भर के मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की असली सेवा इस देश के मजदूर और किसान कर रहे हैं ।किसान खेतों में फसल उगाकर करोड़ों लोगों का पेट भरता है, और देश का मजदूर चाहे वह खदानों में ,फैक्ट्री में काम करने वाले, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मध्यान भोजन बनाने वाले से लेकर निर्माण कार्यों में लगे मजदूर, स्कूल शिक्षक, अस्पताल में काम करने वाले ,सड़क निर्माण में लगे मजदूर, पुल -पुलिया बनाने में लगे मजदूर, रेलवे में काम करने वाले मजदूर ही देश के सेवा एवं विकास में प्रमुख भागीदार हैं ।उन्होंने कहा परंतु दुख की बात है कि इन्हीं किसान एवं मजदूर के बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बेरोजगारी का दंश झेलना पड़ता है ।उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने खाड़ी देशों पर युद्ध थोप दिया है।उसका सबसे ज्यादा असर किसान एवं मजदूर वर्ग के परिवारों पर पढ़ने वाला है। अत्यधिक महंगाई बढ़ने के संकेत मिलने शुरू हो गए हैं। भविष्य में खाड़ी युद्ध यदि लंबा चला तो पेट्रोल डीजल के साथ आम आदमी की जरूरत के समान महंगा हो जाएगा ,जिससे मध्यम एवं निम्न मध्यम वर्ग के परिवार को ज्यादा असर करने वाला है ।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को अमेरिका के सामने झुकने के बजाय अमेरिका की गलत नीतियों का विरोध करना चाहिए। अमेरिका का इतिहास रहा है कि अपने स्वार्थ के लिए युद्ध में धकेलना का कार्य किया है ।उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की नीति का विरोध यूरोप के देशों ने भी किया है। जिससे अमेरिका अलग- थलग पड़ता जा रहा है ।उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील से किसानों पर सीधा असर पढ़ने वाला है ।उन्होंने यह भी कहा कि जो चार श्रम कानून लागू किया जा रहा है, उससे मजदूर के निजी क्षेत्र में अधिकारों का हनन किया जाएगा । उन्होंने कहा कि हम लोग कई लड़ाइयां लड़कर सामाजिक सुरक्षा प्राप्त की है जिसमें इपीएफ ईएसआई पीड़ित वेलफेयर कोड या मिनरल कोड वेलफेयर कोड और संगठित क्षेत्र के अंदर लेकिन सरकार उन्हें भी लेबर कोड लाकर छीन लेना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि काम के स्थान पर सुरक्षा हो मजदूर कभी बिजली के खंभे से गिरकर तो कभी गटर में उतरकर कभी फैक्ट्री में जलकर तो कभी आग में सुलगकर मरते हैं हमें काम के स्थान में सुरक्षा चाहिए लेकिन सरकार जो भी कानून ला रही है हमारे काम के स्थान को खतरे में डाल रही है और हमारे सुरक्षा की कानून है उसे रद्द कर रही है । हम कह रहे हैं कि हमारा वेतन बहुत कम है 1950 रुपया प्रति माह का रसोइयों को वेतन सरकार दे रही है । उन लोगों ने हड़ताल किए । सरकार ने सुना नहीं ।सरकार वेतन नहीं देना चाहतीं। वे उनकी परिभाषा बदलना चाहती है । जो न्यूनतम वेतन के कानून है उसे सरकार रद्द करना चाहती है । हम 150 वर्षों से अंग्रेजों के जमाने से लड़ाई लड़ रहे हैं 44 केंद्रीय और 150 राज्य स्तरीय कानून हमने लड़कर प्राप्त किए हैं ।लेकिन मोदी सरकार ने 44 श्रम कानून को रद्द कर 4 लेबर कोर्ट बना रहे हैं । ये लेबर कोड जितने भी हमारे अधिकार है उनको छीनने का रास्ता है । 6 साल पहले से उन्होंने शुरुआत की है। 2019 में कोड आफ वेजेज ,मनरेगा की जगह अब बीवी जी राम जी ला रहे हैं। सरकार जितने भी कानून ला रहे हैं वह मजदूर की हीतैसी ना होकर पूंजीपतियों के लिए है ।संयुक्त खदान कोयला संघ के महासचिव अजय विश्वकर्माने कहा कि वर्तमान में जो केंद्र सरकार की नीतियां हैं उसमें सबसे बड़ी समस्या है 4 कोड बिल जो मजदूर किसान चाहे कहीं भी काम करें किसी भी सेक्टर के लोग हो उनके ऊपर बड़ी संकट है । यह सरकार लेवर कोड लाई है जो लागू हो गए तो समझिए आपके गर्दन के ऊपर तलवार लटक रही है । वह जो आपको आज सुविधा और अधिकार है उसको समाप्त कर देगा ।जो वेतन सामाजिक सुरक्षा मिल रहा है सब समाप्त हो जाएगा सरकार की इस नीति का हमें पूरा जोर विरोध करना होगा ।छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त खदान मजदूर संघ महासचिव राजेश संधू ने कहा कि भाजपा सरकार पूंजीवाद के समर्थक सरकार है और यह आने वाले दिनों में मजदूरों को फिर से गुलाम बनाना चाहती है । इसके लिए हमें एकता बध होकर लड़ाई लड़नी होगी तभी हम अपनी अस्तित्व को बचा पाएंगे । अब समय समझौता का नहीं संघर्ष का है आने वाला दिन संघर्ष का होगा ।छत्तीसगढ़ प्रदेश एटक महासचिव हरिनाथ सिंह ने कहा बीजेपी की सरकार जब से केंद्र और राज्य में आई है मजदूर की नहीं सुन रही है ।छत्तीसगढ़ रसोईया के लोग 60 दिन की हड़ताल पर बैठे थे कोई भी जिम्मेदार सरकारी अमला उनसे बात नहीं की अंत में रोते-रोते उन्होंने अपनी बात को समाप्त किया । यह स्थिति सरकार की है आप सोचिए उनका वेतन कितना है मात्र 1950 रुपए प्रति माह पर वह काम करते हैं। क्या उन्हें अपने हक और अधिकार के लिए लड़ने का अधिकार नहीं है। क्या उन्हें न्यूनतम वेतन पाने का अधिकार नहीं है ।इन सब को अब सोचने का वक्त आ गया है ।संयुक्त कोयला खदान मजदूर संघ के अध्यक्ष कन्हैया लाल ने कहा कि हम सारी ताकत लगाकर संकल्प लेकर चल रहे हैं कि अब नौजवानों को आगे लाकर सरकारों की इस नीतियों का विरोध करेंगे आज यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब सरकार तलवार लेकर घूम रही है इनसे लड़ना होगा सभी मजदूर साथियों को एक होकर लड़ना होगा जब मजदूर लड़ेंगे तभी जीतेंगे ।सम्मेलन सत्र के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने सम्मेलन में हिस्सा लिया । शुरुआत में मुख्य अतिथि महासचिव अमरजीत कौर के द्वारा झंडा रोहण किया गया एवं सभी अतिथियों एवं प्रतिनिधियों के द्वारा शहीद बेदी पर फूल एवं माल्यार्पण किया गया ।संयुक्त खदान मजदूर संघ कार्यालय के हाल में प्रतिनिधि सम्मेलन की शुरुआत में अध्यक्ष मंडल ने सम्मेलन की कार्यवाही को संचालित किया ।उद्घाटन उदबोधन में एटक की राष्ट्रीय महासचिव ने प्रदेश से आए सभी प्रतिनिधियों से कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में लोहे , कोयले, डोलोमाइट और लाइमस्टोन इत्यादि की खदानों में काम करने वाले नियमित एवं ठेका श्रमिक हजारों की संख्या में कार्यरत है।उन्होंने कहा कि एन एम डी सी एवं सेल की इकाइयों में वेतन समझौते को अमल नहीं किया जा रहा है। केंद्र सरकार पर सभी कर्मचारी एकता बध्य तरीके से संघर्ष करें एवं दबाव बनाएं जिससे समझौते पर अमल किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र में लाखों ठेका श्रमिक कार्य कर रहे हैं ।सार्वजनिक क्षेत्र में काम करने वाले ठेका श्रमिकों को लगभग अलग-अलग वेतन एवं सुविधाएं मिल रही है। अतः इसके लिए सभी ठेका श्रमिकों को लामबद्ध किया जाए वेतन विसंगति के लिए एक साथ संघर्ष किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आंगनवाड़ी ,मध्यान भोजन बनाने वाली, आशा वर्कर, मितानिन कार्यकर्ता को साथ लेकर सम्मानजनक एवं सुविधाओं की बढ़ोतरी के लिए संघर्ष किया जाए। साथ ही असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को संगठित करने का कार्य तेजी से किया जाए। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने मजदूरो की समस्याओं पर अपने-अपने विचार रखें ,और भविष्य में मजदूरों के संघर्ष के लिए अपने-अपने सुझाव दिए । अंत में प्रदेश पदाधिकारी का गठन किया गया जिसमें अध्यक्ष अजय विश्वकर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष कमलजीत सिंह मान, महासचिव हरिनाथ जी , उप महासचिव राजेश संधू, उपाध्यक्ष मनोज पांडे ,जागेश्वर प्रसाद , दीपक उपाध्याय एवं विनोद सोनी सचिव पद पर सुनील सिंह, रमेश कश्यप, लिंगराज नायक अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस एटक छत्तीसगढ़ के नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष कॉमरेड कमलजीत सिंह मान के द्वारा धन्यवाद भाषण देकर सम्मेलन की समाप्ति की घोषणा किया गया। Spread the lovePost navigationराजहरा प्रीमियर लीग सीजन _5 थंडर थ्री ने सुपर ओवर में जीता मैच । भारतीय जनता पार्टी का 47 वाँ स्थापना दिवस भाजपा मंडल राजहरा में धूमधाम से मनाया गया ।