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“गौरा जागे मोर गौरी जागे” तो एक पत्री रइनी बइनी के साथ मनाया गया दल्ली राजहरा में गौरी गौरा उत्सव..!

दल्ली राजहरा बुधवार 22 अक्टूबर 2025 भोज राम साहू 98937 65541

 दल्ली राजहरा शहर के वार्ड 2 रामनगर चौक में विगत 60 वर्ष पहले गौरा-गौरी उत्सव की मनाया जा रहा है l दल्ली राजहरा में जब खदान में लौह अयस्क खनन का कार्य की शुरुआत हुआ था तब आसपास के गांव में रहने वाले छत्तीसगढ़ी परिवार के लोग जब काम की तलाश में दल्ली राजहरा आए तो उन्होंने काम के साथ-साथ अपने संस्कृति और परंपराओं को भी दल्ली राजहरा में लेकर आए l दल्ली राजहरा के विभिन्न चौक चौराहों पर गौरा चाँवरा का इन लोगों के द्वारा निर्माण किया गया l छत्तीसगढ़ की परंपरा के अनुसार भगवान शंकर और मां पार्वती का विवाह का पारंपरिक त्यौहार गौरी गौरा उत्सव के रूप मे मनाये जाने लगा l
पांच दिवसीय यह त्यौहार मन में उमंग उत्साह और कौतूहल को जन्म देता है l लोंगो के मन में आशंका रहता है कि देव आना एक ढकोसला है l लेकिन यह सब पूजा स्थल पर पहुंचकर देखने से पता चलता है l जब लोग द्वारा गौरा गौरी उत्सव के बाजे की धुन पर अपने आप झूमने लगते हैं l प्रतिदिन लोगों का इस तरह से देव आना और देव उतर जाने के बाद उनसे पूछना कि तुम्हारे साथ क्या हुआ तो उनका अभिज्ञता जताना l यह सभी अलौकिक शक्ति को दर्शाता है l

 

 

 वार्ड नंबर 2 में गौरी गौरा उत्सव का शुरुआत स्वर्गीय उजियार बैगा और स्वर्गीय गणेश राम निर्मलकर ने की थी। उस समय आज की तरह बिजली व्यवस्था नहीं होती थी। मिट्टीतेल के गैस से रोशनी की जाती थी। मिट्टी से गौरा चाँवरा का निर्माण हर साल होता था। क्योंकि बरसात में गौरा चाँवरा पूरी तरह बह जाता था। आज भी अपने दादा-दादी और नाना नानी के द्वारा शुरुआत की गई उस परंपरा को रामनगर चौक के युवा पीढ़ी जारी रखे हुए हैं। इस परंपरा को बनाए रखना में बुजुर्गों महिलाओं कभी पूरी तरह से योगदान है lआज भी उसी अंदाज में गौरी-गौरा उत्सव मनाया जाता है।

 रामनगर चौक में दीपावली के 5 दिन का त्योहार में द्वादशी के दिन गौरी गौरा उत्सव का शुरुआत छोटे-छोटे बच्चों ने मुसर (पौराणिक धान से चावल निकालने का पौराणिक औजार से अंडे फोड़ने की परंपरा से शुरू किया जाता है। उसके बाद मोहल्ले की माताओं ने गौरी गौरा का श्रृंगार गीत गाना , गौरा छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुसार गीत गाकर गौरी गौरा बैगा और लोगों को जगाने का गीत गाया जाता है ।

 

 

 

द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी को यह परंपरा लगातार चलने के बाद महालक्ष्मी पूजा दीपावली के रात में युवाओं के द्वारा मिट्टी से भगवान शिव व माता पार्वती की मूर्ति बनाई जाती है l जिसमें भगवान शिव नंदी पर तथा माँ पार्वती कछुआ पर सवार होती है l दोनों मूर्तियों को अलग-अलग लकड़ी से बने हुए पाटा पर चंदेनी गोंदा फूल , धान की बाली , मेमरी , सीलहोटी आदि से सजाकर कलश के साथ पूरे मोहल्ले में घुमाया जाता है । लोगों के द्वारा जगह-जगह रोक कर गौरी गौरा की बड़े श्रद्धा के साथ पूजा अर्चना की जाती है l पूजा अर्चना करते हुए गौरी गौरा तथा कलश के साथ लोग राजहरा बाबा तलाब पहुंचकर विसर्जन किया गया है l 

➡️🔥🌺शहीद अस्पताल दल्ली राजहरा के डॉक्टरों की टीम भी बने इस उत्सव का हिस्सा🌺🔥⬅️

 

 

दल्ली राजहरा शहीद अस्पताल के डॉक्टरों का टीम भी इस उत्सव का हिस्सा बने थे l शहीद अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर जाना सहित सभी डॉक्टरों ने आज इस उत्सव में भाग लिया । उड़ीसा से आए डॉक्टर प्रीति अधिकारी एवं तमिलनाडु से आए डॉक्टर ने लड़कियों के साथ कलश यात्रा मैं हिस्सा लेकर पैदल तालाब तक गए । डॉक्टर प्रीति अधिकारी ने कहा की हमारे सौभाग्य है कि दल्ली राजहरा की इस उत्सव में भाग लेने का हमें अवसर मिला । वही डॉक्टर राज प्रियदर्शनीय ने भी इस उत्सव की तारीफ की डॉक्टर जाना ने कहा कि यह बहुत परंपरा को संजोकर रखे गए त्यौहार है जिसमे सभी वर्ग के महिला पुरुष बच्चे मेहनत कर इसे बेहतरीन ढंग से मनाते हैं । शहीद अस्पताल की ओर से मैं सभी को बधाई देता हूं l

➡️🔥🌺वार्ड नंबर 22 में भी है आयोजन का स्वर्णिम 50 वर्ष🌺🔥⬅️

50 वर्ष से गौरा गौरी की सेवा वार्ड न 22 में स्व आनंद वारदे एवं उदला के द्वारा किया जा रहा है। पहले उदला के घर गौरा गौरी बनाया जाता था। बाद में 2023 से जे डी ऑफिस के पास लाया गया जिसमें वर्तमान में गौरा गौरी जन कल्याण युवा समिति के सभी युवा सदस्यों के द्वारा किया जा रहा है l जिसमे शिव शिशुपाल निषाद विनोद साहू रोहित साहू अशोक देवांगन संजीव भास्कर नरेंद्र निर्मलकर इंद्र कुमार साहू उमेश देवांगन रमेश पटेल महेश देवांगन जीवन साहू एवं साथियों  द्वारा सेवा किया जा रहा है।
जहां आज विसर्जन पर बस्तर के प्रसिद्ध  आंगा देव का आगमन हुआ था  ।

➡️🔥🌺लिटिल बर्ड स्कूल के पास पिछले 15 वर्षों से किया जा रहा है आयोजन🌺🔥⬅️

स्व. सुखदेव साहू , शुकदेव यादव रूपु निषाद राधा यादव पूनिया सेन नीरा साहू योगेश झा पुष्पा साहू छन्नू सेन शालिक राम मांझनु कोतवाल के द्वारा आज से 15 वर्ष पूर्व गौरी गौरा उत्सव की शुरुआत की गई थी l जिसे आज भी युवा वर्ग जारी रखे हुए हैं यह आयोजन बी एसपी स्कूल क्रमांक 2 एवं लिटिल बर्ड स्कूल के पास आयोजित होता है । इस उत्सव को पुराने पारंपरिक साज सज्जा के साथ बेहतरीन तरीके से यह उत्सव मनाया गया l

Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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