दल्ली राजहराशनिवार 11 अप्रैल 2026भोजराम साहू 9893 765541बालोद जिला का आदर्श ग्राम मेढ़की पिछली कुछ दिनों पहले चर्चा में रहा । गांव में भाईचारा और शांति बनाए रखने के लिए गांव वालों ने शराब बंदी का बेहतरीन विकल्प सर्वसम्मति से निकाला था । आज फिर क्षेत्र के सबसे बड़े समाज साहू समाज ने धर्म से भटके लोगों को विश्व हिंदू परिषद के सहयोग से घर वापसी कर एक बेहतरीन मिसाल पेश की है । साहू समाज के द्वारा कई ऐसे कुरीतियों को समाज से हटाकर नया परंपरा चालू किया गया है जहां पति की मृत्यु हो जाने पर माताओ और बहनों को सम्मान देने के लिए घर में चूड़ी उतारने,शादी विवाह आदि शुभ मौके पर सुहागन महिलाओं की तरह सम्मान देने । मृत्यु भोज पर सादा भोज या पूर्णतः खत्म करने के साथ ही ऐसे कई नियम समाज में लाए हैं जो की अन्य समाज के लिए भी अनुकरणीय है । सामूहिक आदर्श विवाह साहू समाज की ही देन है ।जिसे अन्य समाज अपना कर कम खर्चे में अपने बेटे और बेटियों का विवाह सादगी पूर्ण ढंग से संपन्न कर रहे हैं । साहू समाज की ही नि:शुल्क आदर्श विवाह की योजना को सरकार अपना कर निर्धन बेटे बेटियों के हाथ पीला करने में भी सहयोग करने में लगे हैं ।बालोद जिले में कर्मा जयंती पर ऐतिहासिक आयोजन किया गया जहां पर 10 जोड़ों का सामूहिक विवाह, 6 परिवारों की ‘घर वापसी’ संपन्न हुआ । जिले के ग्राम मेढ़की में भक्त माता मां कर्मा जयंती के अवसर पर एक भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अवसर पर तहसील साहू समाज द्वारा 10 जोड़ों का सामूहिक आदर्श विवाह संपन्न कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।सामूहिक विवाह समारोह में विश्व हिंदू परिषद, बालोद जिला संगठन के पदाधिकारियों ने सहभागिता निभाते हुए नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया तथा संगठन की ओर से सभी 10 नवदंपतियों को उपहार भेंट किए गए।कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण 6 धर्मांतरित परिवारों की ‘घर वापसी’ रहा। इन परिवारों ने ईसाई धर्म छोड़कर पुनः सनातन हिंदू धर्म को अपनाया। साहू संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने गंगाजल से उनके चरण पखारकर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवा गमछा पहनाकर उन्हें हिंदू धर्म में विधिवत वापस शामिल कराया। इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने तिलक लगाकर एवं रामायण ग्रंथ भेंटकर सभी परिवारों का स्वागत एवं सम्मान किया।हिंदू धर्म में पुनः वापसी करने वाले परिवारों में सुनील कुमार (शिकारी पारा, बालोद), रुपुराम साहू (बघमरा), श्रीमती हिरौदी साहू (बोड़की), श्रीमती मोनस साहू (हीरापुर), विभीषण साहू (हीरापुर) एवं तिलोक राम (हीरापुर) प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी ने कहा कि वे भूलवश अपने मूल सनातन धर्म से दूर हो गए थे, लेकिन अब अपनी सांस्कृतिक जड़ों से पुनः जुड़ने का संकल्प लिया है।समारोह में उपस्थित समाजजनों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता एवं सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में साहू समाज के साथ-साथ अन्य समाजों के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।इस अवसर पर प्रदेश साहू संघ अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू, तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष जितेंद्र साहू, प्रदेश संगठन सचिव डॉ. सुनील साहू, प्रदेश कोषाध्यक्ष गोपाल साहू, जिला साहू संघ अध्यक्ष महेंद्र साहू, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष पवन साहू, पूर्व विधायक प्रीतम साहू, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।वहीं, विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष बलराम गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल, जिला कोषाध्यक्ष राज सोनी, सह मंत्री उमेश कुमार सेन, मातृशक्ति संयोजक सत्य साहू, बाल संस्कार प्रमुख पूजा जैन, पुनीता मिश्रा, नगर अध्यक्ष तरुण राठी सहित अनेक पदाधिकारी एवं ग्रामीणजन कार्यक्रम में मौजूद रहे।कार्यक्रम के अंत में विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने साहू समाज की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज में जागरूकता एवं सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सफल प्रयास है ।Spread the lovePost navigationज.प्रा.शा. चिखलाकसा क्रमांक 1 में अंगना में शिक्षा /पढ़ाई तिहार का हुआ आयोजन ।