दल्ली राजहराबुधवार 15 अप्रैल 2026भोजराम साहू 9893 765541 लौह नगरी दल्ली राजहरा में कहा जाए तो चार तालाब है लेकिन उपयोग मात्र एक ही तालाब का हो रहा है बाकी तीन तालाब में से दो की स्थिति तो बद से बदतर हो गई है। राजहरा बाबा तालाबशिकारी बाबा तालाबवार्ड क्रमांक 7 का तालाबवार्ड क्रमांक 13 का तालाबदल्ली राजहरा के प्रथम नगर पालिका अध्यक्ष पूरोबी वर्मा के कार्यकाल में बने तालाब नगर पालिका अध्यक्षों की उदासीनता के कारण आज अपना अस्तित्व खोने को है । करोड़ों रुपया खर्च कर करने के बावजूद भी इन तालाबों की स्थिति दयनीय होती जा रही है।नगर पालिका का गठन होते ही शहर के विकास में तेजी लाने के लिए कई कार्य हुए जिसमें शहर में 4 तालाबों का निर्माण हुआ । वार्ड नंबर एक और दो के बीच राजहरा बाबा तालाब वार्ड नंबर 5 शिकारी बाबा वार्ड में शंकर तालाब , वार्ड नंबर 7 कॉलेज रोड के समीप और वार्ड नंबर 13 में भी एक तालाब बनाया गया।वार्ड क्रमांक 5 शिकारी बाबा वार्ड वार्ड नंबर 5 स्थित तालाब जिसे लोगो के बीच शंकर तालाब के नाम से जाना जाता है ।अपने दुर्दशा और गंदगी से अनुपयोगी होता जा रहा है ।वार्ड के पूर्व पार्षद चंपा साहू ने इस तालाब निर्माण पर प्रकाश डालते हुए बताई कि सन 2002 में डीएसपी रमेश शर्मा का आदेश आया कि राजहरा में तालाब बनाने के लिए उपयुक्त जमीन देखी जाए । इसके लिए तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष पूरोबी वर्मा ने दो तीन जगह चिन्हकित कर डीएसपी साहब को भेजी । उसमें डेम साइड शंकर तलाब और जाम कुआ था । मोहल्ले के पास में होने के कारण इस जगह को चिन्हकित किया गया । यह जगह पूर्व में नरसिंह बाड़ी के नाम से जाना जाता था। यह नरसिंह नाम के एक व्यक्ति का बाड़ी था उनका राजहरा से चले जाने के बाद यह जगह खाली था । इस जगह की सीएसपी मुकुल वार को जानकारी दिया गया । अप्रूवल मिलने पर राजहरा के सभी संस्थान तथा नगर पालिका अध्यक्ष पूरोबी वर्मा , वार्ड नंबर 15 के आशा नियोगी ने अपने मोहल्ले वासियों तथा स्कूल के बच्चों को भी लेकर इस निर्माण कार्य के लिए आगे आए । बीएसपी के माइंस मैनेजर, कर्मचारी ,दुर्गा समिति के सदस्य सभी ने बढ़-चढ़कर श्रमदान किया।जिसमें यह तालाब का निर्माण हुआ । नगर पालिका की ओर से पुरोबी वर्मा ने स्वर्गीय आलोक माथुर को टेंडर देकर इस तालाब का 2002 में बाउंड्री वाल बनवाया । 22 साल हो चुके हैं नगरपालिका की ओर से ऐसा कुछ भी काम इस तालाब में नहीं हुआ है जिसकी तारीफ किया जा सके। यह तालाब प्राकृतिक जल स्रोत से बना है। जाम कुआं से अंदर ही अंदर पानी यहां आकर रुकता है । अगर पानी पूरी तरह से खाली कर दिया जाए तो 5 दिन के अंदर तलाब पूरी तरह से भर जाता है। वर्तमान में तालाब के बीचो बीच भगवान शंकर की मूर्ति स्थापित है। तलाब के बाएं ओर गाद और मिट्टी भरने से आधा हिस्सा पूरी तरह सुख गया है दाएं तरफ पानी है वह भी गंदगी के कारण मटमैला हो गया है। तलाब में पढ़ने वाले कुछ डिस्पोजल पूजा के धूप के कारण गंदा नजर आता है । सबसे दुखद बात यह है कि वार्ड नंबर दो और पांच के महिलाएं जिनके घर में स्नानघर नहीं है। वह नहाने के लिए इस तालाब का उपयोग करते हैं । पूर्व पार्षद चंपा साहू ने बतलाई कि इस जगह पर महिलाओं को कपड़ा बदलने के लिए एक चेंजिंग रूम की अति आवश्यक है। इस संबंध में मैंने कई बार नगर पालिका में जानकारी दी है। फिर भी नगरपालिका की ओर से अभी तक निर्माण नहीं कराया गया है। वर्तमान समय में तरह-तरह के मोबाइल आ चुके हैं। कई बार देखा जाता है कि मंदिर के सामने लड़के लोग बैठे रहते हैं और महिलाएं नहाते रहती है। कभी भी इन लोग मोबाइल या कुछ भी माध्यम से फोटो खींचकर महिलाओं को ब्लैकमेल भी कर सकते हैं। इस परिस्थिति को देखते हुए नगर पालिका से तथा नगरपालिका अधिकारी से आग्रह किया है कि जितनी जल्दी हो सके महिलाओं की चेंजिंग रूम तथा तालाब की पुन: सफाई कराएं तथा वहां भरे हुए गाद मिट्टी को निकलवाये। जिससे प्राकृतिक जल स्त्रोत फिर से वहां भर सके और लोगों के उपयोग के लायक बन सके।वार्ड नंबर एक और वार्ड क्रमांक दो का राजहरा बाबा तालाब इसी तरह वार्ड नंबर 1 और 2 के बीच बना राजहरा बाबा का तालाब है राजहरा का सबसे बड़ा तालाब राजहरा बाबा तालाब अपनी दुर्दशा का आंसू बहा रहा है । वार्ड नंबर एक और दो के निवासी मृत्यु संस्कार में नहावन के कार्यक्रम के लिए इसी तालाब का उपयोग करते हैं तथा आसपास के रहने वाले महिला पुरुष यहां स्नान करने के लिए आते हैं । नगर में होने वाले गणेश उत्सव दुर्गा उत्सव जवारा आदि का विसर्जन भी इस तलाब में किया जाता है । उत्सव से हुए गंदगी मूर्तियों के अवशेष कपड़ा सजावट के समान रंग पैरा लकड़ी से तालाब का पानी गंदा हो जाता है । अच्छा होता यदि नगर पालिका की ओर से जल संरक्षण में भी विशेष ध्यान दिया जाता । तलाब की चौड़ीकरण महिलाओं के कपड़ा बदलने के लिए एक नगर पालिका की ओर से एक रूम बना दिया जाते तलाब के चारों ओर विद्युत व्यवस्था हो जाता। राजहरा बाबा तालाब के नाम से नगर पालिका की ओर से लगभग एक करोड़ रुपिया खर्चा किया जा चुका है । सोचने वाली बात यह है एक करोड रुपया गया तो गया कहां।कॉलेज रोड वार्ड नंबर 7 का तालाब सबसे बड़ा क्षेत्रफल और सबसे ज्यादा दुर्दशा वाला कोई तालाब है तो वह है कॉलेज के पास वाला यह तालाब । एक विशाल जगह पर बनाया यह तालाब पूरी तरह घास और गाद से पट चुका है । तालाब के गाद , घास ,चितावर को निकाल कर सफाई कर दिया जाए और गहरी करण कर दिया जाय । तो तालाब बनाने का वजह सार्थक हो सकता है । तालाब बनाने की जिन्होंने परिकल्पना की थी उनका सोच बेहतरीन था लेकिन देखरेख के अभाव में तालाब की स्थिति बदतर हो गई है । हर साल नगर पालिका की ओर से करोड़ों की बजट शहर के विकास के लिए लगाया जाता है फिर भी राजहरा के तालाबों का विकास क्यों नहीं हुआ । वार्ड नंबर 13 का तालाबवार्ड नंबर 13 का तालाब जिस उद्देश्य से बनाया गया था वह पूरी तरह से फिसड्डी साबित हुआ है यह बस पशु नहलाने का काम आ रहा है।आसपास के रहने वाले लोग यहां मूर्ति विसर्जन करते हैं । दलदल गंदगी बेशरम आदि से तालाब पट चुका है ।Spread the lovePost navigation“अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने प्रशासन सतर्क, जिले वासियों से सहयोग करने की अपील । “:– दिव्या उमेश मिश्रा (कलेक्टर जिला बालोद )