दल्ली राजहरारविवार 03 मई 2026भोजराम साहू 9893 765541 ज्ञानेन्द्र सिंह [अध्यक्ष हिंदुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन (सीटू) ] ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि खदान के नियमित एवं ठेका श्रमिकों की 25 सूत्रीय मांगों को लेकर विगत अप्रैल महीने में सीटू यूनियन द्वारा चलाए गए तीन दिवसीय आंदोलन के बाद प्रबंधन ने 1 मई को सीजीएम कॉन्फ्रेंस हाल में एक बैठक बुलाई थी।इस बैठक में प्रंबधन पक्ष से आर बी गहरवार मुख्य महाप्रबंधक खदान, सेक्टर 9 हास्पिटल से राजहरा माइंस अस्पताल प्रभारी डाक्टर कौशलेन्द्र ठाकुर,नगर प्रशासक मंगेश शेलकर,गिरीश मढा़रिया उप प्रंबधक कार्मिक, शैलेश पटनायक सहायक प्रबंधक कार्मिक एवं लेबर ऑफिसर द्वय रतीश मिश्रा एवं एमडी चंद्राकर तथा यूनियन की ओर से अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह, सचिव पुरुषोत्तम सिमैया संगठन सचिव प्रकाश क्षत्रिय, समेत अन्य 10 प्रतिनिधि उपस्थित थे । बैठक में सभी मांगों पर सिलसिलेवार चर्चा हुई। माइंस अस्पताल को सुधारने की कोई इच्छा शक्ति नहीं। सबसे पहले अस्पताल के मुद्दे पर चर्चा करते हुए यूनियन ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि हमें राजहरा माइंस अस्पताल में पूर्व की तरह सभी विशेषज्ञ डॉक्टर नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ सहित सभी सुविधाएं की आवश्यकता है। जिस पर अस्पताल प्रभारी डॉक्टर कौशलेंद्र ठाकुर ने कहा कि राजहरा माइंस अस्पताल में स्पेशलिस्ट डॉक्टर दे पाना संभव नहीं है , और हम इस पर कोई भी आश्वासन नहीं दे सकते हैं। इसी तरह नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ वार्ड बॉय, लैब टेक्नीशियन, एक्सरे टेक्नीशियन इत्यादि के बारे में भी उन्होंने कहा कि सेक्टर 9 से यहां पर कोई पदस्थापना नहीं की जा सकती है। आउटसोर्स के माध्यम से कुछ विचार किया जा सकता है। कुल मिलाकर उनकी बातों से यह स्पष्ट हो गया कि राजहरा माइंस अस्पताल के वर्तमान हालात में सुधार के लिए प्रबंधन के पास कोई योजना और इच्छा शक्ति नहीं है । टाऊन शिप की बर्बादी मंजूर पर यूनियन का सुझाव नहीं मानेंगे। टाउनशिप के मुद्दे पर उपस्थित नगर प्रशासक मंगेश शेलकर से टाउनशिप की हालत में सुधार की मांग की गई जिस पर रिटेंशनधारियों के आवास की समस्या समाधान के लिए सीजीएम साहब ने कुछ सुझावों को रखा जिसे यूनियन ने भी स्वीकार किया। लेकिन खंडहर होते आवासों को बचाने के लिए सब्जेक्ट टू वेकेशन चालू करने, ठेका मजदूरों को टाउनशिप में आवास आवंटन, अवैध आवासधरियों पर प्रभावी कार्यवाही, के विषय पर प्रबंधन ने कोई सकारात्मक बात नहीं कही । इसी तरह टाउनशिप के आवासों के रखरखाव एवं मेंटेनेंस के मामले में भी प्रबंधन का रवैया पूर्व की भांति टरकाऊ ही रहा।नियमित कर्मचारियों के लाभों और सुविधाओं में कटौती। नियमित कर्मचारियों के नाम फाइनेंशियल रिवॉर्ड स्कीम के संबंध में सीजीएम साहब ने कहा कि स्कीम बनकर तैयार है बस इसे लागू करने की तिथि पर निर्णय लिया जाना है यह स्कीम ट्रायल बेसिस पर केवल एक माह के लिए फिलहाल लागू की जाएगी। डंपर,डोजर एवं शावेल ऑपरेटरों को एक्सेलरेट प्रमोशन के मुद्दे पर कार्मिक विभाग का रवैया पूरी तरह नकारात्मक है।उन्होंने कहा कि अब ऐसे कर्मचारियों को एक्सेलरेट प्रमोशन देने का ना तो कोई सिस्टम है और ना ही इसकी जरूरत है। एक्सटेंडेड क्लस्टर में कार्यरत कर्मियों के प्रमोशन के मुद्दे पर भी कार्मिक विभाग ने कहा कि अब नई प्रमोशन पालिसी लागू होने के बाद ही ऐसी समस्याओं का कुछ हद तक निराकरण किया जा सकता है, अन्यथा कोई रास्ता नहीं है. इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर परीक्षा पास किए हुए विभागीय कर्मियों के लिए अतिरिक्त इंक्रीमेंट एवं एक्सेलरेट ग्रोथ देकर प्रतिस्थापन किए जाने के मामले में भी कार्मिक विभाग का रवैया बेहद खराब रहा उन्होंने स्पष्ट किया की कोई अतिरिक्त लाभ नहीं दिया जा सकता है, और उन्हें इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर की आवश्यकता नहीं है ।खदानों में रेस्ट रूम कैंटीन इत्यादि में भीषण गर्मी में कूलर की कमी, ठंडा एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था जैसी बुनियादी मांगों पर भी को भी बेहद हल्के ढंग से चर्चा की गई तथा इन्हें उपलब्ध कराने के लिए चलता फिरता आश्वासन दिया गया। यूनियन से कहा गया कि ऐसे स्थानों के लिस्ट सौंपे जहां पर कूलर और पेयजल की सही व्यवस्था नहीं है । इस पर यूनियन ने कहा कि यह काम कार्मिक विभाग का है, लेबर ऑफिसर के माध्यम से सभी जगह की सही जानकारी प्राप्त कर पूर्व की तरह पहले से ही इन बुनियादी सुविधाओं की आपूर्ति की जानी चाहिए। लेकिन प्रबंधन अब इन कामों को अपने प्रबंधकीय कार्य का हिस्सा नहीं समझता है । जब मांग उठाएंगे तो सोचा जाएगा अन्यथा श्रमिक जिस भी हाल में है प्रबंधन को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। ठेका मजदूरों पर बदला प्रबंधन का नजरिया।कल तक प्रबंधन कहीं न कहीं ठेका मजदूरों को अपना अप्रत्यक्ष कर्मचारी मानते हुए उत्पादन में उनके योगदान के आधार पर उन्हें भी कुछ अतिरिक्त लाभ व सुविधाएं देने पर मानवीय दृष्टिकोण से विचार कर लेती थी। लेकिन अब प्रबंधन केवल नियम व कानून के आधार पर ही ठेका व्यवहार करना चाहती है।ठेका मजदूरों के लिए उठाई गई माइंस भत्ते और नाइट शिफ्ट एलाउंस बढ़ाने की मांग पर प्रबंधन ने इस पर परीक्षण करने की बात कही है , साथ में उन्होंने जोड़ा की सेल के अन्य यूनिटों में अगर ये भत्ते नहीं दिए जा रहे हैं तो फिर यहां क्यों बढ़ाया जाए। यूनियन से एक समझौते के अंतर्गत ठेका मजदूरों को प्राप्त मेडिकल सुविधा में आईपीडी सुविधा को प्रारंभ करने की मांग पर कार्मिक विभाग का रवैया बेहद उदासीन है। सालों बाद वह यह स्पष्ट कर पाए की बीमा कंपनियों के माध्यम से आईपीडी सुविधा देने का जो प्रयास किया गया था वह सफल नहीं रहा। अन्य विकल्पों पर कोई ठोस योजना प्रबंधन के पास नहीं है। कुल मिलाकर ठेका मजदूरों के आईपीडी सुविधा का मामला अधर में है। इसी तरह सभी ठेका श्रमिकों को ग्रेज्युटी दिए जाने की मांग पर प्रबंधन ने ग्रेज्युटी एक्ट के नियमों का हवाला देते हुए नॉन टीएल ठेका श्रमिकों को ग्रेच्युटी देने पर परेशानी महसूस की।डीएव्ही स्कूल में ठेका श्रमिकों के बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर एडमिशन और फीस में कमी के मामले में भी प्रबंधन के पास कोई ठोस योजना नहीं है। इस बैठक के बाद यूनियन द्वारा किए गए विश्लेषण में यह बात उभर कर सामने आ रही है कि अब प्रबंधन का जो रवैया है, उसमें नए श्रम कानूनों एवं उच्च प्रबंधन की श्रमिक विरोधी झलक साफ दिखाई दे रही है। अब आगे और बडे आन्दोलन की तैयारी।यूनियन अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि बैठक में प्रबंधन का जो रवैया था ऐसा उन्होंने पिछले 30 सालों में कभी नहीं देखा । बेहद टरकाऊ ढंग से मुद्दों पर चर्चा हुई और अधिकांश मांगों पर प्रबंधन की ओर से या तो नियम कानून का हवाला दिया गया या फिर आवश्यकता ना होने की बात कही गई। कहीं पर भी श्रमिकों के प्रति सहानुभूति,लगावऔर उनके योगदान को मान्यता देने की स्वीकृति नहीं आई ।यूनियन के सचिव पुरषोत्तम सिमैया ने कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। इससे स्पष्ट हो रहा है कि प्रबंधन यहां के नियमित और ठेका कर्मचारियों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने को भी आर्थिक बोझ के रूप में देख रही है। प्रबंधन की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया कि उच्च प्रबंधन केवल उत्पादन को ही अपना बिजनेस मानता है। अस्पताल, स्कूल, टाउनशिप,कार्यस्थल के हालात ये सब प्रबंधन की प्राथमिकता में नहीं हैं।यूनियन के संगठन सचिव प्रकाश क्षत्रिय ने कहा कि इन सब परिस्थितियों में अब आगे हम तीसरे चरण के आन्दोलन में जाने के लिए बाध्य है। जिसकी तैयारी आज मजदूर दिवस से ही प्रारंभ कर दी गई है।अब हम हर स्तर पर आन्दोलन को ले जाकर बड़ा जन आन्दोलन खडा करेंगे। Spread the lovePost navigationसंयुक्त खदान मजदूर संघ दल्ली राजहरा का मजदूर दिवस के अवसर पर विशेष आयोजन । विश्व शांति के अग्रदूत महा कारुणिक तथागत गौतम बुद्ध की 2570 वीं जयंती समारोह सम्यक बौद्ध महासभा द्वारा हर्षोल्लास पूर्वक मनाई गई।