दल्ली राजहरा
मंगल वार 19 मई 2026
भोजराम साहू 9893 765541
 छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा/छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ दल्ली राजहरा ने अनुविभागीय दंडाधिकारी दल्ली राजहरा को बालोद कलेक्टर महोदया के नाम और बीएसपी प्रबंधक को डीजल की आपूर्ति न होने से ठेका कर्मीयो के काम प्रभावित होने के सम्बन्ध में सौंपा ज्ञापन जिसमें श्रमिक संघ ने बीएसपी के बंधक खदानों में ईंधन की पूर्ति न होने से ठेका कर्मीयो के काम बंद होने पर नाराज़गी जताई, धरना प्रदर्शन शहीद स्तंभ कार्यालय मुक्ति मोर्चा से बाइक रैली के माध्यम से हुआ जो माइंस ऑफिस से पैदल रैली में परिवर्तन हुआ कार्यक्रम में ठेका कार्य के मजदूरों साहित महिला ,पुरुष, युवाओं की सैकड़ों की संख्या शामिल हुई।

छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष व पूर्व विधायक श्री जनक लाल ठाकुर जी ने ठेका कर्मीयो के काम बंद होने पर विरोध जताया और कहा कि भारत सरकार के सार्वजनिक उपक्रम व देश के पैमानें पर सबसे बड़े स्टील उत्पादक भिलाई इस्पात संयत्र के अन्तर्गत राजहरा खान समूह के बंधक खदानें दल्ली, राजहरा, झरनदल्ली, महामाया, में आयरन ओर उत्खनन व परिवहन का कार्य कई वर्षों से लगातार जारी रहा है, और उक्त कार्यों में हजारों श्रमिक कार्यरत है, परन्तु अभी कुछ दिनों से परिवहन कार्यों में लगे वाहनों को डीजल की आपूर्ति नही की जा रही है, जिससे खदानों में आयरन ओर उत्खनन व परिवहन का कार्य बंद कर दी गयी है, जिससे हजारों श्रमिक व उनके परिवारों पर रोजी-रोटी की विकट समस्या उत्पन्न हो गयी है, अगर सही में डीजल की समस्या है तो सभी क्षेत्रों के लिए होना चाहिए केवल बीएसपी के बंधक खदानों को क्यों समस्या हो रही है जबकि आस पास के प्राइवेट सेक्टर जैसे कच्चे,गीधाली का कार्य चालू है।
छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उइके सरकार का पुरजोर विरोध किया एक तरफ देश के प्रधानमंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री भी मीडिया के माध्यमों से बयान कर रहे है, देश में डीजल / पेट्रोल की भंडारण में कोई कमी नही है, पर्याप्त मात्रा में ईधन उपलब्ध है। दूसरी पेट्रोल पम्पों लम्बी-लम्बी कतारें देखी जा रही है, और कहीं-कहीं पेट्रोल/डीजलों की सेन्टरों में पेट्रोल/डीजल नहीं है, के बोर्ड लगा दिये गये है। जबकि प्राइवेट सेक्टर के परिवहन कार्यों में लगे वाहनों को आसानी से पेट्रोल / डीजल की आपूर्ति व जा रही है, और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में पेट्रोल/डीजल की आपूर्ति नही होनें के कारण खदानें बंद पड़ी है, औ खदान कार्य में लगे हजारों श्रमिक बेरोजगार बैठे है, इससे यह प्रतीत हो रहा है, कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों क उत्पादन में गिरावट / कमी दिखाकर कहीं सार्वजनिक उपक्रमों को निजी पूँजीपति वर्ग के हाथों में बेचनें का षड़यंत्र तो नहीं है.?
श्रमिक संघ के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र साहू ने इसे मजदूरों को बेरोजगार करने का षड़यंत्र बताया बीएसपी प्रबंधक और शासन प्रशासन मिलकर जानबूझ कर दल्ली राजहरा के खदानों में ईंधन बाधित कर रही है, एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी बीएसपी प्रबंधन द्वारा मजदूरों व यूनियनों को किसी भी प्रकार की चर्चा करना व सूचना देना भी जरूरी नहीं समझा,ठेकेदार के द्वारा केवल सूचना कार्य स्थल पर चस्पा कर दिया गया है केवल सार्वजनिक उपक्रम क्षेत्र के लिया डीजल की किल्लत है पर प्राइवेट कंपनिया कैसे चल रही है उनके पास कहा से डीजल की पूर्ति हो रही है मतलब साफ शासन प्रशासन इसमें भी प्राइवेट कंपनी को बढ़ावा दे रही है, और सार्वजनिक उपक्रम कंपनी को खत्म करने के फिराक में है।

शैलेश बम्बोडे _ ठेका कर्मीयो का काम बंद होने पर गुस्सा जताया और कहा कि कार्य स्थल पर केवल “नो वर्क नो पेमेट” का सूचना लगाना उचित नहीं है, मजदूर इसे स्वीकार नहीं करते ये परेशानी मजदूरों की वजह से नहीं आई है, ठेकदार और बीएसपी प्रबंधक इस परेशानी का हाल निकाल नहीं पाये इसीलिए ये मुसीबत मजदूरों के ऊपर डाला जा रहा है, जबकि कोविड जैसे महामारी के समय भी कार्य क्षेत्र में किसी प्रकार का ईंधन बाधित नहीं हुआ था मजदूरों काम चल रहा था, अनुविभागीय दंडाधिकारी सुरेश साहू से इन्होंने इस बारे में रास्ता निकालने का आग्रह किया।

छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ/छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने आने वाले दिनों में इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो हमे मजबूरन रोड में उतरकर उग्र आंदोलन करने और निजी और सार्वजनिक क्षेत्रो को बंद करने से पीछे नहीं हटने और पूर्ण रूप से चक्काजाम की चेतावनी दी है। इस धरना प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उइके, कोषाध्यक्ष राजाराम बरगद, महामंत्री रामचरण नेताम, संगठन मंत्री तुलसी कोला, शैलेश बम्बोडे कोषाध्यक्ष राजाराम बरगद, महामंत्री रामचरण नेताम, संगठन मंत्री तुलसी कोला,राजेश, राधे,महेश, हितेश, तिलक, जोगेंद्र,संतोष, नम्मू, युवा साथियों में रवि, पिंटू यूके रूपेश,विक्की रामटेके, त्रिवेंद्र, बंटी, पन्ना, संतोष, कृष्णा,सभी पदाधिकारियों और महिला मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारी सावित्री जगनायक, जोहतरीन बाई,व अन्य पदाधिकारी भी शामिल हुए ।

हमारी संगठन छत्तीसगढ माइंस श्रमिक संघ / छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा की माँगें निम्नानुसार है:-

(1) खदानों में आयरन ओर परिवहन के लिए पर्याप्त मात्रा में वाहनों को डीजल उपलब्ध कराया जाय।

(2) कार्य से बैठे श्रमिकों को खदानों के कार्य पूर्ववत चालू कर श्रमिकों को तत्काल कार्य उपलब्ध करायी जाय।
(3) खदानों में श्रमिकों को कार्य बंद किये गये दिनों का वेतन भुगतान के समय किसी प्रकार की दोहरी नीति न अपनायी जाय।

           (छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा का शासन से प्रश्न)
प्राइवेट सेक्टर के खदाने में ईंधन पर्याप्त मात्रा में कैसे उपलब्ध है ।
केवल राजहरा के बंधक खदानों में ईंधन की पूर्ति क्यों नहीं हो रही है ।
प्रधानमंत्री और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री कह रहे है कि पेट्रोल डीजल पर्याप्त मात्रा में है तो पेट्रोल डीजल पंप में ईंधन क्यों नहीं है लंबी कतरे क्यों ।
आने वाले दिनों में मजदूरों का काम चालू नहीं हुआ तो मजदूरों के पूरे परिवार के साथ चक्काजाम करने की चेतावनी_जनक लाल ठाकुर ।

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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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