
दल्ली राजहरा
गुरुवार 29 जनवरी 2026
भोजराम साहू 98937 65541
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा/जिला किसान संघ बालोद ने वर्तमान में धान खरीदी की वर्तमान स्थिति को देखते हुए धान खरीदी की समयावधि बढ़ाए जाने की मांग रखी है,अभी वर्तमान में सैकड़ों किसानों का धान नहीं बिका है और धान मंडियों में खरीदी रोक दिया गया है, और जबरदस्ती रकबा समर्पण करवाया जा रहा है।

किसानो का धान नहीं बिकाने से किसान चिंतित है परेशान है,किसानो को आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है,छोटे व सीमांत किसानों का धान रुकने से किसान मानसिक रूप से परेशान होकर इधर उधर दफ्तर के चक्कर काट रहे है।

छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री जनक लाल ठाकुर ने सरकार के रकबा समर्पण की नीति का विरोध किया और कहा कि जब राज्य सरकार ने 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान का मानक तय किया है तो रकबा समर्पण क्यों करवाया जा रहा है, और जब बालोद जिले में प्रति एकड़ धान 21 क्विंटल हुआ ही नहीं है तो प्रति एकड़ धान की पूर्ति शासन कैसे कर रही है, बालोद जिले में प्रति एकड़ 11 से 14 क्विंटल धान हो रहा है, मतलब साफ धान खरीदी में गड़बड़ी है ।

अभी मानक आंकड़े तक खरीदी हुआ ही नहीं ऐसे में धान खरीदी रुकवा देना कहा उचित ऑनलाइन टोकन में पहले ही समस्या आई जिसके कारण सीमांत किसानों को धान बेचने में समस्या उत्पन्न हो रहा है तकनिकी समस्या के कारण आज किसानो का धान नहीं बिक पाया और आज सरकार बिना सर्वे किए धान खरीदी रुकवा दे रही है ।
कम से कम गांव में कितने किसानो का धान नहीं बिका इसकी जानकारी मंडी समितियों को लेना चाहिए ,छोटे छोटे किसान जो गांव में ही उधारी करके जीवन चलाते उनके सामने समस्या आ खड़ी है, खाद, बीज, ट्रैक्टर, बुवाई, दैनिक जीवन की खर्चों के लिए धान की बिक्री पर निर्भर रहता है ऐसे में धान नहीं बिक पाने से किसान खासे चिंता में है ।





