कबीरधामकवर्धाछत्तीसगढ़डौंडीदल्लीराजहराबालोदविविध

“ईरान में युद्ध विराम के साथ विश्व में शांति स्थापित करने की अपील ।”:– छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा

दल्ली राजहरा

गुरुवार 12 मार्च 2026

भोजराम साहू 9893 765541

 

 छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा और छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ, दल्ली राजहरा ने ईरान पर लगातार हो रहे हमलों तथा ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व को निशाना बनाने की घटनाओं की कड़ी निंदा की है और विश्व स्तर में शांति स्थापित करने की अपील किया,संगठन ने कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता और अखंडता पर हमला करना कायरतापूर्ण कृत्य है और वर्तमान में यही रणनीति अमेरिका और इजराइल द्वारा अपनाई जा रही है।

संगठन ने आरोप लगाया कि अमेरिका की नीतियां उपनिवेशवादी विचारधारा से प्रभावित हैं, जो अपने हितों की पूर्ति के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं। हाल के वर्षों में विश्व राजनीति में इस प्रकार की घटनाएं बढ़ी हैं। संगठन के अनुसार, ईरान पर हो रहे हमलों में अब तक लगभग 1200 लोगों की मौत और करीब 10 हजार लोगों के घायल होने की खबरें सामने आई हैं। तेल डिपो और रिफाइनरियों पर हमलों के कारण भारी आर्थिक क्षति के साथ-साथ पर्यावरणीय संकट भी पैदा हो रहा है। कई स्थानों पर लगी आग से जहरीला धुआं फैलने की आशंका है, जिससे जलवायु और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उइके ने कहा कि युद्ध की परिस्थितियों में भी अंतरराष्ट्रीय मानवीय नियमों का पालन किया जाना चाहिए। नागरिक क्षेत्रों और आवासीय इलाकों पर हमला करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि तेल रिफाइनरियों में लगी आग के कारण गैस पाइपलाइन प्रभावित होने से कई आवासीय क्षेत्रों में आग फैलने की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव António Guterres ने भी इस संघर्ष की निंदा करते हुए दोनों पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने की अपील की है, लेकिन उनकी अपील को नजरअंदाज करना चिंताजनक है।

 

 

संगठन के उपाध्यक्ष शैलेश बंबोडे ने कहा कि भारत सरकार की इस मुद्दे पर चुप्पी सवाल खड़े करती है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मामलों पर सक्रिय रूप से अपनी राय रखने वाला भारत इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर स्पष्ट रुख क्यों नहीं अपना रहा है।

वहीं छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर ने कहा कि ईरान भारत का मित्र राष्ट्र रहा है और भारत लंबे समय से वहां से पेट्रोलियम संसाधन प्राप्त करता रहा है। ऐसे में पड़ोसी और मित्र देश पर हमला होना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि भारत को शांति और कूटनीतिक समाधान की दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
संगठन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा प्रभाव आम नागरिकों पर पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका रहती है, जिसका असर आम लोगों के जीवन पर पड़ता है।
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा और छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के तमाम संगठनों, बुद्धिजीवियों, विद्यार्थियों, किसान संगठनों, मजदूर संगठनों, महिला संगठनों और सभी सामाजिक समुदाय , शिक्षा जगत के बुद्धिजीवियों और विशेषकर युवाओं से अपील करता कि वे विश्व में शांति बनाए रखने और युद्ध जैसी परिस्थितियों को रोकने के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीकों से अपनी आवाज उठाएं।
संगठन ने कहा कि छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा, छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ तथा जिला किसान संघ बालोद इस मुद्दे पर शांति और न्याय के पक्ष में सभी संगठनों के साथ खड़े हैं।

Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!