चिखलाकसा/दल्लीराजहरा:
निर्मला इंग्लिश मीडियम स्कूल को कर चुकता प्रमाण पत्र के बिना भवन अनुज्ञा प्रमाण पत्र जारी किए जाने के मामले में जांच की मांग उठाई गई है। इस मुद्दे को लेकर इब्राहिम ने उपमुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, मा. अरुण साव जी से मुलाकात की और इस प्रकरण में जांच टीम गठित करने का अनुरोध किया।

इब्राहिम ने जानकारी दी कि दिनांक 19 सितंबर 2018 को उनके द्वारा संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें स्कूल पर बकाया टैक्स राशि ₹9,67,184 वसूली का अनुरोध किया गया था। चिखलाकसा नगर निकाय में राजस्व की कमी के बावजूद, संबंधित अधिकारी द्वारा स्कूल को बिना बकाया टैक्स जमा किए भवन अनुज्ञा प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया गया। आम नागरिकों को संपूर्ण टैक्स जमा करने के बाद ही यह प्रमाण पत्र मिलता है, ऐसे में अधिकारी पर विशेष लाभ प्राप्त करने का संदेह व्यक्त किया गया है।

निशुल्क शिक्षा अधिनियम का उल्लंघन:
इब्राहिम ने यह भी कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत निजी विद्यालयों को गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान करनी होती है। 2011 के सर्वेक्षण के अनुसार यह नियम लागू है, लेकिन निर्मला इंग्लिश मीडियम स्कूल इस पर अमल नहीं कर रहा है। गरीब बच्चों को प्रवेश देने से वंचित किया जा रहा है।

भूमि सीमांकन की मांग:
उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल चिखलाकसा की भूमि पर स्थित है लेकिन संचालन दल्लीराजहरा के नाम से किया जा रहा है। इससे भूमि विवाद की संभावना पैदा हो रही है। उन्होंने स्कूल की भूमि का सीमांकन कराने और आसपास की संभावित अतिक्रमित जमीन की जांच की मांग की।

उपमुख्यमंत्री का आश्वासन:
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर पार्षद संगीता साहू, लीला डसेना, विमला जैन सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। अरुण साव जी का सम्मान गजमाला पहनाकर किया गया।

यह मुद्दा अब जांच के दायरे में है और जल्द ही प्रशासनिक कार्रवाई होने की उम्मीद है।

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