
दल्ली राजहरा
शुक्रवार 16 जनवरी 2025
भोजराम साहू 9893 765541
ज्ञानेंद्र सिंह (अध्यक्ष हिंदुस्तान स्टील इंप्लाइज यूनियन ) ने प्रेस विज्ञप्तिि जारीकर बताया कि विगत कई वर्षों से खदान के नियमित एवं ठेका कर्मचारियों की जायज मांगों पर लेकर प्रबंधन के उदासीन एवं नकारात्मक रवैया से आक्रोशित खदान के ठेका एवं नियमित कर्मचारियों ने सीटू के नेतृत्व में आज माइंस आफिस के सामने विशाल प्रदर्शन किया एवं प्रबंधन को चार्टर ऑफ डिमांड सौंपा ।
उल्लेखनीय है कि खदान में कार्यरत नियमित कर्मचारियों की सुविधाओं में लगातार की जा रही कटौती और ठेका मजदूरों के शोषण के खिलाफ कई बार प्रबंधन से चर्चा और बैठक करने के बावजूद प्रबंधन के उदासीन व टरकाऊ रवैया जारी रहने के कारण एवं समस्याओं को केवल आश्वासनों तक सीमित रखने, के विरुद्ध आज 16 जनवरी को खदान कार्यालय के सामने सीटू के नेतृत्व में सैकड़ो खदान कर्मियों ने विशाल प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर खदान प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा एक बड़ा चार्टर ऑफ डिमांड मुख्य महाप्रबंधक खदान को सौंपा ।

➡️💥🔥ज्ञानेंद्र सिंह (अध्यक्ष हिंदुस्तान स्टील प्राइस यूनियन सीटू)🔥💥⬅️
ने प्रदर्शनकारीयों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों से बीएसपी व खदान प्रबंधन का रवैया नियमित एवं ठेका कर्मियों के प्रति बेहद उदासीन हो गया है, नियमित कर्मचारियों से संबंधित मेडिकल सुविधा, टाउनशिप सुविधाओं में लगातार कटौती की जा रही है,। इसी तरह ठेका श्रमिकों की जायज मांगों को लेकर भी लगातार हीला हवाली करते हुए मामलों को टाला जा रहा है । जिससे खदान के नियमित एवं ठेका कर्मचारी बेहद आक्रोशित हैं। उन्होंने कहा कि राजहरा माइंस हॉस्पिटल की बिगड़ी व्यवस्था ने अब हमें प्रत्येक माह की एक तारीख को शिविर में इलाज कराने पर मजबूर कर दिया है , जो कि एक महारत्न कंपनी के लिए अच्छी बात नहीं है । इसी तरह माइंस के कर्मचारियों को भिलाई रेफलर के मामले में अघोषित पाबंदी लगा दी गई है, जिससे कर्मचारी सेक्टर 9 हॉस्पिटल इलाज के लिए भी आसानी से नहीं जा पा रहे हैं। यह सब खर्चे में कटौती के नाम पर किया जा रहा है।जो किसी भी हालत में हमें मंजूर नहीं है।
➡️🔥💥पुरुषोत्तम सिमैया (सचिव हिंदुस्तान स्टील एंप्लाइज यूनियन सीटू ) 💥🔥⬅️
ने कहा कि राजहरा टाउनशिप में क्वार्टरों के रखरखाव मरम्मत का काम भी सही ढंग से नहीं हो रहा है । कर्मचारी, बिना पंखे के , टपकते आवासों में रहने के लिए मजबूर हैं।साफ सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट है। टाउनशिप में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे एवं अतिक्रमण को हटाने की कोई स्थाई व्यवस्था नहीं है । टाउनशिप में बढ़ती चोरी की घटनाओं के लिए भी प्रबंधन द्वारा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है । खाली पड़े आवासों के संबंध में प्रबंधन द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है । ऐसे आवास अवैध कब्जे की भेंट चढ़ गए हैं। कई बार मांग करने के बावजूद खाली आवासों को ठेका मजदूरों को भी आवंटित नहीं किया जा रहा है । एक तरफ प्रबंधन सेवानिवृत कर्मचारियों के रिटेंशन को खत्म कर रहा है, तो दूसरी तरफ बड़े पैमानों पर खाली पड़े आवासों की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। नियमित कर्मचारियों को वर्षों पुरानी सीनियरिटी लिस्ट के माध्यम से आवास आवंटन किया जा रहा है जिससे जूनियर कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्षों से लंबित नान फाइनेंशियल रिवॉर्ड स्कीम को ईद का चांद बना दिया गया है ।जिसका लॉलीपॉप हर बैठक में दिया जाता है। इस तरह प्रबंधन उत्पादन में कर्मचारियों के योगदान को अघोषित रूप से अमान्य ही कर रहा है।




