
दल्ली राजहरा
सोमवार 26 जनवरी 2026
भोज राम साहू 98937 65541

छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा/छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ और महिला मुक्ति मोर्चा दल्ली राजहरा ने हर्षौल्लास के साथ मनाया 77 वा गणतंत्र दिवस मनाया गया ।मोर्चा के मुख्य कार्यालय में सुबह ध्वजारोहण का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसको छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर और छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उइके और सहयोगी के रूप में माइंस श्रमिक संघ के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र साहू, कोषाध्यक्ष राजाराम बरगद, शैलेश बंबोडे, संगठन मंत्री तुलसी कोला, दुर्गा प्रसाद द्वारा ध्वजारोहण का कार्यक्रम संपन्न किया । दूसरी ओर महिला मुक्ति मोर्चा ने शहीद स्मारक में राष्ट्रीय ध्वज का ध्वजारोहण किया जिसमें महिला मुक्ति मोर्चा पूर्व के अध्यक्षा घसनीन बाई और उनके सहयोगी वर्तमान अध्यक्षा श्रीमती सावित्री जगनायक अन्य महिला पदाधिकारियों ने सहयोगी के रूप अपनी भूमिका निभाई और ससम्मान राष्ट्रीय ध्वज फहरा गया । हर वर्ष महिला और पुरुष पदाधिकारियों के लिए पृथक पृथक राष्ट्रीय ध्वज का ध्वजारोहण किया जाता है, गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में मोर्चा के अन्य पुराने सेवानिवृत्त साथी इस कार्यक्रम में शामिल हुए ।

ध्वजारोहण पश्चात गणतंत्र दिवस के अवसर पर सभी वक्ताओं ने अपनी बात रखी जिसका संचालन नासिक यादव ने किया जिसमें माइंस श्रमिक संघ के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र साहू ने कहा आज हम गणतंत्र दिवस मना रहे है आज सरकार केवल कानून और संविधान में बदलवा करके अपने उद्योगपति के हित में कानून बना रहा है, जो आम जनता के विरोध में है सभी युवा जवानों को इसके आगे खड़ा होना होगा, बाबा साहब ने जीने का अधिकार दिया,जो वर्तमान सरकार हमसे छीन रहा है सरकार ने मजदूरों को गुलाम बना कर रख दिया है हमे इसके खिलाफ लड़ना होगा तभी संविधान के सही मायने में इस दिन महत्व साकार होगा।

शैलेश बैंबोडे ने कहा कि जब देश 1947 में आजाद हुआ तब ये आवश्यकता महसूस हुआ कि देश को चलाने के लिए कुछ नियम कायदों होना चाहिए संविधान निर्माताओं ने विभिन्न देशों के संविधान का अध्ययन कर संविधान का निर्माण किया पर आज हम देख रहे जो संविधान हमे मजबूती दे रहा था । उसे लगातार संशोधन करके मुख्य संविधान में बदलाव करके तानाशाही तरीके से संविधान में बदलवा करके आम जनता के खिलाफ उपयोग कर रही है, कानूनों को उद्योगपतियों के हित में बनाया जा रहा है जो कानून मजदूरों को हक और अधिकार दे रहे थे उनको खत्म करके ट्रेड यूनियनों को खत्म किया जा रहा है।

घासनीन बाई पूर्व महिला मुक्ति मोर्चा अध्यक्षा ,महिलाओ को केवल धार्मिक कार्यक्रम में पुरजोर नहीं देना चाहिए हमरे बीच कई प्रकार की समस्या है जिसको हम धार्मिक कार्य के पीछे भूल जाते है संविधान की आड़ में सरकार मजदूर किसानो और युवाओं का अहित कर रहा है, संगठनिक कार्यों में हमारे युवाओं को आगे आना होगा और महिलाओं के द्वारा नए मोर्चा बढ़ाना होगा जिससे मोर्चा का मूल मायने साकार होगा।

संगठन मंत्री कोला ने कहा कि आज हम गणतंत्र दिवस मना रहे पर हम आजाद नहीं है अगर हम आजाद होते तो अलग से हमे संगठन बनाने की आवश्यकता नहीं होती । रोटी कपड़ा मकान के लिए हमे सरकार से लड़ना नहीं पड़ता जो सरकार हम बनाए है वो हमारे प्रति संवेदनशील नहीं है,हमारे मजदूर किसान आज कितना मजबूर हो गया है।

छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उइके जब देश आजाद हुआ तब इसको चलने के लिए नियमो की आवश्यकता पड़ी तब अंग्रेजो ने बाबा साहब की ओर इशारा किया और आजाद होने के बाद प्रारूप समिति बनाया गया जो संविधान बनाने का काम करेगी, बी एन राव और बाबा साहब के ऊपर संविधान की पूरी जिम्मेदारी दिया गया, बाबा का शहादत के समय विभिन्न देशों ने अपने देश का झंडा झुका कर बाबा साहब को सम्मान दिया, हमे मौलिक अधिकारों के रूप सबसे बड़ा अधिकार दिया गया,देश के संविधान के ऊपर कुछ भी नहीं है, देश में ऐसे शासक वर्ग बैठ गये है जो संविधान से ऊपर खुद को मानने लगे है, अच्छे कानून के जानकारों को प्रताड़ित कर रहे है और उच्च शिक्षा में बच्चों को प्रताड़ित किया जा रहा है, शिक्षा में समानता का अधिकर, अब जब यूजीसी ने लागू किया तब आज उच्च वर्गीय लोगों द्वारा विरोध किया जा रहा है, ब्राह्मण बनिया और राजपूत लोग इसका विरोध कर रहे क्या हमारे बच्चों को उच्च शिक्षा लेने का अधिकार नहीं केवल उन्हीं लोगो उच्च शिक्षा प्राप्त करेंगे , जरूरत पड़ने पर हमे इसका विरोध करना होगा सावित्री बाई फुले ने पहले महिला थी जिन्होंने महिलाओं को पढ़ने अधिकार दिलाया , आज़ महिलाएं केवल धार्मिक कर्मकांडो में फंसी हुई है।

छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उइके ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के उच्च शिक्षा में भेदभाव खत्म करने के नियम पर सहमति जताया नए नियम का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में किसी भी तरह के भेदभाव को खत्म करना है. चाहे वह भेदभाव जाति के आधार पर हो, लिंग के आधार पर हो या किसी और वजह से. UGC का कहना है कि हर छात्र को पढ़ाई का बराबर मौका मिलना चाहिए और किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं होना चाहिए ।

इन नियमों के तहत SC, ST और OBC वर्ग के छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा पर खास जोर दिया गया है. साथ ही यह भी कहा गया है कि संस्थानों में ऐसा माहौल बने, जहां सभी छात्र खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करें.
मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर ने कहा आज हम अपनी मोर्चा के कार्यालय में गणतंत्र दिवस मना रहे है,शहीद शंकर गुहा का दुनिया से चले जाना दुनिया के लिए बहुत बड़ा नुकसान हुआ है, जिस तरह के उद्योग कारखाने आ रहे वो हमारे देश को वर्गो में बांट रहा है,
देश को चलाने के लिए संविधान एक संवैधानिक किताब है जल जंगल जमीन की लड़ाई केलिए बाबा साहब द्वार बनाए इस संविधान के अनुसार चलना होगा, आज भारत का हालत क्या है? देश के हालातों को देख बाबा साहब ने संविधान निर्मित किया होगा कभी कभी लगता है सरकार से अधिक हमरे लोग समाज और हम गड़बड़ करते है सरकार के कमियों का खुल कर विरोधी नहीं कर पा रहे है सभी अलग अलग रास्ते में चल रहे है
समाज आज केवल भक्ति भजन की ओर जा रहा है लेकिन कर्म से हम भटक रहे है, चिंतन करने की बात है देश संविधान से चलना चाहिए या बहुमत से चलना चाहिए सरकार आज बहुमत के आधार पर कुछ भी कर रही है, देश की तकनीक आज हमारे प्रतिकूल हो गया है, आज़ादी मतलब हमे पूरा देश दुनिया एक होना चाहिए, एक दूसरे से अलग होना हमे एक दूसरे से दूर कर दे रहा है और हम अपनी मूलभूत अधिकारों को नहीं पहचान पा रहे है, दुनिया लड़े या न लड़े मोर्चा को लड़ना होगा । मजदूर किसानो के सम्मान के आगे आना होगा,हमे सरकार के खिलाफ मिलकर खड़े होना होगा ,एकता बनाना होगा गलत चीजों को उखाड़ फेंकना होगा जब हम ताकत नहीं लगाएंगे तब तक कुछ नहीं होगा इस दिशा में हमे सोचना होगा नियोगी जी, बिरसमुंडा, भगत सिंह, बाबा साहब के विचारों पे चलना होगा।







