दल्ली राजहरा
शनिवार 25 अप्रैल 2026
भोजराम साहू 9893 765541

 

राष्ट्रीय युवा सम्मेलन 2026 का सफल आयोजन युवाओं में नेतृत्व और सेवा भावना को मिला नया आयाम ।
छत्तीसगढ़ के युवाओं ने महान शिक्षाविद समाजसेवी डॉ अच्युत सामंत जी को छत्तीसगढ़ का राजकीय गमछा व छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर और धान भेंट कर किया सम्मान ।
भुवनेश्वर उड़ीसा में  भी छत्तीसगढ़ के युवाओं ने साबित कर दिया   “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया “

आर्ट ऑफ गिविंग के तत्वावधान में 18 से 20 अप्रैल 2026 तक कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (कीट)विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर (उड़ीसा) में तीन दिवसीय राष्ट्रीय युवा सम्मेलन 2026 का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। जिसका थीम इस वर्ष शेयर टू साइन रहा। इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से चयनित युवा समन्वयकों एवं स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी, नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की भावना को विकसित करना रहा। सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों को प्रख्यात समाजसेवी, शिक्षाविद एवं आर्ट ऑफ गिविंग के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत के विचारों एवं अनुभवों से प्रेरणा प्राप्त करने का अवसर मिला। छत्तीसगढ़ के युवाओं ने डॉ अच्युत सामंत जी का छत्तीसगढ़ का राजकीय गमछा और छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर और धान भेंट कर सम्मानित किया गया।
तीन दिवसीय कार्यक्रम में विभिन्न महत्वपूर्ण गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें इंटरैक्टिव सत्र, नेतृत्व एवं सामाजिक प्रभाव पर कार्यशालाएं, सक्रिय समन्वयकों द्वारा अनुभव साझा करना, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं नेटवर्किंग गतिविधियां प्रमुख रहीं। साथ ही आगामी समय में राज्यों एवं जिलों में आयोजित होने वाले एओजी कार्यक्रमों के लिए विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।

सम्मेलन के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समन्वयकों को सम्मानित किया गया तथा भविष्य की योजनाओं पर रणनीतिक चर्चा भी की गई। यह मंच युवाओं के लिए सीखने, जुड़ने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।
आर्ट ऑफ गिविंग  के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुनीत प्रधान ने सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं को सकारात्मक दिशा मिलती है और समाज में सेवा व सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलता है।
गौरतलब है की आर्ट ऑफ गिविंग की स्थापना 17 मई 2013 को हुई थी और यह संगठन भारत सहित 120 से अधिक देशों में सक्रिय है। प्रत्येक वर्ष 17 मई को अंतर्राष्ट्रीय एओजी दिवस एक विशेष थीम के साथ मनाया जाता है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सभी समन्वयकों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगी संस्थानों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
युवाओं ने छत्तीसगढ़ी लोक नृत्यों की दी प्रस्तुति
सांस्कृतिक कार्यक्रम की संध्या में छत्तीसगढ़ के युवाओं ने छत्तीसगढ़ की लोक कला संस्कृति विरासत पर आधारित गीतों पर सुवा नृत्य पंथी नृत्य राऊत नाचा कर्मा नृत्य आदिवासी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।

युवाओं ने इन जगहों का किया शैक्षणिक भ्रमण
कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने कीट यूनिवर्सिटी के कैंपस का भ्रमण किया। साथ ही फैमीना मिस इंडिया 2026 में भी आमंत्रित किया गया। भगवान जगन्नाथ मंदिर, लिंगराज मंदिर, सूर्य मंदिर कोणार्क, चन्द्रबांग बीच का भ्रमण किया।

जिसमें बालोद जिले के 9 युवाओं ने हिस्सा लिया। जिसमें शहीद दुर्वासा निषाद शासकीय महाविद्यालय अर्जुन्दा के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवक शबाना बेगम ,यशवंत कुमार टंडन, नेहा साहू, फनेश्वरी साहू, पूजा कुंभकार, अजय कुमार साहू, सूरज नागवंशी, देवेन्द्र कुमार ठाकुर, चेतन सिन्हा ने हिस्सा लिया और बालोद जिले सहित छत्तीसगढ़ प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया।जिसमें जम्मू-कश्मीर एवं छत्तीसगढ़ के राज्य समन्वयक श्री जीवन सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस कार्यक्रम में प्रतिभाग लेने वाले सभी स्वयंसेवकों को शहीद दुर्वासा निषाद शासकीय महाविद्यालय अर्जुन्दा के प्राचार्य डॉ सोमाली गुप्ता व राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के कार्यक्रम अधिकारी  किशोर कुमार टंडन सभी को शुभकामनाएं दी।

 

 

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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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