दल्ली राजहराशुक्रवार 24 अप्रैल 2026भोजराम साहू 9893 765541 “दल्ली राजहरा की तरह उजड़ रहे हैं ,वार्डों के मिनी गार्डन “आज से 25 साल पहले जब 1 नवम्बर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण हुआ तब लोगों को उम्मीद थी की शहर की दशा और दिशा बदलेगी क्योंकि करोड़ों रुपए का राजस्व देने वाले इस शहर के लिए बजट आएंगे जहां दो पल सकून से बिताने के लिए बनाए जा रहे वार्डों के छोटे-छोटे मिनी गार्डन को जिस तरह से सुसज्जित किया गया है वह आगे भी बना रहेगा। जहां परिवार की महिलाएं पुरुष अपने घरों के आसपास के बने इस गार्डन में बच्चों को ले जाकर समय व्यतीत कर सकेंगे । लेकिन नगर पालिका परिषद के द्वारा बनाए गए इन मिनी गार्डन में स्थिति आज बद से बदतर हो चुकी है क्योंकि गार्डन बिना कोई विशेष योजना के तहत बनाई गई थी गार्डन बनाते समय उनकी भविष्य निर्धारण नहीं किया गया था कि आज जिस तरह से इसे सजाया संवारा जा रहा है भविष्य में नगर पालिका परिषद भी इसे बरकरार रख पाएगी ।गार्डन निर्माण के लगभग 10 साल तक नगर पालिका परिषद के प्रथम नगर पालिका अध्यक्ष पुरोबी वर्मा के दोनों कार्यकाल में तो ठीक तरह से संचालित हुआ जहां सभी गार्डन में फूल पौधे लगाए गए थे साथ ही सजाया भी अच्छा गया था ।गार्डन में देखभाल के लिए मालियों की भी व्यवस्था की गई थी लेकिन जैसे ही उनके कार्यकाल समाप्त हुआ आने वाले नगर पालिका अध्यक्षों के द्वारा देखभाल करना और गार्डन की ओर ध्यान देना ही छोड़ दिया गया । जिसके कारण इन गार्डनो की स्थिति दयनीय हो गई है ।एक समय जो छोटे-छोटे बच्चों की किलकारियों से गूंजा करता था अब ये मिनी गार्डन सुना हो चुका है । लगभग सभी गार्डन में अब आज सामाजिक तत्वों का बसेरा हो चुका है जहां गार्डन के अंदर शराब की खाली बोतले टूटी-फूटी दरवाजा सूखे पेड़ पौधे देखने को मिलेंगे । वहीं झूला और अन्य सामग्री जो बच्चों के आनंद के लिए लगाए गए थे वह टूट फूट चुका हैं । बैठने के लिए बनाए गए लोहे और सीमेंट के कुर्सी का भी यही हाल है । कुल मिलाकर जिस कल्पना से राजहरा को संवारने की दिशा में कदम बढ़ाया गया था सब बर्बाद हो चुका है । आईए देखते हैं क्या है नगर के गार्डनो की स्थिति नगर पालिका की मिनी गार्डन की स्थिति डी ए व्ही स्कूल के पास पूर्व पार्षद स्वर्गीय नारायण राव (नक्का भैया ) के द्वारा एक गार्डन बनाया गया था जहां बीएसपी स्कूल क्रमांक 1 के सामने के बीएससी क्वार्टर 1 बी और 2 बी में रहने वाले महिलाएं पुरुष तथा बच्चे आकर समय व्यतीत करते थे । साथ ही बीएसपी स्कूल क्रमांक 30 जो कि वर्तमान में गुरु नानक स्कूल क्रमांक 2 बन चुका है तथा बीएसपी स्कूल क्रमांक 1 जो कि डीएवी स्कूल में तब्दील हो गया है वहां के बच्चे भी बैठकर समय व्यतीत करते थे । गार्डन में नक्का राव ने आपकी परिकल्पना के अनुसार बेहतरीन बनाया गया था उन्होंने छोटी सी जगह में बेहतरीन साज सज्जा की थी जहां बच्चों के लिए झूला फिसल पट्टी की व्यवस्था की गई थी । बीच में एक छोटा सा बरसाती नाला था जिसके ऊपर पुल बनाया गया था जिसे देखकर ही बड़ा प्यारा लगता था । लेकिन उनकी परिकल्पना से बने गार्डन का नामोनिशान मिट चुका है । बबुल के बड़े-बड़े कटीले जंगली झाड़ी से ऐसा नहीं लग रहा है कि पहले कभी यहां गार्डन रहा होगा । दीवाल में लगी जालियों को चोरों के द्वारा चोरी कर ले जाया गया है बीच में रिपेयरिंग की बात कहीं जा रही थी कुछ हिस्से में ईट दीवार पर लगाए गए लेकिन उसको भी अधूरा छोड़ दिया गया । स्वामी विवेकानंद उद्यान बंगाली क्लब के सामने वार्ड क्रमांक 8 में बना गार्डन जिसे स्वामी विवेकानंद उद्यान का नाम दिया गया है । वहां की भी स्थिति खराब है पेड़ पौधे सूख चुके हैं प्रवेश द्वार भी जर्जर स्थिति में है ना तो वहां कोई झूला है और ना ही बैठने के लिए व्यवस्था कुल मिलाकर स्थिति खराब है । वार्ड नंबर 8 बाल उद्यान एवं महिला पुष्प वाटिका अधिकारियों के घरों के सामने बने वार्ड नंबर 8 की महिला पुष्प वाटिका में हमेशा ताला बंद रहता है लेकिन पीछे के दीवार तोड़कर कई अवैध गतिविधियां वहां होती रहती है जिसके कारण आसपास रहने वाले भी कई बार नगर पालिका तथा नगर प्रशासन भवन में इसकी शिकायत कर चुके हैं । गार्डन की स्थिति भी खराब है ना तो पेड़ पौधे हैं और ना हीं बैठने की व्यवस्था । पूरी तरह से यह भी गार्डन बर्बाद हो चुका है । यह मिनी गार्डन का उद्घाटन नगर पालिका अध्यक्ष मुक्ति गुहा नियोगी के कार्य काल में 31 अक्तूबर 2014 को हुआ था । पुष्प वाटिका वार्ड क्रमांक 7 वार्ड क्रमांक 7 शताब्दी नगर में बने पुष्प वाटिका का तो हाल ही बेहाल है जिस तरह से उसकी स्थिति है ऐसा लग रहा है उद्घाटन के बाद कोई झांकने वाला ही नहीं है । गार्डन के अंदर बनाए गए रूम में टूटे हुए घीसल पट्टी के समान पड़े हुए हैं रूम के अंदर में शराब की खाली बोतल पॉलिथीन के पाउच माचिस आदि की टुकड़ी है तो गार्डन के अंदर बबुल के झाड़ियां से भरा हुआ है । ऐसा लग रहा है कि कभी ना तो यहां वृक्षारोपण किया गया है और ना ही कभी इसको झांकने के लिए कोई आया है । इनका उद्घाटन 31 अक्टूबर 2014 को नगर पालिका अध्यक्ष मुक्ति गुहा नियोगी के कार्य काल में किया गया। कृष्ण कुंज वार्ड क्रमांक 7 भारतीय जीवन बीमा निगम कार्यालय दल्ली राजहरा के सामने भिलाई इस्पात संयंत्र लौह अयस्क खदान समूह निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत कृष्ण कुंज का वृक्षारोपण नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा के द्वारा किया गया है । वहां की स्थिति देखें तो सूखे हुए पेड़ की टूटी डालिया दरवाजे में जंग लगे लटके हुए ताले ऐसा नहीं लग रहा है कि कभी किसी अधिकारी या कर्मचारी इसमें झांकने के लिए भी आया होगा । पूरी तरह से पेड़ पौधे सूख चुके हैं पौधे तो लगे हैं लेकिन देख भाव के अभाव में कटीले झाड़ियां उग आए हैं । कृष्ण कुंज में भगवान श्री कृष्ण की लीला का वर्णन चारों तरफ दीवार में किया गया है । कहीं भगवान श्री कृष्ण पेड़ के नीचे बैठकर बासुंरी बजा रहा है आस पास गैय्या चरा रहे हैं तो कहीं राधा कृष्ण के साथ बैठे हैं ,तो कहीं शेषनाग के ऊपर चढ़कर नित्य कर रहे हैं, कही रास लीला का वर्णन है । पूरी तरह से कृष्णमय इस कृष्ण कुंज का चित्र को कटीले झाड़ियां ने पूरे दीवार को घेर लिया है । कृष्ण कुंज की स्थिति देखकर ही समझ आता है कर्म योगी भगवान श्रीकृष्ण को किस तरह से सम्मान दिया जा रहा है। पैसे की की बर्बादी किस तरह से किया गया है यह इन दोनों गार्डन को देखने से स्पष्ट है।दोनों गार्डन एक दूसरे से सटे हुए हैं एक साथ दो-दो गार्डन बनाने का मतलबी क्या है सीधा सा जवाब आपके सामने हैं ..! दल्ली राजहरा का दूसरा सबसे बड़ा गार्डन जो की बेहतरीन साज सज्जा के साथ बहुत भी मेहनत और लगन से बनाया गया था ,वह है वार्ड नंबर 15 भंडारी स्कूल के पास का गार्डन जिसकी परिकल्पना और व्यवस्था देखकर ही लगता है विशाल जगह में बने इस गार्डन को भी बहुत ही बेहतरीन ढंग से सजाया गया था जहां छोटे-छोटे आकर्षक मूर्तियां गार्डन के बीच में बनाई गई थी बैठने की व्यवस्था बच्चों को खेलने के लिए जगह कई झूला था । जहां भवानी स्कूल के बच्चों के अलावा आसपास के बच्चे महिलाएं पुरुष भी वहां बैठकर अपना शाम और सुबह का समय व्यतीत करते थे । आज वहां की स्थिति देखें तो सामने के गेट टूट चुके हैं पशुओं के द्वारा वहां चारा ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है । हरियाली तो गार्डन से कोसों दूर भाग चुकी है बस शाम को दोपहर तथा शाम को अवांछित लोगों के बैठने का काम आ रहा है जिसके कारण बच्चे भी खेलने जाने के लिए वहां कतराते हैं । इसका उद्घाटन नगर पालिका अध्यक्ष पुरोबी वर्मा के कार्य काल में 7 अप्रैल 2008 को किया गया था ।पावर हाउस के समीप नगर पालिका के द्वारा एक और गार्डन का निर्माण किया गया था जहां आज सिर्फ मंच ही बचा है जहां आसपास रहने वाले लोगों के लिए समारोह में ही उपयोग होता है गार्डन की स्थिति अन्य गार्डन की तरह दयनीय है आज से 2 साल पहले वार्ड नंबर 8 की दो गार्डन स्वामी विवेकानंद और आरोग्य वाटिका के लिए दोनों के लिए 20-20 लाख रुपए की राशि शासन से स्वीकृत हुई थी l लेकिन पैसा का क्या हुआ यह पहेली बनी हुई है । नगर पालिका के मुख्य इंजीनियर से जब इस संबंध में जानकारी लिया गया तब उन्होंने कहा कि बजट के अभाव में गार्डन की देखभाल नहीं हो पा रही है ।Spread the lovePost navigationटी ज्योति पार्षद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण अधिकारी राजेश सिंह राणा को सौंपा ज्ञापन।