छत्तीसगढ़डौंडीदल्लीराजहराबालोदविविध
बंग समाज के द्वारा नगर के पत्रकारों का किया गया सम्मान..!

दल्ली राजहरा सोमवार 20 अक्टूबर 2025 भोज राम साहू 9893 765541

बंग समाज दल्ली राजहरा द्वारा संचालित सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति के 67वें वर्ष धूमधाम से मनाया गया l इस अवसर पर मीडिया के द्वारा बेहतरीन कवरेज कर दल्ली राजहरा के सर्वप्रथम स्थापित मां दुर्गा उत्सव को आम जनमानस तक बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत किया गया l जिसके लिए नगर के मीडिया कर्मियों को सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति बंग समाज के द्वारा एक सादा समारोह आयोजित कर सम्मानित किया गया l

साथ ही दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी मीडिया कर्मियों को समाज द्वारा दुर्गा उत्सव के संबंध में वरिष्ठ सदस्य गगन चंद्र पांडया के द्वारा लिखी गई “सोविनियर पत्रिका ” की प्रतिलिपि भी दी गई l

पत्रकार सम्मान समारोह में गगन पांडया के द्वारा बताया गया कि नगर में भिलाई स्टील प्लांट की स्थापना के साथ दल्ली राजहरा के खदानों में विभिन्न पदों पर कार्य करने के लिए सभी राज्यों से लोग आए थे l जहां कोलकाता से भी बंगाली समाज के लोग भी आए थे इस समय विभिन्न धर्म और समाज के लोग लौह नगरी दल्ली राजहरा में बसे थे l तब दल्ली राजहरा एक लघु भारत का रूप लिया था l इसी समय बंगाली समाज के नेतृत्व में सन 1959 में सभी के द्वारा मां दुर्गा की स्थापना की सर्वप्रथम शुरुआत दल्ली राजहरा में हुआ l

उन्होंने बताया कि मां दुर्गा की स्थापना सर्वप्रथम एमआर शाप में की गई थी l उसके बाद वर्तमान दुर्गा स्थापना स्थल पर टाउनशिप में स्व .M S लाल के अध्यक्षता में 1959 में शुरूआत किया गया l जो निरंतर आज तक चला आ रहा है स्थापना का यह तीसरी पीढ़ी है l जो उसी जोश और उत्साह के साथ इस दुर्गा उत्सव को मनाते आ रहे हैं l 
इस उत्सव में सिर्फ बंगाली समाज का ही नहीं बल्कि सभी वर्ग के लोग अपनी भागीदारी देते हैं l जिसमें बीएसपी कर्मचारियों के अलावा व्यापारी वर्ग राजनीति , आम नागरिक का सहयोग रहता है l कई कर्मचारी जो बीएसपी से सेवनृत्य हो चुके हैं वे भी सह परिवार अपनी यादें ताजा करने के लिए इस उत्सव में सम्मिलित होने के लिए दल्ली राजहरा आते हैं l
गौतम बेहरा ने बताया कि शुरुआत में मां दुर्गा की स्थापना के समय बहुत तकलीफ भी आई थी l लेकिन आज सभी के सहयोग से बेहतरीन ढंग से स्थापना किया जा रहा है l आज संस्था का अपना ऑफिस भी बन चुका है l जब खदान की शुरुआत हुआ था तब लोगों के पास मनोरंजन का साधन नहीं होते थे तो सभी ने अथक प्रयास कर रविंद्र ग्रंथालय की स्थापना की थी l जिसमें विभिन्न विषयों की पुस्तक रखी गई है l उन्होंने बताया कि हमारे मातृ शक्ति भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़ का हिस्सा लेती है l उसके कारण हमारी कई काम आसानी से संपन्न होता है l

पुरोबी वर्मा अग्रगामी बंगाली महिला समिति के अध्यक्ष ने बताया कि दुर्गा उत्सव समिति षष्ठी से लेकर महानवमी तक संपन्न होता है l यह कार्यक्रम पूरे विधि विधान के साथ मनाया जाता है जिसमें कई कार्य होते हैं जिसे पुरुषों के द्वारा ही किया जाता था l हम लोगों ने सोचा कि क्यों ना हम लोग भी अपनी भागीदारी इसमें दें जिसके लिए एक समिति का गठन किया गया और जो कार्य हमारे द्वारा हो सकता है l जैसे की पूजा के लिए फूल दुबी चुनना मां के श्रृंगार हार का निर्माण ,भंडारे के लिए सब्जी काटना जैसे काम को हम लोगों ने ले लिया जिससे पुरुषों का बोझ तो कम हुआ साथ ही महिलाएं की भी जिम्मेदारी भी बड़ी है l अब दुर्गा पूजा सभी एक दूसरे का सहयोग कर बेहतरीन ढंग से मनाते हैं l इस समारोह के दौरान पत्रकारों को स्मारिका पुस्तक ” सोविनियर ” भेंट किया गया l

➡️🌺🔥 क्या है विशेषता सोविनियर की🔥🌺⬅️

सोविनियर पुस्तक समाज के वरिष्ठ गगन चंद्र पांडया के द्वारा लिखी गई है उनके संदेश के अलावा सुकांतो मंडल अध्यक्ष रविन्द्र ग्रंथलय कनक बनर्जी जनरल सेक्रेटरी पुरोबी वर्मा अध्यक्ष राजहरा अग्रगामी बंगाली महिला समिति क्षेत्र की विधायिका अनिला भेड़िया कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ईडी माइंस विपिन कुमार गिरी मुख्य महाप्रबंधक आर बी गहरवार नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू के संदेश इस पुस्तक में समाहित है l

पुस्तक में समिति के विभिन्न विभागों के सभी पदाधिकारी के फोटो सहित पद नाम है l सर्वप्रथम अध्यक्ष एस लाल सेक्रेटरी एसके बॉक्सी से लेकर अब तक के 39 अध्यक्ष एवं सेक्रेटरी को समाहित किया गया है l इस पुस्तक में गौतम बेहरा पूर्व सचिव के द्वारा बंग समाज के सेवा के स्वर्णिम पलो की एक स्मृति पूरा आलेख है l कि सन 1959 से 2025 तक किन परिस्थितियों का सामना करते हुए आज बेहतरीन मुकाम हासिल किया गया है l

पुस्तक में “आज उम्र बहुत है छोटी अपने घर में भी है रोटी” के साथ पुरोबी वर्मा के द्वारा स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया गया है l तो रीना पांडे के द्वारा “एकता एक सामाजिक शक्ति” के रूप में समाज में एकता बनाए रखने का संदेश देने एक आलेख लिखा है l पिंकू डे के द्वारा बंगाल में दुर्गा पूजा की शुरुआत कैसे हुई उसके बारे में आलेख है l नगर के साहित्यकार विभिन्न पुरस्कारों और सम्मानों से सम्मानित माता जी डॉक्टर शिरोमणि माथुर का आलेख बढ़ती हत्याएं एवं आत्महत्याएं के संबंध में एक बेहतरीन लेख लिखा गया है l मुनमुन सिंहा के द्वारा वर्तमान पुरुष प्रधान में आज भी महिलाओं के साथ हो रही अत्याचार का अपने कविता के माध्यम से बेहतरीन उल्लेख किया गया है lमधुमिता सहागीया ने डिजिटल भारत सुविधा या चुनौती का आलेख है l अदिति आइच ने नारी की महानता को अपने कविता के माध्यम से बताया है कि

कभी मां तो कभी पत्नी कभी बहन तो कभी बेटी होती है !
यह नारी ही है जो न जाने कितने रूप लिए होती है !!

डॉ रुना दास ने बंगाल की प्रसिद्ध धूनूची नृत्य दुर्गा पूजा की संस्कृत सांस्कृतिक आत्म का आलेख तैयार किया है l शिक्षिका श्रीमती शिल्पी राय ने पर्यावरण को समझाते हुए पर्यावरण और हम का आलेख बनाया है जिसमें उन्हें लिखा है की प्रकृति के लिए पर्यावरण कितनी आवश्यकता है जैसे कई आलेख और कविताएं इस पुस्तक में लिखी गई है l साथ ही विभिन्न संस्थाओं के विज्ञापन को भी समाहित किया गया है l

इस अवसर पर नगर के पत्रकारों के साथ सुकांतों मंडल गगन पंड्या पुरोबी वर्मा शिल्पी राय गौतम बेरा दीपिका मयती गौतम मयती अशोक आइच कनक बैनर्जी एवं समाज के सदस्य उपस्थित थे l







