दल्ली राजहरा शनिवार 26 अक्टूबर 2025 भोज राम साहू 98937 65541

 

दीपावली त्यौहार पर विभिन्न देवी देवताओं फूलों के अलावा कला क विषयों की रंगोली लोगों के द्वारा बनाया जाता है । लेकिन इस बार शहीद अस्पताल की नर्स बहनों ने एक बेहतरीन रंगोली मेल वार्ड के मुख्य दरवाजे के पास बनाई है जो वार्ड में आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को आकर्षित कर रहे हैं । इस रंगोली के माध्यम से शहीद अस्पताल के इन नर्स बहनों ने बेहतरीन संदेश जनमानस को दिया है । इस रंगोली में उन्होंने विभिन्न प्रकार के नशा जैसे की शराब बीड़ी सिगरेट इंजेक्शन एवं टैबलेट के माध्यम से लेने वाली नशा के द्वारा होने वाले समस्याएं जिसमें मुंह की समस्या फेफड़ों की समस्या आंखों की समस्या किडनी की समस्या के साथ दिल की बीमारी को दर्शाते हुए लोगों को संदेश दिया है की नशा से दूर रहे l 

लेबर रूम की नर्सों ने एक गर्भवती मां को रंगोली में स्थान दिया है । इसमें देखे तो गर्भवती महिला के मन में माई (मां) बनकर नया जीवन देने की खुशी है । तो दूसरी दृष्टिकोण से देखें तो आज भी इस युग में मां से नए शिशु को भाई ( पुरुष ) के रूप में मांगी जा रही है।

तीसरी रंगोली में नर्सिंग सिस्टरो ने मोबाइल से होने वाले बच्चों में प्रभाव को दर्शाया है क्योंकि आज के माहौल में बच्चे पढ़ाई और खेलने के बजाय मोबाइल के गुलाम हो चुके हैं जिसके कारण उनके शारीरिक और मानसिक विकास नहीं हो पा रहा है l

 

डॉ जाना मुख्य चिकित्सा अधिकारी शहीद अस्पताल ने कहा की हमारे अस्पताल की नर्स अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह से निभाती है । साथ ही लोगों को नया संदेश देने के लिए भी प्रेरणा करते हैं उनके द्वारा नए-नए रचनात्मक कार्य से एक बेहतरीन संदेश भी मिलता है । इस दिवाली में उन्होंने जो रंगोली बनाई है वह अनुकरणीय है हम अस्पताल में रहते हैं । देखते हैं कि 20 / 25 से भी कम उम्र के बच्चे नशे के आदी हो जाते हैं ।बड़े दयनीय स्थिति में उनके मां-बाप अस्पताल में लेकर आते हैं । हमारा पूरा प्रयास रहता है उन्हें बचाने का ।कई बार हम चाह कर भी सफल नहीं हो पाते। इतने कम उम्र में उनका इस दुनिया से चले जाना और उनके परिजन का फूट-फूट कर रोना वास्तव में बड़ा दुखद पहलू होता है । हमारे नर्सों ने अपनी संवेदनाएं को इस रंगोली के माध्यम से संदेश दे रहे हैं ।उनका संदेश वास्तव में सही है नशा से दूर रहे और इनसे होने वाले नुकसान से बचें ।

दूसरी रंगोली जो लेबर रूम के सिस्टरो ने बनाई है वह भी वास्तव में दो रूपों में है एक में मां बनने की महिला को खुशी है तो आज के वर्तमान युग उनसे बेटे की चाह रख रहे हैं जबकि सरकार बेटे और बेटी को समान रूप से देख रही है ।

 

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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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