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“उग हे सूरज देव भइल दिनकर अरूणाई” के पारंपरिक लोकगीत के साथ मनाया गया लौह नगरी दल्ली राजहरा में लोक संस्कृति का महापर्व छठ

दल्ली राजहरा मंगलवार 28 अक्टूबर 2025 भोज राम साहू 98937 65541

दल्ली राजहरा में चार दिन की लोक संस्कृति और परंपरा की छठ महापर्व आज छठ पूजा के साथ समाप्त हुआ l छठ घाट पर बजने वाले पारंपरिक तथा लोगों के द्वारा गाए जा रहे छठ गीत पहिले पहिल हम कईनी छठी मईया ,उगा हे सूरज देव ,केलवा के पात पर ,कांच ही बांस के बहंगिया जोड़े जोड़े फलवा सुरुज देव जैसे लोकगीत मन को भाव विभोर कर दिया l

यूपी बिहार समन्वय समिति छत्तीसगढ़ दल्ली राजहरा के द्वारा अध्यक्ष राज किशोर सिंह के नेतृत्व में छठ महापर्व का आयोजन वार्ड नंबर 22 स्थित छठ घाट पर धूमधाम से किया गया lसूर्य छठ पूजा के तीसरे दिन कल सोमवार को संध्या 4:00 बजे से ही उपासक एवं श्रद्धालु गण अस्तगामी सूर्य अर्थात डूबते सूर्य को अर्द्ध देने के लिए वार्ड नंबर 22 स्थित छठ पूजा स्थल पर टोकनी में पूजा सामग्री जिसमें फल के रूप में केला सेब अमरुद अनानास तरबूज आवला अमरुद बेर सिंघाड़ा के साथ मौसमबी फल कोद ( शकरकंद ) सुथनी ( पीड़ी कांदा ) सब्जी में कद्दू मूली बरबटी हल्दी अदरक के पौधे नारियल अगरबत्ती लेकर पूजा स्थल पर गए तथा 5 से 7 गन्ना का मंडप बनाकर सूर्य भगवान को अर्ध दिए l तथा इस भक्ति और आराधना के साथ अपने-अपने घर वापस आए l


हजारों की भीड़ में व्रती महिलाएँ सुबह पानी में उतर कर सूर्योदय का इंतजार कर रही थे जहां सूर्य देव के प्रकट होते ही जल और दूध का अध्य दिया गया।


➡️🔥💥नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने दी छठ महापर्व की बधाई💥🔥⬅️

दल्ली राजहरा नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने आस्था और विश्वास का महापर्व छठ की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छठी मैया का आशीष पूरे दल्ली राजहरा पर बनी रहे l यूपी बिहार समन्वय समिति के के द्वारा बेहतरीन आयोजन किया गया है l जिसमें सुबह से सूर्य देवता को अर्ध देने के लिए माताएं बहने अपने परिवार के साथ पहुंची है l ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी मनोकामना पूर्ण करें l तथा दल्ली राजहरा वासियों को छठ महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं एवं ढेर सारी बधाई l

➡️🔥🪷 छठ पूजा स्थल पर नहीं रही सेवा की कमी 🪷🔥⬅️




➡️🔥💥महिलाएं के अलावा पुरुष भी रखते है उपवास💥🔥⬅️
लोक आस्था का पर्व छठ जिसे अधिकतर महिलाओं के द्वारा अपने बच्चों के सुख समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली के लिए कठोर उपवास रखा जाता है । लेकिन कई श्रद्धालु गण पुरुष वर्ग भी इस उपवास को सहर्ष रखते हैं । जहां पूजा स्थल पर पूजा सामग्री टोकरियों में पुरुषों के द्वारा ही घरों से नंगे पैर लाने एवं ले जाने का काम होता है l
➡️🔥💥क्या है ठेकुआ💥🔥⬅️
छठ पूजा में ठेकुआ का विशेष महत्व है इसे यूपी बिहार का विशेष व्यंजन (महा प्रसाद ) माना गया है जिसे खास तौर पर छठ पर्व पर ही बनाया जाता है गेहूं के आटे सौंप शुद्ध घी गुड एवं पंचमेवा मिलाकर बनाया जाता है l पूर्व जमाने में इसे आम के ही लकड़ी पर बनाया जाता था l लेकिन में समय के हिसाब से गैस आदि के द्वारा इसे बनाया जाता है l






