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बचपन की यादें एक बार फिर हुई ताजा आदर्श शासकीय उत्तर माध्यमिक शाला बालोद के सहपाठी मिले 52 साल बाद..!

दल्ली राजहरा शुक्रवार 31 अक्टूबर 2025 भोज राम साहू 9893 765541
“एक बचपन का जमाना था,
जिसने खुशियों का खजाना था l
चाहत चांद को पाने की थी ,
पर दिल तितली का दीवाना था l
खबर न थी कुछ सुबह की ,
ना शाम का ठिकाना था l
थक कर आना स्कूल से
पर खेलने भी जाना था l”

आदर्श शासकीय उत्तर माध्यमिक शाला बालोद में पढ़ने वाले विद्यार्थी आज 52 साल बाद फिर मिले l ये सभी विद्यार्थी अपने साथ अपने परिवार को भी लेकर इस यादगार कार्यक्रम में उपस्थित हुए । जिसमें बचपन में गुजारे सुनहरे पल की धुंधली यादे के रूप में सभी ने अपने परिवार के सामने साझा किया l सभी ने इस अवसर का खूब आनंद लिया और पुरानी यादों को ताजा किया।

आदर्श शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बालोद सत्र 1974 के विद्यार्थियों के स्वर्ण जयंती सम्मेलन का आयोजन लीला बालाजी रिसोर्ट में आयोजित किया गया था ।कार्यक्रम का प्रारंभ भगवान गणेश की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन कर किया गया ।इसके पश्चात स्कूल में जिस तरह से राष्ट्रगान कराया जाता था उसी तर्ज दिलीप बाफना ने राष्ट्रगान कराया। कार्यक्रम के संयोजक रूपचंद जैन ने अपने स्वागत भाषण में सब के सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया एवं सभी प्रतिभावान साथियों की उपलब्धियां का जिक्र करते हुए कहा कि इनकी उपलब्धियां हमारे लिए भी सम्मान की बात है।उन्होंने जीवन के इस पड़ाव में जीवन को निर्बाध रूप से शांतिपूर्वक जीने के कुछ टिप्स भी दिए । 52 वर्षों बाद मिलने का आकर्षण और स्कूल के बिताए क्षणों को पुनः स्मृति में संजोने वर्ष 1974 के छात्र एवं छात्राएं दूरदराज से आकर इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

श्रीमती जयश्री मुम्बई से एवम श्रीमती मंदीप , श्रीमती उषा नागपुर से श्रीमती यशोदा योगी आरंग से आई थी। सभी साथियों ने अपना पारिवारिक परिचय दिया साथ ही जीवन के उतार-चढ़ाव से अवगत कराया ।कार्यक्रम को गति देते हुए श्रीमती द्रोपती कहार, श्रीमती उषा, नरेंद्र काबरा, जसवंत क्लाडियस,डॉक्टर डीपी देश मुख ने अपने गीतों के माध्यम से समा बांधा। सनत श्रीवास्तव, रूपचंद जैन ने अपने चुटीले अंदाज में सभी का मनोरंजन किया ।कार्यक्रम के संचालक जसवंत क्लॉडियस ने अपने हास्य विनोद से कार्यक्रम में समा बांधे रखा। सहपाठी रहे भाजपा नेता सच्चिदानंद उपासने जिनकी प्रारंभिक शिक्षा बालोद में हुई थी ने भी अपने बाल्यकाल की स्मृति साझा किये।

1974 वर्ग के साथियों ने अब जो सहपाठी इस दुनिया में नहीं है उन्हें याद किया गया । जिनमें इंद्र कुमार देवांगन वासुदेव क्षीरसागर पन्नालाल जैन मूलचंद देश लहरे सबीहा हनफ़ी,डॉक्टर महेश्वरी योगी रमेश मिश्रा नरेश राठी सुभाष राठी दयालु राम साहू ,महा सिंह ठाकुर नंदकुमार यादव ,उमराव ठाकुर को 2 मिनट मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।





