दल्ली राजहरा शुक्रवार 05 दिसम्बर 2025 भोज राम साहू 9893765541

छत्तीसगढ़ राज्यपाल के नाम से संगीता भोले अवर सचिव छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग महानदी भवन नवा रायपुर के द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी बालोद के नाम जारी आदेश पत्र ESTB _1024/ 812/2025_20 के अनुसार टी.आर. रानाडे, प्राचार्य, स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, नयाबाजार राजहरा, के विरूद्ध शिकायत पर कार्यवाही करते हुए निलंबित कर दिया गया है प्राचार्य के खिलाफ जो शिकायत प्राप्त हुई है ।
उनमें से दिनांक 18.07.2025 को हाई स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा 2025 के दौरान दो परीक्षार्थियों को यूनिफार्म संबंधी कारणों से परीक्षा में प्रवेश नहीं देना एवं परीक्षार्थी यूनिफार्म बदलकर पुनः परीक्षा केंद्र आये तो परीक्षा में देरी से आने के कारण जानबूझकर छात्रों को परीक्षा से वंचित करना। पूर्व में प्राचार्य अल्का शर्मा के परिधान पर की गई अनुचित टिप्पणी, जिसकी पुष्टि जांच समिति द्वारा की गई। दिनांक 08.01.2025 को मध्यान्ह भोजन में कीड़े पाए जाने की घटना पर कारण बताओं सूचना पत्र का प्रतिवाद समय पर उच्च कार्यालय को न देना। पालकों से अनुचित व्यवहार, कार्य के प्रति लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता, जिसके संबंध में कारण बताओ सूचना पत्र का प्रतिवाद संतोषजनक नहीं पाया गया।
  उक्त कृत्य छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत गंभीर कदाचार है। अतएव, राज्य शासन, एतद्वारा श्री टी.आर. रानाडे, प्राचार्य, स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, नयाबाजार राजहरा, जिला बालोद को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966के नियम-9(1) (क) के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए,  रानाडे  जी का मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला-बालोद नियत करता है। निलंबन काल में, टी. आर. रानाडे, प्राचार्य, को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

 “क्या है मामला ।”

 स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट से अंग्रेजी / हिंदी माध्यम विद्यालय कुसुमकसा के कक्षा दसवीं के दो छात्र करण कुमार उर्वशा (अरमुरकसा), कुणाल भुआर्य गुण्डराटोला (कुसुमकसा) पूरक परीक्षा का पेपर देने माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा बनाए गए परीक्षा केंद्र सेजस स्कूल दल्लीराजहरा (नेहरू स्कूल) निर्धारित समय से पूर्व लगभग 8.30 बजे पहुंच गए थे। 9 बजे परीक्षा कक्ष में जाने के पहले चेकिंग के दरम्यान केंद्राध्यक्ष ने यूनिफार्म पहनकर न आने को लेकर दोनों छात्रों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं करने दिया और दोनों बच्चों को यूनिफार्म पहन कर आने का निर्देश दिए।

दोनों छात्र यूनिफार्म का शर्ट व टाई पहनकर आए है और यूनिफार्म पेंट बारिश में भीगने से गीला होने के कारण उसकी जगह दूसरा पेंट पहनकर आने की बात बताई और निवेदन किए की उनको परीक्षा देने दिया जाए, किंतु केंद्राध्यक्ष ने छात्रों को निवेदन को अस्वीकार करते उन्हें पूरा यूनिफार्म पहनकर आने पर ही परीक्षा कक्ष में पेपर देने की अनुमति देने की बात कही। दोनों छात्र निराश होकर बस स्टैंड चौक से बस में अपने गांव पहुंचकर घर से गीली पेंट पहनकर पूरे यूनिफार्म के साथ बस से वापस दल्लीराजहरा पहुंचकर, परीक्षा केंद्र पहुंचे तो लगभग 10.15 बजा था तो केंद्राध्यक्ष ने दोनों छात्रों को परीक्षा समय में विलम्ब होने की बात कहते हुए उनको परीक्षा कक्ष में बैठने नहीं दिया गया। बच्चे निराश होकर कुसुमकसा पहुंचकर इसकी जानकारी संजय बैस (पूर्व जनपद सदस्य ) को दी।

संजय बैस ने अन्य जनप्रतिनिधियों को आदिवासी छात्र के साथ केंद्राध्यक्ष द्वारा की गई लापरवाही / हठधर्मिता से पूरक परीक्षा से वंचित होने की जानकारी दी, जिसके बाद जनप्रतिनिधिगण एकत्रित होकर बच्चों के साथ सेजस स्कूल दल्ली राजहरा पहुंचकर केंद्राध्यक्ष से चर्चा की तो केंद्राध्यक्ष टीआर रानाडे अपनी बातों पर अडिग रहे कि बच्चे पूरा यूनिफार्म पहनकर नहीं आए थे इसलिए उन्हें परीक्षा कक्ष में बैठने नहीं दिया गया और दोनों छात्र पूरा यूनिफार्म पहनकर पहुंचे तो विलंब होने के कारण परीक्षा कक्ष में पर्चा नहीं देने की जानकारी दी। जिससे जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा पूरक परीक्षा में यूनिफार्म पहनकर आने की बाध्यता हो तो हमें लिखित में दिखाए जिस पर रानाडे ने बोर्ड के नियमानुसार छात्रों को परीक्षा में बैठने नहीं दिए जाने की बात की व इसका प्रतिवेदन जिला कार्यालय भेजने की जानकारी दी थी।

केंद्र अध्यक्ष  के इस कृत्य से नाराज होकर संजय बैस के नेतृत्व में जनप्रतिनिधि ने 18 सितंबर 2025 को ही जिला कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा से मुलाकात कर केंद्र अध्यक्ष के द्वारा छात्रों के साथ किए गए इस अव्यवहारिक कार्य की निंदा कर कार्यवाही करने का निवेदन किया था ।
 संजय बैस ने बताया कि मामले को पूरी तरह से ध्यान से सुनने पर मुझे महसूस हुआ कि प्राचार्य के द्वारा बच्चों के भविष्य के साथ जानबूझकर खिलवाड़ किया जा रहा है । जो कि किसी भी तरह से माफ करने योग्य नहीं है । मैंने जनप्रतिनिधियों के साथ जाकर 18 जुलाई 2025 को ही लिखित में शिकायत जिला कलेक्टर और शिक्षा अधिकारियों से किया था । जिसका परिणाम आज उस दोषी प्राचार्य को निलंबित किया गया । कल बच्चों को 4 माह बाद न्याय मिला इस बात का सभी को खुशी हुआ है । साथ ही इस तरह के प्राचार्य के लिए एक सबक भी है की बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ ना किया जाए ।
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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