दल्ली राजहरा

सोमवार 29 दिसम्बर 2025

भोज राम साहू 9893765541

हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति भाजपा वोमंडल हाराडुला द्वारा “हिन्दू सम्मेलन 2025” का आयोजन मां भवानी रंगमंच बाजार चौंक हाराडुला ( चारामा) जिला कांकेर (उत्तरबस्तर ) में 28 दिसम्बर 2025, रविवार को किया गया था। कार्य क्रम के मुख्य वक्ता रामदयाल जी ( विभाग प्रचारक उत्तर बस्तर) मुख्य अतिथि परम पूज्य गुरूदेव विरेन्द्र देशमुख प्रसिध्द नाड़ी वैद्य ग्राम भेड्री (सुरेगांव) विशेष अतिथि भुपेन्द्र नाग (सामाजिक कार्यकर्ता कांकेर) त्रिवेणी साहू (पूर्व जिला अध्यक्ष साहू समाज कांकेर) बंशी लाल साहू (अध्यक्ष साहू समाज कांकेर) ओम प्रकाश साहू पूर्व उपाध्यक्ष साहू समाज एवं डॉक्टर योगेश साहू थे। कार्यक्रम के संयोजक बिरचंद कोर्राम, परमानंद साहू, सह संयोजक महेन्द्र सिंह गावडे, टकेश्वर मरकाम महिला सह संयोजक सुशीला मरकाम, खुशबू साहू, लिलेश्वरी मंडावी थे।

विदित हो कि बालोद जिला सहित छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र में धर्मांतरण एक ज्वलंत समस्या बनी हुई है। लोगों को कई तरह के प्रलोभन देकर या बहका कर उन्हें धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। शिक्षा और जागरूकता के अभाव और गरीबी के चलते लोग अपना धर्म छोड़कर विधर्मी बन रहे हैं। खासकर ईसाई मिशनरी द्वारा ऐसे कृत्य को बढ़ावा दिया जा रहा है। पर दूसरी ओर हिंदू संगठन ऐसे रास्ते भटक चुके लोगों को वापस अपने मूल धर्म में लाने के लिए भी प्रयास कर रही। इसी तरह के एक प्रयास में सफलता मिली है ।
 कांकेर जिले के चारामा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम हाराडुला में जहां पर रविवार को आठ परिवारों को हिंदू धर्म में वापसी कराई गई। 15 साल से ये परिवार अन्य धर्म को अपनाकर अपना मूल सनातन धर्म को छोड़कर जीवन यापन कर रहे थे। उनका शुद्धिकरण कर उनकी आरती उतार कर उन्हें वापस हिंदू धर्म में प्रवेश दिलाया गया। समस्त ग्राम वासियों ने यह नेक काम किया है । जिसमें अहम भूमिका निभाई है बालोद जिले के समाजसेवी और संत नाड़ी वैद्य गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख ने।

गुरुदेव वीरेंद्र देशमुख ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत में पहले अंग्रेज शासन करने आए थे । उन्होंने पहले देश की संप्रभुता और सनातन धर्म को तहस-नहस कर दिया उसके बाद मिशनरियों का शासन चल रहा है । हमारा भारत देश में सभी हिंदू एक समाज की तरह रहते थे । पहले संयुक्त परिवार होता था उसमें बुआ दादी-दादी चाचा चाची बड़े मां बड़े पापा छोटे दादा छोटे दादी सभी एक साथ रहते थे । किसी का तबीयत खराब होता था तो सभी एक साथ में मिल कर सेवा में लग जाते थे । लेकिन आज घर परिवार में बंटवारा और आधुनिकता के चक्कर में अपने परिवार को छोटा करते जा रहे हैं ।

सभी का परिवार छोटा होता जा रहा है । यदि पेड़ का शाखाएं ही कट जाए तो पेड़ कब तक जिंदा रहेगा ,सूखकर गिर ही जाएगा । जिसका फायदा अन्य समुदाय के लोग उठाते जा रहे हैं । दूसरा एक और बात है जब पूरा हिंदू समाज हमारा परिवार है तो समाज के अंदर किसी भी व्यक्ति का तबीयत खराब होता है तो समर्थवान व्यक्ति उसकी मदद नहीं करता और अन्य समुदाय के लोग उनका मददगार बनाकर आगे आते हैं । यह तो सच है कि जिस व्यक्ति ने उनका जीवन रक्षा किया है व्यक्ति उसी की तरफ झुकेगा चाहे मानव हो या पशु । हमारे हिन्दू समाज के लोगो को उन लोग आकर कहते हैं कि तुम्हारा समुदाय के लोग तुम्हारे मदद नहीं करते और अपने समुदाय में मिला लेते हैं । 
आप ही देख लीजिए जंगली जीव जंतु शेर भालू बंदर हिरण यहां तक की चिड़िया भी अपने झुंड में रहना पसंद करते हैं । लेकिन इस संसार का सबसे सर्वश्रेष्ठ जीव मानव अपने आप को परिवार और झुंड से अलग रखने के प्रयास में लग गए हैं । गुरुदेव की उद्बोधन से प्रेरित होकर सनातन धर्म छोड़ चुके लोगों ने गांव वालों के पास अपने धर्म में वापसी की इच्छा जताई । जिसका गांव वालों ने समर्थन करते हुए उन्हें गुरुदेव वीरेंद्र देशमुख के सहयोग से वापस सनातन धर्म में आने की इच्छा जताई थी । हिंदू सभा में उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए उन्हें हार पहनाकर उनके चरण धोकर उनके हाथों में मौली धागा बांधकर तिलक लगा सनातन धर्म में वापस लाया गया ।

 

➡️????????भ्रम फैलाकर धर्म परिवर्तन करवाने की कोशिश????????⬅️

 

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के कुछ परिवारों को वर्षों से भ्रम फैलाकर धर्म परिवर्तन कराया गया था । परिवारों की इस घर वापसी के बाद गांव का माहौल शांतिपूर्ण है । ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी परंपराओं और संस्कृति के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहते हैं। संत देशमुख ने धर्मांतरण की गतिविधियों पर चिंता जताते हुए कहा कि भोले-भाले लोगों को बहला-फुसलाकर धर्मांतरण कराया जा रहा है । इस वजह से हमारे समाज और भाईचारे में फूट पड़ रही है । हम सभी ग्रामवासियों से अपील कर रहे हैं कि वो किसी भी चीज के बहकावे में ना आए । धर्म परिवर्तन करने से आपस में भाईचारा खत्म होता है.इसलिए सभी को एकजुट होकर समाज के अंदर चल रही ऐसी गतिविधियों को रोकना होगा। वहीं छग सरकार से भी हम मांग करते हैं कि प्रलोभन देकर या गरीबी का फायदा उठाकर जिस तरह से अवैध धर्मांतरण कराया जा रहा है उस पर रोक लगाने के लिए ठोस कानून बनाया जाए।

➡️????????अपनी सनातन धर्म और संस्कृति पर रखिए अटूट आस्था????????⬅️

गुरुदेव ने अपने उद्बोधन में कहा कि सत्य सनातन धर्म का पालन ही हमारा प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए। अपनी सनातन संस्कृति और धर्म पर अटूट आस्था रखिए। हम हिंदू धर्म में ही सुरक्षित हैं। अन्य धर्म अपनाए लोगों से उन्होंने अपील की कि वे वापस अपने घर आएं और परिवार के साथ रहकर सुखमय जीवन बताएं।  

की

➡️????????हाराडूला गांव में आयोजित हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम में इनकी परिवार सहित हुई है घर वापसी????????⬅️

 

  रघुनाथ सिन्हा मुकेश बघेल हीरालाल रजक लक्ष्मण सोनवानी मुकुंद रजक श्रीराम सोनवानी 

 

➡️????????कार्यक्रम इनका रहा सहयोग????????⬅️

  रघुनंदन साहू ( ग्राम पटेल ) सुशीला मरकाम (सरपंच )बीरचंद कोर्राम केशव साहू महेंद्र सिंह गावडे देवेंद्र साहू गिरी किशोर साहू लक्ष्मी नारायण विश्वकर्मा तकेश्वर मरकाम  भगवान सिंह साहू उमेश्वरी ओझा ममता सोनवानी लीलेश्वरी मंडावी और खुशबू साहू सोनसाय साहू (विभाग बौद्धिक प्रमुख उत्तर बस्तर कांकेर) मनोज कुमार चंद्रशेखर सोनकले राधेश्याम कोडप्पा पुरुषोत्तम सोनी ओमप्रकाश साहू , शिवेंद्र साहू कोलियारा, डॉक्टर योगेंद्र साहू, भूपेंद्रनाथ, रामदयाल साहू, ,  परमानंद साहू, जीवधर सिन्हा, ग्राम पटेल रघुनंदन साहू, भगवान सिंह साहू,, सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
Spread the love
Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

You missed

error: Content is protected !!