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छत्तीसगढ़ की शोषित पीड़ित जनता के लिए संघर्ष के संकल्प के साथ सीटू का तीन दिवसीय सम्मेलन संपन्न । सभी ने कहा शाबाश राजहरा…!

दल्ली राजहरा

बुधवार 4 फरवरी 2026

भोजराम साहू 9893 765541

 

सेंटर आफ इंडिया ट्रेड यूनियन (सीटू ) का आठवां छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय सम्मेलन का आज लौह नगरी दल्ली राजहरा के सिंधु भवन में सम्पन्न हुआ है। छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न क्षेत्र से आए 100 प्रतिनिधियों ने यहां संगठन को मजबूत बनाने, व वंचित वर्ग के हितों की रक्षा हेतु चर्चा की एवं रणनीति बनाई।

सम्मेलन के दूसरे दिन अध्यक्ष मंडल का गठन किया गया, जिसमे कामरेड एस एन बनर्जी, का.एम के नंदी, का.संगीता महंत, का. विजय कुमार जांगडे, का बी एम मनोहर, का. गजेंद्र झा, का. एम एस शांतकुमार को शामिल किया गया।

उद्घाटन सत्र में, सीटू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व स्टील वर्कस फेडरेशन आफ इंडिया के अध्यक्ष कामरेड तपन सेन ने कहा कि जिस तरह से किसान भाईयो ने सरकार द्वारा थोपे गए कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन कर सरकार को घुटने टेक कर कृषि कानून वापस लेने के लिए मजबूर कर दिया, उसी तरह हम सभी को नये श्रम कानूनों के खिलाफ एक होकर आंदोलन करना पड़ेगा । हमें सरकार को मजबूर करना है इस श्रम कानून को वापस लिया जाये।

इसलिए 12 फरवरी की हड़ताल के लिए मजदूर किसान और समाज के दूसरे हिस्सों को भी इस हड़ताल से जोड़ना चाहिए। सीटू का आठवां सम्मेलन विशेष कर इसी विषय को फोकस कर रहा हैं ।

उन्होंने कहा कि वनांचल एवं खदान बाहुल्य राज्यों में सरकार ज्यादा हमला कर रही है , जिससे छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं है । इस बजट में सरकार ने पूंजी पतियों को और अधिक मजबूत किया है। जो जमीन सरकार उद्योगों के लिए दे रही है ज्यादातर वे गरीब और आदिवासियों की है ।

 

जहां पर वे अपने पुरखों के जमाने से खेती करते हुए आ रहे हैं। खदानों के विस्तार के लिए किसी का घर उजाड़ना हमें मंजूर नहीं है, इसे हमें रोकना है । खदान का विस्तार बाद में होगा पहले प्रभावितों का बंदोबस्त होना चाहिए, इनको उचित मुआवजा और रोजगार की व्यवस्था करनी चाहिए। । उन्होंने कहा कि केवल मजदूर वर्ग के लिए नहीं, बल्कि सभी वंचित वर्ग के लिए हमें संघर्ष करना है।

अध्यक्षीय भाषण प्रस्तुत करते हुए कामरेड शांत कुमार ने राजहरा की धरती पर सभी अतिथियों एवं प्रतिनिधियों का स्वागत किया। इसके बाद विगत तीन वर्षों में दिवंगत हुए श्रमिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए शोक प्रस्ताव प्रस्तुत कर श्रद्धाजंलि दी गई।

महासचिव की ओर से अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, एवं प्रदेश की परिस्थितियों एवं छत्तीसगढ़ सीटू की गतिविधियों पर एक वृहद रिपोर्ट पेश की गई। इस रिपोर्ट पर सदन के 22 प्रतिनिधियों ने व्यापक चर्चा कर अपने सुझाव रखे।

पिछले आय व्यय का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया गया।इसी दौरान, लेबर कोड को रदद करने, सांप्रदायिकता के खिलाफ, तथा 12 फरवरी की  हड़ताल सफल बनाने हेतु प्रस्ताव भी पारित किये गये।
सम्मेलन के तीसरे दिन, महासचिव प्रतिवेदन, एवं आय व्यय लेखा को सर्वसम्मति से पारित किया गया।इसके बाद छग राज्य सीटू की नई का समिति चुनाव किया गया, जिसमें, कामरेड बी एम मनोहर अध्यक्ष, कामरेड एस एन बनर्जी को महासचिव, सहित 17 सदस्यीय सचिव मंडल, एवं 20 कार्यकारिणी सदस्यों सहित कुल 37 सदस्यीय टीम को प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई।

  सीटू दल्लीराजहरा से चुने गए प्रतिनिधि मंडल में

समिति में राजहरा के पुरषोत्तम सिमैया को उपाध्यक्ष, एवं नकुल देवांगन को कार्यकारिणी सदस्य के रुप में चुना गया।वहीं भिलाई सीटू से टी जोगाराव को सचिव मंडल तथा डी वी एस रेड्डी व केवेन्द्र सुंदर को कार्यकारिणी में स्थान मिला है।

सम्मेलन मे समापन भाषण पेश करते हुए सीटू के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड सुदीप दत्ता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर से लेकर उद्योगों तक पूंजीवादी संकट पर विस्तार से प्रकाश डाला ।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सीटू ने जो अपना विस्तार किया है,उसने मजदूरों के दिल में जगह बनाई है वो और बढ़नी चाहिए। छत्तीसगढ़ के अधिकांश क्षेत्र में लोग कृषि के साथ-साथ मजदूर कारखाने में काम करते हैं । कोई कोल, तो कोई  एल्युमिनियम तो कोई आयरन ओर जैसे कई क्षेत्र से हैं। पूरे देश का 14% लोहा उत्पादन, 20% कोयला उत्पादन, एलमुनियम में लगभग 20% का उत्पादन छत्तीसगढ़ करता है बिजली उत्पादन में 30000 मेगावाट का उत्पादन में छत्तीसगढ़ का हिस्सा है । इसमें पूरे भारत का लगभग 10% बिजली यहीं पर बनता है ।

 

 इसका मतलब यह है कि भारत के विकास में छत्तीसगढ़ के मजदूरों का बहुत  बड़ा व महत्वपूर्ण योगदान है। आधुनिक भारत के निर्माण में यहां के मजदूरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। लेकिन देश के मजदूर आन्दोलन में छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी अभी भी उत्पादन के अनुपात में कम है। हमें यह समझना होगा कि आने वाले 3 सालों में क्या बदलाव होने वाला है ।

वर्तमान सरकारें मजदूरों हित के बजाय कॉरपोरेट घराने के हित में काम कर रही हैं । यह विकसित देश के लिए बहुत बड़ी विडंबना है । जानकारी मिली है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर टैरिफ घटा दिए हैं, जिसमें समझौता हुआ है कि अब अमेरिका से भारत कोयला खरीदेगा जबकि उच्च क्वालिटी का कोयला उत्पादक देश हमारा भारत है ।
आने वाले दिन बहुत ही विकट समस्या होने वाली है क्योंकि सरकार कॉर्पोरेट घराने को फायदा पहुंचाने के लिए मजदूरों का कमर तोड़ने और उन्हें फिर से गुलाम बनाने के लिए नये लेबर कोड ला रही है । इसके बारे में ज्यादा बताने की आवश्यकता नहीं है । बस इतनी समझ लीजिए 12फरवरी की हड़ताल आर पार की लड़ाई है, जिसमें सभी को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी है। साथ ही लोगों को बताना है कि वास्तव में मजदूर वर्ग लेबर कोड का विरोध क्यों कर रहे हैं । अंत में उन्होंने इस शानदार आयोजन के लिए,आयोजन समिति तथा राजहरा की समस्त श्रमिक विरादरी की खूब सराहना की तथा धन्यवाद दिया।

सम्मेलन का समापन करते हुए सीटू राजहरा के संगठन सचिव कामरेड प्रकाश सिंह क्षत्रिय ने सभी राष्ट्रीय नेताओं, प्रदेश नेतृत्व, प्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं, प्रेस के साथियों, खदान के नियमित व ठेका श्रमिकों सहित नगर की जनता को धन्यवाद ज्ञापित किया।

Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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