दल्ली राजहराशुक्रवार 22 मई 2026भोजराम साहू 9893 765541डीजल की कमी के चलते राजहरा यंत्रीकृत खान में देव माइनिंग कंपनी द्वारा संचालित कोकान साइट का ठेका कार्य पिछले एक सप्ताह से पूरी तरह ठप पड़ा है। काम बंद होने से जहां बीएसपी के उत्पादन पर असर पड़ रहा है, वहीं सैकड़ों ठेका श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। हालात को गंभीर बताते हुए सीटू यूनियन ने बुधवार को खदान के प्रभारी महाप्रबंधक जयप्रकाश को ज्ञापन सौंपकर काम तत्काल शुरू कराने और बंदी अवधि का वेतन दिलाने की मांग की है।अन्य खदानों में शुरू हुआ काम, राजहरा अब भी बंद सीटू अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र सिंह ने बताया कि डीजल संकट के कारण महामाया, दल्ली और झरनदल्ली की खदानों में भी काम रुका था, लेकिन वहां पिछले दिनों से काम फिर शुरू हो चुका है। सिर्फ राजहरा यंत्रीकृत खान में ही अब तक ठेका कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। यूनियन ने सवाल उठाया कि जब परेशानी सब जगह एक जैसी है तो केवल राजहरा का काम बंद रखना किसी भी नजरिए से उचित नहीं है। ठेकेदार और प्रबंधन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी श्रमिकों को न देने से मजदूरों में आक्रोश बढ़ रहा है और तरह-तरह की शंकाएं भी जन्म ले रही हैं।बिना सूचना काम बंद करना अवैधानिक: सीटू यूनियन पदाधिकारियों ने प्रबंधन से विस्तृत चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि ठेकेदारों द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक काम बंद किया गया है, जो अवैधानिक कामबंदी के दायरे में आता है। ऐसे में नियमानुसार बंदी अवधि का पूरा वेतन श्रमिकों को मिलना चाहिए। साथ ही भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने, इसे भी प्रबंधन को सुनिश्चित करना होगा।प्रबंधन ने दिया सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा ।महाप्रबंधक प्रभारी जयप्रकाश ने यूनियन को आश्वस्त किया कि डीजल संकट को लेकर आज ही ठेकेदारों के साथ विस्तारित बैठक बुलाई गई है और जल्द ही सकारात्मक समाधान निकाल लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कामबंदी के दौरान श्रमिकों के वेतन भुगतान को लेकर कार्मिक विभाग से चर्चा कर नियमानुसार कदम उठाया जाएगा। प्रबंधन भविष्य में कामबंदी रोकने के लिए गंभीरता से रणनीति तैयार कर रहा है, जिसके परिणाम जल्द सामने आएंगे। बैठक में मशीनों के रखरखाव में आ रही कमजोरी के मुद्दे पर भी चर्चा हुई और प्रबंधन ने सभी बिंदुओं पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया।मुख्य महाप्रबंधक को भी सौंपा ज्ञापन । सीटू ने सभी खदानों में हुई अचानक कामबंदी के दौरान ठेका श्रमिकों का वेतन भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए मुख्य महाप्रबंधक खदान को भी अलग से ज्ञापन सौंपा है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द काम शुरू नहीं हुआ और श्रमिकों को राहत नहीं मिली तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।Spread the lovePost navigationदल्ली राजहरा में माथुर बहू नेहा ने जगाई कला की अलख, 5 दिवसीय फ्री समर कैंप में बच्चे-बड़े सीख रहे रेजिन से मिरर आर्ट तक । भाजपा नेता जयदीप गुप्ता की मांग पर बालोद जिले में शुरू हुई 112 पुलिस आपातकालीन सेवा..!