दल्ली राजहरा सोमवार 05 अक्टूबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541

 

 स्वच्छता व्यवस्था ध्वस्त

 

 दल्लीराजहरा नगर पालिका परिषद एक बार फिर सवालों के घेरे में है। वार्ड 26 की पार्षद श्रीमती टी ज्योति ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली, स्वच्छता व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पार्षद ने कहा है कि नगर पालिका में अधिकारियों की नियमित अनुपस्थिति के कारण आम जनता से जुड़े विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हैं और नगर का विकास अवरुद्ध हो गया है।
 स्वच्छ भारत अभियान का पैसा कहाँ जा रहा है? – जमीनी हकीकत बदहाल

शासन द्वारा स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने के लिए लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

नागरिकों में भारी नाराजगी है। सबसे बड़ा उदाहरण नगर पालिका का ई-रिक्शा है, जो पिछले एक सप्ताह से खराब अवस्था में नगर पालिका परिसर में ही खड़ा है। उसे देखने या उसकी मरम्मत कराने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं है। जब कचरा उठाने वाला वाहन ही कबाड़ बन गया है, तो शहर की सफाई व्यवस्था का अंदाजा खुद लगाया जा सकता है। इससे वार्डों में कचरे के ढेर लग रहे हैं और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

 

 रेलवे कॉलोनी में टेंडर कार्यों में बड़ा घोटाला ….?

पार्षद टी ज्योति ने सबसे गंभीर आरोप वार्ड 26 और रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में टेंडर प्रक्रिया से कराए गए कार्यों पर लगाए हैं।

 

आरोप है कि इन कार्यों में –
1. कार्य की गुणवत्ता बेहद घटिया है।
2. उपयोगिता का कोई ध्यान नहीं रखा गया है।
3. खर्च की गई शासकीय राशि की कोई निगरानी नहीं की गई है।

 

जिससे यह आशंका गहरी हो गई है कि इन कार्यों में शासकीय धन का खुला दुरुपयोग किया गया है।

 

 पार्षद टी ज्योति की 4 सूत्रीय मांग

जनहित को देखते हुए पार्षद श्रीमती टी ज्योति ने नगर पालिका प्रशासन और जिला प्रशासन से मांग की है कि –

 

1. रेलवे कॉलोनी टेंडर कार्यों की तकनीकी एवं वित्तीय जांच हो।
2. किए गए कार्यों की गुणवत्ता का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाए।
3. ठेकेदार एजेंसी को किए गए भुगतान की पूरी प्रक्रिया की जांच हो।
4. नगर पालिका अधिकारियों की नियमित उपस्थिति, लंबित विकास कार्यों और स्वच्छता व्यवस्था की भी समग्र जांच की जाए।

 

उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित ठेकेदार एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

 

इस मामले को लेकर नगर के नागरिकों में भी चर्चा तेज हो गई है और लोग नगर पालिका के खिलाफ जांच की मांग का समर्थन कर रहे हैं।
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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