दल्ली राजहरा सोमवार 02 नवम्बर 2026 भोजराम साहू 9893 765541पहले बैच को दी विदाई, दूसरे का हुआ शुभारंभ । जनजातीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में वनवासी कल्याण आश्रम दल्ली राजहरा ने एक बड़ी पहल की है। अब महिलाएं सिर्फ सिलाई सीखेंगी नहीं, बल्कि सिलाई से कमाई भी करेंगी। ठेठवार पारा, चिखलाकसा स्थित वनवासी कल्याण आश्रम में रविवार को रानी दुर्गावती सिलाई प्रशिक्षण केंद्र के प्रथम समूह का समापन एवं द्वितीय समूह का शुभारंभ किया गया।पहले बैच को दी गई विदाई पहले समूह का प्रशिक्षण 01 जुलाई 2026 को प्रारंभ हुआ था। 4 माह का निःशुल्क प्रशिक्षण पूरा करने वाली बहनों को शुभकामनाओं के साथ विदाई दी गई। वहीं नए बैच का स्वागत किया गया, जिनकी क्लास कल से प्रारंभ हो रही है।अब बनेगा महिला समूह, थोक में कपड़ा लेकर करेंगी सिलाई । कार्यक्रम में सबसे बड़ी घोषणा यही रही कि प्रशिक्षण पूरा कर चुकी महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए एक महिला समूह गठित किया जाएगा। इस समूह के माध्यम से महिलाएं थोक में कपड़ा क्रय कर सामूहिक रूप से सिलाई कार्य करेंगी और तैयार वस्त्रों एवं अन्य उत्पादों को बाजार में बेचकर नियमित आय अर्जित करेंगी। अतिथियों ने कहा – महिलाओं को केवल प्रशिक्षण देना पर्याप्त नहीं है, उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना भी जरूरी है। सिर्फ सिलाई तक सीमित नहीं रहेंगी बहनें । महिलाओं को केवल सिलाई तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उनकी रुचि और स्थानीय जरूरत के अनुसार निकट भविष्य में अन्य व्यावसायिक और स्वरोजगारपरक कौशलों का प्रशिक्षण भी शुरू किया जाएगा। ये अतिथि रहे उपस्थित ।कार्यक्रम में महिला कार्य आयाम की प्रान्त प्रमुख रेखा देशपांडे, प्रान्त सदस्य अनीता सिंह एवं विभाग प्रमुख श्रीमती नीलिमा चावरे की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके साथ ही जिला वनवासी विकास समिति के अध्यक्ष पवन कुमार गंगबोइर, सचिव कृष्णा साहू, जिला प्रमुख महिला आयाम रेनुका साहू, नगर प्रमुख संगीता देवांगन, कोषाध्यक्ष राजेश्वरी साहू, शिल्पी राय, प्रशिक्षक संजीवनी भास्कर सहित महिला आयाम से जुड़ी मातृशक्ति और गणमान्यजन उपस्थित रहे। वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और कौशल विकास के क्षेत्र में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। महिला कार्य आयाम की यह पहल प्रशिक्षण से रोजगार और रोजगार से आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।Spread the lovePost navigation“सेवानिवृत्ति समापन नहीं, नई पारी की शुरुआत है ।” – मयाराम ठाकुर, राजहरा में 6 कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर किया गया सम्मानित । जनपद सभापति मंजू बैस ने दीपावली पर कुसुम कसा छात्रावास की 106 बेटियों को भेंट किए नए कपड़े ।