दल्ली राजहरा सोमवार 02 नवम्बर 2026 भोज राम साहू 9893765541

 

दीपावली का पर्व केवल दीप जलाने का नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में उजाला फैलाने का भी पर्व है। इसी भावना को साकार किया जनपद पंचायत डौंडी की महिला एवं बाल विकास विभाग की सभापति  मंजू संजय बैस ने।

 

ग्राम कुसुमकसा स्थित कन्या आदिवासी छात्रावास में दीपावली के पावन अवसर पर निवासरत सभी 106 छात्राओं को दीपावली उपहार स्वरूप नए कपड़े भेंट किए गए। नए कपड़े पाकर बेटियों के चेहरे खुशी से खिल उठे और पूरा छात्रावास परिसर उत्साह और उमंग से भर गया।

बेटियां हैं समाज का भविष्य

 

इस अवसर पर मंजू संजय बैस ने कहा – दीपावली खुशियों, प्रेम और आपसी सद्भाव का पर्व है। त्योहार की सार्थकता तभी है, जब हम अपनी खुशियों में दूसरों को भी सहभागी बनाएं।

 

उन्होंने कहा – छात्रावास में रहने वाली ये बेटियां अपने माता-पिता और परिवार से दूर रहकर शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। ऐसे में त्योहार पर उनके साथ खुशियां बांटना और उन्हें अपनत्व का एहसास कराना हम सभी का दायित्व है। बेटियां हमारे समाज का भविष्य हैं। उनकी शिक्षा, सुरक्षा और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना हम सबकी जिम्मेदारी है।

उन्होंने छात्राओं को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने, सपनों को साकार करने और अपने माता-पिता, गांव और क्षेत्र का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

 

अधीक्षिका कामिनी पटेल के सेवाभाव की हुई सराहना

 

मंजू संजय बैस ने छात्रावास की अधीक्षिका सुश्री कामिनी पटेल और पूरे स्टाफ के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा – आदिवासी कन्या छात्रावास की बेटियों को घर जैसा वातावरण देना बड़ी जिम्मेदारी है। ये बच्चियां परिवार से दूर रहती हैं, इसलिए छात्रावास ही उनका दूसरा घर है। कामिनी पटेल जिस आत्मीयता, प्रेम और समर्पण के साथ छात्राओं की देखभाल करती हैं, बच्चियों के जन्मदिन याद रखती हैं, उनकी छोटी-छोटी जरूरतों का ध्यान रखती हैं, वह प्रशंसनीय है।

सरपंच वेद बाई पिस्दा ने की पहल की प्रशंसा

 

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत कुसुमकसा की सरपंच श्रीमती वेद बाई पिस्दा विशेष रूप से मौजूद रहीं। उन्होंने कहा – त्योहारों की खुशियां तभी सार्थक होती हैं, जब हम आसपास के लोगों के साथ भी खुशियां बांटते हैं। घर से दूर रहकर पढ़ रही इन बेटियों को उपहार देना उनके चेहरे पर मुस्कान लाने का सुंदर प्रयास है।

 

कामिनी पटेल ने कहा – बेटियों को घर जैसा अपनापन देना हमारा प्रयास

अधीक्षिका सुश्री कामिनी पटेल ने कहा – छात्रावास की सभी 106 छात्राएं मेरे लिए परिवार की बेटियों के समान हैं। हमारा प्रयास रहता है कि उन्हें यहां घर जैसा प्यार, अपनापन और सुरक्षित वातावरण मिले। मंजू बैस द्वारा नए कपड़े भेंट किए जाने से बच्चियों की खुशियां दोगुनी हो गईं।

 

कार्यक्रम में छात्रावास एवं विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, शाला प्रबंधन समिति के सदस्य तथा अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।

 

सच यही है – त्योहारों की असली खुशी दूसरों के जीवन में मुस्कान लाने में है। कुसुमकसा में 106 बेटियों के चेहरों पर खिली मुस्कान ही इस दीपावली की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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