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डौंडीलोहारा में छमुमो के सैकड़ो सिपाहियों ने मनाया शहीद वीर नारायण सिंह का 168 वा शहादत दिवस ।

दल्ली राजहरा
शुक्रवार 19 दिसंबर 2025
भोजराम साहू 9893 765541
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा/छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ/जिला किसान संघ बालोद ने मिलकर मनाया, वीर नारायण सिंह का 168 वा शहादत दिवस ।

कार्यक्रम की शुरुआत बाज़ार चौक से हुआ । जहां सभा स्थल बनाया गया था वहीं से विशाल रैली का प्रारंभ हुआ जो बाज़ार से होते हुए, मुख्य मार्ग से वीर नारायण सिंह अमर के रहे के नारो के साथ , आगे बढ़ी और नियोगी जी के सैकड़ों सिपाहियो शामिल हुए, जिसमें कर्रे गांव, लोहारा, झिकाटोला, मंगचूवा, तुरमुड़ा, टेका पार, अमका पार, कुर्रू भाट, जुन्ना पानी, भर्री टोला, रेंगा डबरी, डौंडीलोहारा ब्लॉक , डौंडी ब्लॉक , छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री जनक लाल ठाकुर, छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ, उपाध्यक्ष सुरेन्द्र साहू, महामंत्री रामचरण नेताम, शैलेश बंबोडे, महमूद बख्श, बेरोजगार युवा संघ सभी साथी, महिला मुक्ति मोर्चा सभी, साथी किसान साथी शामिल हुए ।

कार्यक्रम का मंच संचालन बिहारी लाल ठाकुर ने किया । सबसे पहले वक्ता के रूप में राम चरण नेताम ने कहा,हमारा संघ आज से नहीं बल्कि 1980 से वीर नारायण सिंह का शहादत दिवस मना रहे है, इन्हीं राष्टीय पार्टी के नेताओं ने वीर नारायण के इतिहास को छिपाने का कोशिश किया था, जिसे नियोगी जी ने ढूंढ़ निकला और पूरे देश को इसकी वीर गाथा बताया, वीर नारायण सिंह ने अंग्रेजो के खिलाफ लड़े, वीर नारायण सिंह जल जंगल जमीन के लिए लड़ाई लड़े थे ।

उन्होंने गरीब मजदूर को गेहूं ,चावल मुफ्त में बांट दिया था, केवल छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ ही वीर नारायण का इतिहास बता सकता है, वीर नारायण सिंह जनता के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ते थे ।

बीजेपी ,कांग्रेस , केवल धर्म की राजनीति कर रहे है, एक दूसरे के खिलाफ भड़का रहे है, वीर नारायण सिंह कोई जाति धर्म से संबंधित नहीं है, वीर नारायण सिंह को जयस्तम्भ चौक में सबके सामने फासी दिया गया ताकि छत्तीसगढ़ की जनता इस फांसी से डरे और कोई भी अंग्रेजो के खिलाफ ना खड़े हो सके ।
पुसऊ राम ग्राम सेमारडिह के साथी ने क्षेत्र के सभी किसान मजदूर साथियों को लाल जोहार किया । हम भिलाई मजदूर आंदोलन से नियोगी के साथ खड़े है लड़ाई लड़ रह है, देश में अब सभी नेता राजनेता दलाल हो गए है ।

दुनिया में कोई ताकत नहीं है जो मजदूर को दबा देगी, मोदी सरकार को भी दिखा देंगे कि मजदूर किसान विरोधी नीति लागू करना कितना मुश्किल है हम हर संभव मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ेंगे।

छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र साहू ने कहा भारत भूमि की अखंडता के खातिर हम अपनी जान गंवा देंगे कि ओजस्वी बातो के साथ अपना विचार रखा हमे अपने हक अधिकार के लिए लड़ना होगा ।
हमे वीर नारायण सिंह ने सिखाया था एक गरीब परिवार और शोषित समाज को उचा उठाना इनका उद्देश्य था , हम सबको वीर नारायण सिंह बनना होगा बड़े बड़े उद्योगपति हमारे हक अधिकार को छीन रहे है सरकार भी केवल पूंजीपतियों के हित में काम कर रहे है, आज दुनिया में इतनी बेरोजगारी है और सरकार देश में स्कूल बंद कर शराब दुकान खोल कर जवान साथियों को बर्बाद करने में तुला हुआ है, हम सबको मिलकर एक होकर लड़ना होगा।

युगल किशोर जो खरखरा बांध से प्रभावित है, ग्राम बावली जो राजनांदगांव में क्षेत्र में आता है, खरखरा बांध के किनारे वाले जितने भी गांव है इससे परेशान है, कहने है की लोग आग से जलते है लेकिन हमारा गांव खरखरा बांध के पानी से जल रहे है ।

शैलेश बंबोडे कामरेड शंकर गुहा नियोगी के द्वारा जब देश में इतने क्रांतिकारी है तो छत्तीसगढ़ में क्यों नहीं इसकी खोज करने निकले तो पता चला कि वीर नारायण सिंह सोनाखान से है दुख की बात यह है राष्टीय गजट में इनका नाम नहीं था, सरकार इनकी शहादत को अलग दिशा में लेकर जा रहे है, अर्जुन सिंह जब एमपी के सीएम थे तब राजहरा में आए थे तब छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के नेतृत्व में मनाया गया था ।
आज सरकार हर संभव प्रयास कर रही कि मजदूरों को परेशान कर उद्योग के हक में फैसला करवा रही है, और धीरे धीरे उद्योग क्षेत्र में मजदूर की संख्या कम कर मजदूरों को बेरोजगार करने में तुली हुई है, अब ग्रामीण इलाकों में संचालित मनरेगा रोजगार गारंटी के कानून में बदलवा किया जा रहा है, खरखरा बांध का पानी बड़े बड़े उद्योग के लिए इनका पानी जाता है और किसानो का जमीन डूबता है, किसानो को कुर्बानी देना होता है, सरकार में बैठे जो उद्योगपतियों के संरक्षक है ।
कृष्णा ठाकुर खरथुली हम लोग 1980 से वीर नारायण सिंह दिवस मानते आ रहे है, वर्तमान में सरकार किसानो को परेशान कर रही है, सरकार बड़े बड़े भाषणों से मजदूर किसानो का हितैषी बनती है ,लेकिन वास्तव में सरकार किसान मजदूरों का आहित करती है, अब क्रांति लाना जरूरी है चुनाव के समय हमे देश को बदलने की जरूरत होती है, तो हम पैसों और दारू में बिक जाते है तो कहा से क्रांति आएगी है, दारू का बहिष्कार करो और बच्चो को अच्छी शिक्षा दो, तभी देश में सुधार होगा , हम जो मेहनत कर रहे है उसका सही कीमत दो, हमारे बच्चो को अच्छे शिक्षक दो, बैठ के बात करने से कुछ नहीं होगा हमे क्रांति के मार्ग में चलना होगा, नियोगी जी कहते है डरने कि बात नहीं मैंने जो रास्ता बताया है ।

उस रास्ता में चलो कोई कुछ नहीं कर पाएगा मुक्ति मोर्चा के साथ चलो एक जुट होकर चलो देश बदल देंगे, कैसे खरखरा बांध की ऊंचाई बढ़ा देगी सरकार देखते है, देश का दो पहलू है एक किसान एक मजदूर दोनों को मिलकर चलना होगा, हमारे गांव खरखरा के किनारे में आता है हमे सरकार ने खेत डूब जाने से नौकरी और मुआवजा का वादा करके मुकर गया , आज भी हम इससे जूझ रहे है।
लीलाधर ढाले आज हम किसान मजदूर के खिलाफ हो रहे कार्यों पर चर्चा कर रहे है, ये वास्तव में वाजिब बात है 1965/66 में हमारा गांव डूब चुका है, कहते है बकरा एक बार हलाल होता है, आज पुनः किसानो पर संकट की विपदा आ चुकी हम सरकार से निवेदन करते है कि हमे नौकरी नहीं चाहिए ये पानी भिलाई, रायपुर जाएगा, और हलाल हम हो रहे है, हमारा जितना जमीन जा रहा है जहां ये पानी जा रहा है वहां हमे जमीन दे दे, जैसे सरकार बड़े बड़े शहरों में पानी भेज रहा है वहां हमे स्थान दे दे, ।

नवाब गिलानी जम्मो किसानो साथी मन ला लाल जोहार जब जब देश में क्रांति हुए तब तब महिलाओं ने साथ निभाया है देश में जुल्मी संसद मिलकर हमारे ऊपर ज़ुल्म कर रहे है, जब जब जुल्म करोगे संसद के गलियारों से तब तब आवाज़ उठेगी इन्कलाब के नारो से, इस विधानसभा क्षेत्र की स्थिति बद से बत्तर था तब नियोगी जी हमे जीना सिखाया और लड़ना सिखाया हमे जुल्म के खिलाफ बोलना सिखाया, जब तक हम आवाज नही उठाएंगे हम कुचले जाएंगे, आज मोर्चा का दबदबा है,बीजेपी की राज में खाद का मूल्य 200 को 2000 कर दिया गया, खरखरा बांध का उचाई बढ़ने से 15/20 गांव और हजारों किसान प्रभावित होगे जो हम हरगिज़ होने नहीं देंगे, क्रांति शहादत मांगती है अगर खरखरा के योजना आगे बढ़ी तो मोर्चा शहादत के लिए तैयार है सरकार ये जान ले ।
गुरूर ब्लॉक मोर्चा अध्यक्ष परदेशी राम साहू आज हम नारायण सिंह के इतिहास को याद कर रहे है,देश के महान पुरुष नियोगी जी ने जनता के बीच में नारायण सिंह के इतिहास को लाया, सोनाखान के इतिहास को खोदकर निकला, वास्तव में नारायण सिंह का घर पहाड़ी के नीचे है, चिटकबरे घोड़े में सवार को कर डोंगरी में घूमते थे जब 56/57 के घोर अकाल में लोग पलायन कर रहे थे तभी नारायण सिंह ने लोगो की मदद कर उनको आश्रय दिया।

किसान संघ के अध्यक्ष गैंद सिंह ठाकुर आज सभी किसानो मजदूरों के साथ हो रहे अन्याय से अवगत है, नियोगी जी के संघर्ष और निर्माण के मार्ग में प्रशस्त है, हर गांव में आज वीर नारायण सिंह के गाथा को याद किया जा रहा है, सरकार के गलत नीतियों के कारण आम जनता भटक रही है, किसान धान बेचने के लिए भटक रहे है, खरखरा बांध के कारण पहले भी गावो को विस्थापित किया जा चुका और ये दूसरी बार है जब खरखरा बांध की ऊंचाई बढ़ाने की बात सामने आ रही है, मोदी कहती है अच्छे दिन आएंगे, क्या यही अच्छे दिन है बेरोजगार भटक रहे है, किसानो धान बेचने को भटक रहे है।

छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उइके आज के शहादत दिवस पर सभी ने अपनी बात कहा दिया, आज हम किसान मजदूर सभी लड़ने को तैयार है, 2014 में जब सरकार सत्ता में आई तो सरकार ने संविधान को बदलने की बात कही, मतलब साफ है सरकार हमारा हक और अधिकारों को छीनना चाह रही है, देश के मजदूरों का पहचान लाल हरा रंग है,जब किसानो ने कृषि बिल विधेयक का विरोध दिल्ली में विरोध कर महीने तक डटे रहे , तो क्या छत्तीसगढ़ का किसान कमजोर है जो अपने अधिकारों के लिए सरकार से लड़ नहीं पाएंगे,आज छत्तीसगढ़ में अदि वासी मुख्य मंत्री होने पर भी खदानों और कोल माइंस स्थापित करने के लिए जल जंगल जमीन को उजाड़ रहे है, रायगढ़ में जब जिंदल कंपनी ने जबरदस्ती ऑनलाइन में धोखा करके सरकार ने किसानो की जमीन जिंदल को बेच दिया था जब लोगो को मालूम हुआ कि, उनका जमीन बिक गया है, बस्तर क्षेत्र में आदिवासी के जमीनों को बेचा जा रहा है, सरकार की ये जमीन को हथियाने का तरीका जिससे बड़े बड़े उद्योग पतियों को हमारा जमीन बेच दे रही है ।

छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री जनक लाल ठाकुर सभी का आभार व्यक्त किया और सभा को संबोधित किया, जल जंगल जमीन को छिने जाने की कोशिश क्यों हो रहे है, हमे समझना होगा इन जल जंगल जमीन में छुपे सम्पदा को उद्योगपतियों के हाथो बेच देना चाहती है,अभी श्रम कानून में बदलवा करके केंद्र सरकार स्थानीय लोगो का रोजगार छीनने की कोशिश हो रहे है, बाहरी लोगो को आउट सोर्सिंग के माध्यम रोजगार दे रहा है, आज देश के अंदर बाज़ार राज का अधिकार हो गया है और बाज़ार किसका है बाहरी लोगों का, आज खरखरा बांध को एक बार फिर ऊंचाई बढ़ने की बात हो रही है, और देश में 216 बांधो में मरम्मत करने की जरूरत है, और छत्तीसगढ़ में 24 बांध खराब है जिसकी मरम्मत किया जाना है, जबकि बालोद जिले के लोहारा क्षेत्र में सबसे ज्यादा बांध है, और अगर बांधो की हालात खराब है तो उनकी मरम्मत किया जाना चाहिए ना की बांध की ऊंचाई बढ़ाना चाहिए, आज सरकार ऑनलाइन तरीके से धान खरीदी की जा रही जबकि ऑफलाइन तरीके से टोकन काट कर किसानो का अधिक से अधिक संख्या में धान खरीदी किया जाना चाहिए, हम सरकार के खराब नीतियों के खिलाफ लड़ने को तैयार हम नियोगी जी के सिपाही है, छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा, छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ तैयार है। लोहारा क्षेत्र के किसान साथी जिसमें











