दल्ली राजहरा सोमवार 01 दिसम्बर 2025

भोजराम साहू 9893 765541

कच्चे के पास आरी डोंगरी उत्तर बस्तर छत्तीसगढ़ मे श्री शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने बताया कि वनांचल क्षेत्र के हमारे आदिवासी भाई बहन जिस जिस बुढ़ा देव की पूजा अर्चना करते हैं । जानते हो यह बुढ़ा देव कौन है अपने बुजुर्ग लोगों से पूछे तो बताएंगे वास्तव में यह देवाधिदेव महादेव बाबा शंकर का ही स्वरुप है । हमारा पूर्वज हमारे दादा परदादा भगवान शिव की आराधना आदि अनंत काल से करते आ रहे हैं । लोगों को समझ में आ गया है कि संसार सागर से पार होना है तो देवाधिदेव महादेव को एक लोटा जल चढ़ाना ही होगा । 

 

विशाल समुद्र बड़े-बड़े जहाज को डुबो देता है लेकिन यदि तेल की एक बूंद भी गिर जाए तो क्या वह उस बूंद को डूबा सकता है ..? नहीं ऐसा क्यों इसलिए कि तेल एकदम हल्का होता है । इसलिए वह तेल को नहीं डूबा सकता । शिव महापुराण की कथा कहता है कि इस संसार सागर में जाकर सबको डूबना ही है । लेकिन यदि संसार सागर में आने के बाद शंकर की शक्ति उनकी भक्ति का जाप किया जाए उनका आराधना किया जाए तो किसी भी शक्ति आपको डूबा नहीं सकती । इसीलिए कहा गया है “अकाल मृत्यु वह मरे क्या मरे जो भक्त हो महाकाल का ” भगवान की भक्ति करने वाले को कभी कोई नहीं डूबा सकता ।

महाराज धृतराष्ट्र की कथा बताते हुए उन्होंने कहा कि महाराज धृतराष्ट्र नेत्रहीन थे । एक दिन उन्होंने द्वारकाधीश श्री कृष्ण से नेत्रहीन होने का कारण पूछा कि भगवान द्वारकाधीश मैंने राजघराने में जन्म लिया मेरे शरीर सुंदर है लेकिन मैं नेत्रहीन क्यों हूं । तब द्वारकाधीश ने कहा कि पूर्व जन्म में एक हंस अपने बच्चों के साथ विचरण कर रहे थे । तब आपने उस सुंदर हंस के जोड़ों को पकड़ने के लिए उनके बच्चों के नेत्र हर लिए थे , उन्हें नेत्रहीन कर दिए थे । हमें जो मिलता है वह अपने पूर्व जन्म का फल है । इसलिए जन्म में अच्छे कर्म करें । ताकि भगवान आपको अगले जन्म को सुंदर और सुखद बनाएं ।

करेला के पेड़ के नीचे , नीम के पेड़ के नीचे कितना भी मीठा चीज डालें पेड़ मीठा नहीं हो सकता उसी तरह अपने गांव शहर में वैसे ही कुछ व्यक्ति रहते हैं उनको कितना भी समझाओ उनमें कोई बदलाव नहीं होने वाला ।

माता पार्वती एक बार भगवान शिव के साथ काशी भ्रमण के लिए निकले थे कहीं से ओम मंत्र का जाप उन्हें सुनाई दे रहा था । मां पार्वती उस जापकरने वाले को इधर-उधर ढूंढ रही थी । बहुत ढूंढने के बाद उन्हें एक पेड़ के नीचे एक व्यक्ति ओम के मंत्रों का जाप करते हुए मिला । तब जगत जननी मां पार्वती ने बाबा से कहा उस ब्राह्मण पर भी दया कीजिए जो आपका नाम का जाप कर रहा है । शिवजी ने कहा वह व्यक्ति मंत्र का तो जाप रहा है लेकिन वह गलत जाप कर रहा है । तब मां पार्वती ने कहा कि इस संसार में सभी व्यक्ति अच्छे से मंत्र का जाप नहीं कर सकते हैं यह कलयुग है । सभी पूरे मन से सही-सही मंत्रों का जाप कर सके यह नहीं हो सकता। आप ऐसा उपाय कर दीजिए कि सबका भला हो । तब देवाधिदेव महादेव बाबा ने कहा कि संसार में जन्म लेने वाला व्यक्ति मंत्र जो भी जपे सच्चे मन से मेरा ध्यान करें चाहे मुंह से कुछ ना बोले लेकिन मैं उनका कल्याण करूंगा । जब दिल से पुकारेंगे तो उनके कष्ट हरने के लिए मैं उपस्थित हो जाऊंगा । 

उन्होंने कहा कि रक्तबीज संहार के बाद मां दुर्गा से उनके शक्ति के बारे में पूछा तब उन्होंने कहा कि जब मैं ओम नमः शिवाय का मंत्र पकड़ लेती हूं तब बार-बार उनका उच्चारण करती हूं तो उस मंत्र से अंदर से शक्ति उत्पन्न होती है । इतनी शक्ति उत्पन्न होती है कि वह रक्त बीज जैसे राक्षक का भी अंत कर देती है । यह मंत्र अतुल ऊर्जा प्रदान करती है।

पंडित जी ने कहा कि सनातन धर्म में जितने भी विरोध हुए हैं उनमें सबसे ज्यादा “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं नम: शिव मंत्रों का विरोध हुआ है । दुनिया में लोग कहते हैं कि श्री शिवाय नमस्तुभ्यं नमः बोलने से क्या होता है ..? ओम नमः शिवाय बोलने से क्या होता है…? इसे गाड़ी पर लिखने से क्या होता है ..? घरों के दरवाजे पर लिखने से क्या होता है ..? अगर आपके जिंदगी में कोई दुख, प्रवेश कर रहा हो या आने वाला हो तो इस मंत्र का जाप करने से मुसीबत आगे निकल जाएगा । इस मंत्र में इतनी शक्ति है इस मंत्र में बाबा भोलेनाथ समाया हुआ है ।

भगवान शिव  कथा के चमत्कार के बारे में लोगों ने बताया

????1.जमुना /रमेश सिन्हा मरकाटोला जिला बालोद ने बताया कि मेरा 2017 में गर्भ ठहरा लेकिन खराब हो गया ,2019 में भी गर्भ ठहरा तब पता चला की जुड़वा बच्चे थे । लेकिन कुछ दिन बाद वह भी खराब हो गया । जब बालोद में कथा हुआ तब मैं पंडाल में बैठकर कथा सुनने गई थी कथा सुन रही थी और रो रही थी । तब एक महिला ने रोने का कारण पूछा तब मैंने बताया कि दीदी जब भी मेरा गर्भ ठहरता है बच्चा खराब हो जाता है । तब उन्होंने कहा कि पंडाल की मिट्टी को अपने गर्भ के ऊपर लगाना बाबा ने चाहा तो जरूर आपके घर बच्चे खेलेंगे । बाबा की कृपा मुझ पर हुई 13 अप्रैल 2025 को मेरा बच्चा ने जन्म लिया । लेकिन बच्चा कमजोर था मैंने बाबा का नाम और उनकी पूजा करना नहीं छोड़ा उनकी कृपा मुझ पर हुई । आज मेरा बच्चा पूर्ण स्वस्थ है । यह शिव कृपा का ही फल है उन्होंने मेरी गोद भर दी मेरी लाज रख दी ।

????2.दूसरी चमत्कार के बारे में शिवसागर कोरेटी ग्राम मुंगेर ( भानु प्रतापपुर ) ने बताया कि हमारे गांव में पहले खूब सत्संग होता था । लोग जाते थे लेकिन किसी की बहकावे में आकर देवी देवताओं को मानना बंद कर दिया । लेकिन गुरुजी आपकी कथा नमें मुझे विश्वास था लोग मुझे डांटे मना करते यहां तक की गांव वाले भी मुझसे कहते कि मंदिर जाना छोड़ दो बंद कर दो । मेरी बेटी J E की परीक्षा दे रही थी वह भी विचलित हो गई । एक दिन बेटी ने कहा अब बस करो मां लेकिन मैं अंतिम बार उन्हें कहा कि बाबा हमारे झोली खाली नहीं करेंगे उन्होंने कथा पंडाल में जाकर कथा सुनी आज मेरी बेटी के JE में सलेक्शन हो गया । पूरे गांव वापस पूजा करने लग गए । जैसे ही लोगों को पता चला पूरा गांव फिर से शिव मय हो गया । यहा भगवान शिव के चमत्कार का ही फल है ।

???? 3. सुनीता मरकाम सलाम पारा ने बताया कि 5 सितंबर 2024 को उनके भाई का दुर्घटना हो गया उन्हें जगदलपुर के अस्पताल में लेकर गए सर में गंभीर चोट लगी थी । डॉक्टरों ने ऑपरेशन के उपरांत उन्हें आईओसी में भर्ती किया । डॉक्टर ने बताया कि भाई को सांस लेने में बहुत तकलीफ हो रही है ,धड़कन भी ठीक से नहीं चल रहा है , कुछ कह नहीं सकते कि आगे क्या होगा ..?उन्होंने घर ले जाने की सलाह दी तब हम लोगों ने गुरुदेव आपके द्वारा बताए गए बातों का ध्यान कर भगवान शिव के ऊपर जल चढ़ाएं उनको ऊपर हम लोग जल को छिड़कते गए । शिवलिंग से बेलपत्र ले जाकर उनके सिरहाने में रखते गए तब इस उपरांत शिव महापुराण की कथा मैं पंडाल में जाकर सुनी और भगवान शिव से कहा गुरुदेव कहते हैं कि आपके कथा में चमत्कार होता है तो मेरे भाई को वापस लौटा दो ।मैं कथा की मिट्टी लाई और भाई के पेट में लगा दी 15 मिनट के बाद ही मेरा भाई अपने आप सांस लेना चालू कर दिया और उनकी धड़कन फिर से ठीक हो गई । आज मेरा भाई पूर्ण स्वस्थ है आपके कथा सुनने आया है । यह भगवान शिव का ही चमत्कार है उस महिला ने अपने भाई को भी गुरुदेव के सामने लेकर आए थे । गुरुदेव पंडित प्रदीप मिश्रा ने उन्हें बेलपत्र देकर आशीर्वाद दिया । आयोजक समिति ने इन सभी को प्रतीक चिन्ह देखकर सम्मानित भी किया ।
उन्होंने कथा में बताया कि जैसे ट्रेन में यात्रा के समय यदि आप टिकट लेकर बैठते हैं तो बिना डर के बैठते हैं कोई डर नहीं रहता जैसे चाहे बैठे , खाए पिए बातचीत करें । लेकिन यदि आप बिना टिकट के बैठते हैं तो मन में एक डर बना रहता है कि कहीं टीटी आकर पकड़ ना ले ।आपका चालान बना ना दे । इस तरह इस संसार रूपी सागर में बैठे हैं तो भगवान शंकर के भक्ति में लीन रहे भगवान शिव टेशन नहीं आपको मेंशन देता है । आपका भवसागर जरूर पार लगा देगा ।
 आप लोगों को जैसा दोगे लोग वैसे ही आपके प्रति उत्तर देंगे । लोगों को यदि आप इस्माइल देंगे मुस्कुराएंगे तो आपको भी देखकर मुस्कुराएगा ।किसी को सम्मान दोगे तो वही सम्मान आपको भी मिलेगा । लेकिन यह भी ध्यान रखें यदि एक कमरे में आप सो रहे हैं वहां बहुत सारे मच्छर हैं मच्छर आपको जहां तहां काट रहे हैं । आपके पास कोई सुविधा साधन नहीं है उनसे बचने का तो एक काम करें चादर को अपने ऊपर पूरी तरह से लपेट लें और सो जाएं । इस तरह संसार के लोग आपको परेशान कर रहे हैं तो शंकर भगवान देवाधिदेव महादेव की कथा को याद करलो और उसी में रम जाओ । याद रखें किसी को कष्ट देखकर आप सुखी नहीं रह सकते हैं । 
प्रत्येक मनुष्य को मालूम है कि मुझे आज नहीं तो कल मरना ही होगा तो जिंदगी खुश होकर जिए अच्छे से जिए रोकर जीने से आपकी मृत्यु टल नहीं सकती । इस जीवन का आनंद लीजिए अपने मन को भगवान भोलेनाथ बाबा के भजन में रमाये ।

आगामी कथा के बारे में उन्होंने बताया कि मंगलवार को ग्राम आरी डोंगरी कच्चे में कथा की समाप्ति होगी ।जो सुबह 8:00 बजे प्रारंभ होकर 11:00 तक चलेगी । अगला कथा गीदम दंतेवाड़ा जिला में 7 दिसंबर से 13 दिसंबर तक होगी तथा 17 दिसंबर से 23 दिसंबर तक ग्राम पंचायत नागपुरा दुर्ग में कथा होगी एवं 24 दिसंबर से 28 दिसंबर तक मुंबई महानगर में होगी ।

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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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