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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु विनियम, 2026″ का स्वागत —छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा

दल्ली राजहरा

रविवार 15 फरवरी 2026

भोजराम साहू 9893 765541

 

कल रायपुर में यूजीसी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा 2026 के नए नियम के समर्थन में उतरी छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा, छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ,पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया और मूलनिवासी संघ ने संयुक्त रूप से इस नए नियम का समर्थन कर प्रदर्शन के माध्यम से विशाल रैली निकल का नए का स्वागत किया छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री जनक लाल ठाकुर ने कहा कि इस नए नियम से किसी को डरने की आवश्यकता नहीं है, यह नियम शिक्षा जगत में बच्चों के बीच सामाजिक समता स्थापित करने वाला नियम है, जो गलत करेगा निसंदेह उनको सजा मिलना चाहिए,यह नियम विशेषकर “उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु विनियम, 2026″— उच्च शिक्षा प्रणाली में समावेशी, सुरक्षित और भेदभाव-मुक्त माहौल बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम हैं। यह नियम भेदभाव-रोधी उपाय, समान अवसर केंद्र (EOC), और कड़े दंडात्मक प्रावधानों (निलंबन/निष्कासन) के माध्यम से जाति-आधारित भेदभाव को समाप्त करने का समर्थन करते हैं। 

 

यूजीसी 2026 के नए नियमों के समर्थन में मुख्य बिंदु

भेदभाव-मुक्त कैंपस 2026 के विनियम जाति, धर्म, नस्ल, लिंग, या विकलांगता के आधार पर होने वाले किसी भी प्रकार के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भेदभाव को रोकने के लिए कड़े उपाय लागू करते हैं।
समान अवसर केंद्र प्रत्येक उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) में ईओसी स्थापित करना अनिवार्य होगा, जो छात्रों और कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित शिकायत निवारण तंत्र प्रदान करेगा।

मजबूत दंडात्मक प्रावधान: भेदभाव करने वाले शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों के खिलाफ निलंबन, निष्कासन या गंभीर मामलों में पुलिस कार्रवाई के प्रावधान हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि भेदभाव करने का साहस कोई न करे।
24×7 हेल्पलाइन और गोपनीयता: 24×7 इक्विटी हेल्पलाइन और सूचनादाताओं की गोपनीयता की गारंटी देना छात्रों को बिना किसी डर के शिकायत करने के लिए सशक्त बनाता है।

संस्थागत जवाबदेही संस्थानों को समानता से संबंधित उपायों पर वार्षिक रिपोर्ट यूजीसी को सौंपनी होगी, जो शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाती है।
सामाजिक न्याय ये नियम मुख्य रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के छात्रों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करते हैं। 
यूजीसी 2026 के ये नए नियम भारतीय संविधान के सिद्धांतों के अनुरूप हैं, जो एक समतामूलक समाज के निर्माण के लिए आवश्यक हैं। इन नियमों का समर्थन करना, उच्च शिक्षा में समावेशी विकास, छात्र सुरक्षा और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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