दल्ली राजहरारविवार 19 अप्रैल 2026भोजराम साहू 9893 765541नगर प्रशासक भवन माइंस अस्पताल एवं माइन्स ऑफिस के सामने संपन्न हुआ तीन दिवसीय धरना प्रदर्शनतीन दिवसीय धरना प्रदर्शन के तहत तीसरे दिन 17/04/2026 को हिंदुस्तान स्टील इंप्लाइज यूनियन (सीटू ) के जूझारू कार्यकर्ता, खदान के नियमित व ठेका श्रमिकों की समस्याओं व समग्र मांगों को लेकर माइंस आफिस के सामने दिन भर डटे रहे।खदान के अन्दर व बाहर व्याप्त समस्याओं व अव्यवस्थाओं पर प्रबंधन की कार्यशैली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। 42 डिग्री तापमान पर भी धरने मे डटे श्रमिकों ने कहा कि खदान प्रबंधन श्रमिकों के प्रति असंवेदनशील हो चुका है। https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/04/VID-20260213-WA0030-1.mp4इस अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए यूनियन के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि हर विभाग पर खर्च कटौती का दबाव है । जिसके कारण खदान के अन्दर व बाहर सभी जगह कर्मचारी सुविधाएं व लाभ अब तक के सबसे न्यूनतम स्तर तक पहुंच चुके हैं। खदान के अन्दर केन्टीनो व कार्यस्थल में स्वच्छ पेयजल तक की सुविधा नहीं है। देश मे एलपीजी गैस की कमी को देखते हुए नाश्ते की वैरायटी को कम किया गया। लकडी से खाना नाश्ता बनाया जा रहा है।गैस आपूर्ति सुलभ होने पर भी अब तक पर्याप्त गैस उपलब्ध नहीं कराकर पैसे बचाये जा रहे हैं।भीषण गर्मी में कार्यरत श्रमिकों के लिए समुचित रेस्ट शेल्टर व पर्याप्त कूलर तक नहीं हैं। आवागमन हेतु वाहनों में एसी नहीं है। कई मशीनों के एसी बंद पडे है। जबकि अधिकारियों के केबिन व वाहनों के एसी ठीक हैं। पिछले तीन वर्षों से नान फाईनेंशियल रिवार्ड स्कीम केवल खदानों के लिए बंद है,जबकि भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकांश विभागों में निरंतर चालू है। सुरक्षा की स्थिति बेहद चिंता जनक है। दुर्घटनाओं पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हो रही है। उत्पादन के दबाव में जरूरी सुरक्षा मापदंडों का पालन नहीं हो पा रहा है। सुरक्षा समितियों में पर्याप्त व उचित प्रतिनिधित्व न होने के कारण इनकी भूमिका अब प्रभावशाली नहीं रही केवल खानापूर्ति बनकर रह गई है। अपनी योग्यता व निजी मेहनत से छत्तीसगढ़ स्तर के ट्रेड टेस्ट में स्थान बनाकर खदानों का नाम रोशन करनेवाले कर्मचारियों के लिये भी अब प्रबंधन द्वारा कोई सम्मान समारोह आयोजित नहीं किया जाता है।वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत नियमित कर्मचारी पदोन्नति की गुहार लगा रहे हैं, लेकिनसमस्या समाधान के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर परीक्षा पास कर्मचारियों को उचित प्रोत्साहन देकर उन्हें सही पदस्थापना नहीं दी जा रही है।जबकि खदानों में पर्याप्त इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर नहीं हैं। ठेका श्रमिकों को उचित श्रेणी का वेतन नहीं मिल रहा है। समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है।आईपीडी मेडिकल सुविधा देने की दिशा में त्वरित एवं परिणामदायक कार्यवाही अब तक नहीं हो सकी है। नाईट शिफ्ट , व माइंस एलाउंस बढाने की मांग को नजरअंदाज किया जा रहा है। कई ठेके बंद होने से ठेका मजदूर बेरोजगार हो गये हैं। ठेके प्रारंभ करने में अप्रत्याशित देरी हो रही है। इसी तरह खदानों के बाहर टाऊनशिप आवास आबंटन और मेंन्टेनेंस की बदहाल हालत तथा,हास्पिटल की बदतर स्थिति से सभी त्रस्त हो चुके हैं ।इसलिए प्रबंधन के उदासीन रवैया से आक्रोशित श्रमिकों ने अब आरपार के संघर्ष का मूड बना लिया है। हमारा यह तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन आन्दोलन का दूसरा चरण है।यदि प्रबंधन हमारी मांगो पर गंभीरता से सकारात्मक पहल नहीं करेगा तो अगले चरण का आन्दोलन और विशाल होगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।यूनियन के सचिव पुरषोत्तम सिमैया ने कहा कि बदतर होते टाउनशिप की स्थिति के लिए खदान प्रबंधन जिम्मेदार है। टाउनशिप के आवासों को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर और खाली पड़े आवासों को सेवानिवृत कर्मचारी और ठेका कर्मचारियों को आवंटित करने में कोई समस्या नहीं है, फिर भी प्रबंधन के अड़ियल रूख के कारण पूरा टाउनशिप अवैध कब्जे और अराजक तत्वों के आगोश में है। स्पष्ट व पारदर्शी आबंटन नीति नहीं होने के कारण कर्मचारियों को आवास आबंटन में परेशानी का सामना करना पड रहा है ।आश्चर्य की बात है कि हमारे यहां आवास आबंटन के लिए एक स्टेट सीनियरिटी लिस्ट तक नहीं है।सब्जेक्ट टू वेकेशन सिस्टम बंद होने से भी आवास खंडहर होते जा रहे हैं। कर्मचारी जर्जर आवासों में रह रहे है, क्योंकि आवासों मे सुधार व मरम्मत की कोई पर्याप्त व नियमित व्यवस्था नहीं है। सेवानिवृत कर्मचारियों के लिए पहले जो रिटेंशन स्कीम थी उसे बंद कर दिया गया है, और जो वर्तमान रिटेंशनधारी है उनके आवासों के किराए में अप्रत्याशित वृद्धि कर दी गई है। जिसके कारण आवासों में रहना बेहद महंगा हो चुका है । यूनियन का सुझाव है कि ऐसे कर्मचारियों की संख्या ज्यादा नहीं है इसलिए इन कर्मचारियों को रिटेंशन स्कीम से मुक्त कर इन्हें थर्ड पार्टी के अंतर्गत आवास आबंटित कर दिए जाएं, जिससे कि 30- 35 वर्षों तक कंपनी की सेवा किए कर्मचारी को मानवीय आधार पर राहत प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि इस विषय में सभी यूनियनों ने दो-तीन बार प्रबंधन से बात करके समाधान का प्रयास किया है। हम चाहते हैं कि इसका जल्द समाधान निकाल लिया जाए । और आगे के लिए भी विधिवत सर्वमान्य नीति बनाई जाये ।उन्होंने आगे कहा कि धीरे-धीरे माइंस हॉस्पिटल भी बदतर होते चला गया, और अब हॉस्पिटल कहलाने के लायक भी नहीं बचा है।हर महीने की एक तारीख को अब हम शिविर में इलाज कराने के लिए मजबूर हैं।जो एक महारत्न कंपनी के लिए शर्म की बात है। लिखित आदेश के बिना ही खर्च कटौती के लिए रेफरल पर अघोषित पाबंदी लगा दी गई है। हमारी मांग है कि पूरा का पूरा हॉस्पिटल हमें चाहिए । जिसमें सभी विशेषज्ञ डॉक्टर पर्याप्त स्टाफ और सभी सुविधाएं होनी चाहिए इससे कम पर बात नहीं बनेगी। इसलिए प्रबंधन को समझ लेना चाहिए कि हमारा यह संघर्ष थोड़ा कुछ हासिल करने के लिए नहीं है, बल्कि समग्र सुधार के लिए हम आगे बढ़े हैं।जिसके पूरा होने तक हमारा आन्दोलन जारी रहेगा। यूनियन के संगठन सचिव प्रकाश क्षत्रिय ने कहा कि जिन ठेका श्रमिकों के कंधे पर 70% उत्पादन का बोझ है उन ठेका श्रमिकों को प्रबंधन नजरअंदाज कर रहा है। उनके लिए आईपीडी सुविधा की मांग,डीएवी स्कूल में एडमिशन एवं फीस में प्राथमिकता देने, तथा उचित श्रेणी का वेतन देने, नाइट अलाउंस 180 रुपए तथा माइंस भत्ता ₹200 करने की मांग हम सालों से कर रहे हैं लेकिन प्रबंधन इस पर ठोस कदम नहीं उठा रहा है, जिसके कारण विस्फोटक स्थिति पैदा हो सकती है। अतः हम अपने आंदोलन के माध्यम से प्रबंधन से अनुरोध करते हैं कि जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान किया जाए अन्यथा जो औद्योगिक अशांति होगी उसकी समस्त जिम्मेदारी खदान प्रबंधन की होगी ।आज तीन दिवसीय धरना के समापन पर एक विस्तारित मांग पत्र मुख्य महाप्रबंधक खदान को सौंपा गया तथा संक्षिप्त चर्चा में यह तय किया गया कि एक बड़ी बैठक कर इन सभी समस्याओं का ठोस निराकरण किया जाएगा। मेनपावर में कटौती का फरमान बेहद चिंता जनक । सीटू ने कहा कि खदानों में हम पहले ही मेनपावर की कमी से जूझ रहे हैं। कई अनुभागों में तो एक शिफ्ट ही बंद किए जाने की स्थिति है। ऐसी विषम परिस्थिति के बावजूद स्टील सेक्रेटरी महोदय के 35% मेनपावर कटौती का फरमान बेहद चिंता जनक है । इससे जहाँ एक ओर उत्पादन में बडी दिक्कत पैदा होगी वहीं दूसरी ओर 35% मजदूरों के परिवारो के समक्ष रोजी रोटी का संकट भी खड़ा हो जायेगा। इस विषय पर सरकार और उच्च प्रबंधन के समक्ष सही वस्तुस्थिति के अनुसार फैसले पर पुनर्विचार हेतु सामूहिकता से प्रयास करना होगा।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/04/VID-20260420-WA0000.mp4➡️🔹🔸 सीटू की मांगे 🔸🔹⬅️👉 खदान के लिए नाम-फाइनेंशियल रिवार्ड स्कीम नियमित एवं ठेका श्रमिको के लिए तत्काल चालू किया जाए।👉 विकली आफ में ड्यूटी या अतिरिक्त ड्यूटी में नियमानुसार एक्स्ट्रा वेजेस दिया जाए।👉 माइंस से सेवा निवृत्त कर्मचारियों की थर्ड पार्टी/लीज/लाइसेंस/ लागू किया जाए।👉 आई.ओ.सी. की सभी केंटिनों में पर्याप्त कूलर तथा शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए ।👉 सभी अनुभागों के रेस्ट रूम में भी कूलर लगाये जाए एवं पर्याप्त फर्नीचर की व्यवस्था की जाए ।👉 आई.ओ.सी. के विभिन्न अनुभागों में वरिष्ठ हो चुके कर्मचारियों को यथोचित (इंजीनियरिंग एसोसियेट/ जूनियर इंजीनियर) पद पर पदोन्नति की व्यवस्था बनाई जाए। 👉 एक्स्वेटर, डंपर एवं डोजर आदि हैवी मशीनरी आपरेटरो को एक्सलरेट प्रमोशन दिया जाए।👉 खदानों में कार्यरत कर्मचारी जिन्होने इलेक्ट्रिकल सुपर वाईजर परीक्षा पास कर ली है उन्हें एक अतिरिक्त ग्रेड/अतिरिक्त इन्क्रीमेंट देकर इलेक्ट्रिकल सुपर वाईजर के रूप में पदस्थ किया जाए।👉सभी अनुभागों में कंप्यूटर एवं लेजर प्रिंटर की व्यवस्था की जाए।👉 आई.ओ.सी. राजहरा हेतु HR विभाग के लिए DGM स्तर के अधिकारी की स्थाई नियुक्ति किया जाए 👉 खदान कर्मियों को पेंशन से संबंधित समस्या का समाधान के लिए भिलाई CPF कार्यालय से माइंस में एक अधिकारी की पदस्थापना की जाए।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/04/VID-20260420-WA0001.mp4➡️🔹🔸 चिकित्सा सुविधा में सुधार के लिए 🔹🔸⬅️👉सबसे पहले तत्काल एक मेडिसिन डाक्टर की राजहरा माइंस अस्पताल में स्थायी नियुक्ति किया जाए।👉 पूर्ववत सभी विशेषज्ञ डाक्टरों की पदस्थापना की जाए एवं सभी रोगों से संबंधित ओ.पी.डी. बहाल किया जाए ।👉 स्टाफ नर्स, ड्रेसर, लेब टेक्नीशियन,एक्सरे टेक्नीशियन, अटेंडेंट, एम्बुलेंस अटेंडेंट आदि की कमी पूरा किया जाए।👉 भिलाई रेफरल पर अघोषित रूप से लगाई गई पाबंदी तत्काल रद्द की जाए एवं रेफरल की पूर्व सामान्य व्यवस्था बहाल की जाए।👉 एक्सरे एवं अल्ट्रासाउंड की नियमित व्यवस्था लागू की जाए।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/04/video_20260418_074259-2.mp4➡️🔹🔸 टाउनशिप राजहरा के हालात में सुधार के लिए मांग 🔸🔹⬅️👉आवास आवंटन हेतु नई सीनियारिटी लिस्ट जारी की जाए। सब्जेक्ट तू वेकेशन चालू किया जाए।👉 क्वार्टरों का पूरी तरह से मरम्मत कार्य नियमित एवं गुणवत्ता पूर्वक किया जाए।👉मंगल भवन, ओपन एयर थियेटर का मरम्मत एवं रंगाई- पोताई किया जाए।👉 पुराने ही चुके इलेक्ट्रिकल वायरिंग स्विच बोर्ड को बदला जाए तथा सीलिंग फैन की कमी दूर किया जाए ।👉 टाउनशिप में हो रही चोरी व अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर CCTV कैमरा लगाई जाए।👉 सभी क्वार्टरों की रंगाई -पोताई ताफेल्टिंग , बैकयार्ड क्लीनिंग, जर्जर सीवरेज लाइनों का मरम्मत, जर्जर कोर्ट यार्ड वाल की मरम्मत, खाली पड़े मैदानों तथा रोड किनारे झाड़ियों की कटाई खाली पड़े मैदानों को फेंसिंग कर सुरक्षित व विकसित किया जाए।👉 मच्छर जनित बिमारियों के प्रभावी रोकथाम व उन्मूलन तथा टाउन शिप की उचित साफ-सफाई हेतु पी.एच.डी. विभाग की बहाली किया जाए ।👉 टाउनशिप में भारी वाहनों के प्रवेश/पार्किंग पर प्रतिबन्ध लगाया जाए।👉 टाउनशिप से अवैध कब्जे हटाये जाने की स्थायी व्यवस्था की जाए। टाउनशिप के कई सड़कों व जमीन के लेबल में काफी अंतर आ गया है इसको चेकर टाइल्स लगाकर या मुरूम डालकर दुरुस्त किया जाय ।➡️🔹🔸ठेका श्रमिकों के लिए मांगें🔸🔹⬅️👉 ठेका श्रमिकों के माइंस भत्ता व रात्रि कालीन भत्ता रिवाइज कर इसे 200 रूपये तथा 180 रूपये प्रतिदिन किया जाए ।👉 ठेका श्रमिकों को परिवार सहित आई.पी.डी. चिकित्सा सुविधा जल्द से जल्द लागू किया जाए।👉 सभी ठेका में पुरे वेतन पर 12% सी.पी.एफ. कटौती सुनिश्चित किया जाए।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/04/video_20260418_074628.mp4👉 जगन्ननाथ पैलेट प्लांट में कार्यरत ठेका श्रमिकों को भी AWA की राशि दिया जाए।👉 सभी ठेका में ग्रेच्युटी लागू किया जाए। ग्रेज्युटी भुगतान में हो रहे अप्रत्याशित विलंब का निराकरण किया जाए।👉 टाउनशिप के रिक्त अवासों को ठेका श्रमिकों को आबंटित किया जाए ।👉 DAV स्कूल में ठेका श्रमिकों के बच्चों को एडमिशन में प्राथमिकता दिया जाए व फीस को नियमित श्रमिकों के बराबर किया जाय।👉 माइंस के सभी ठेका श्रमिकों के लिए माडल स्टेडिंग आर्डर लागू कर, आकस्मिक अवकाश, अर्जित अवकाश, चिकित्सा अवकाश, त्यौहारिक अवकाश सुनिश्चित किया जाए।👉 सभी ठेका कायों में समान प्रकृति के ठेकों में श्रमिकों की श्रेणी एवं वेतन भत्ते संबंधित नियम व शर्तें एक समान रखी जाए ।👉ठेका श्रमिकों की अघोषित कटौती बंद किया जाए।👉 बार-बार काम बंदी से परेशान महामाया डिसल्टिंग ठेका कार्य में लगे श्रमिकों को समझौते के मुताबिक स्थायी रोजगार दिया जाए।👉 ठेका श्रमिकों में प्रत्येक 05 वर्ष की वरिष्ठता में 2000 रूपये इन्क्रीमेंट दिया जाए।👉 वेतन भूगतान, वेतन पर्ची वेतन की सुरक्षा सहित सभी श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन किया जाए।जैसे विभिन्न मांगो को लेकर हिंदुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन सीटू प्रबंधक को मांग पत्र सौंपा है ।मांग पत्र की प्रतिलिपि उन्होंने इनको भी भेजा है जिनमें है ।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/04/VID-20260415-WA0030.mp4👉 कार्यपालक निदेशक (खदान), भिलाई👉 सहायक महाप्रबंधक (HIR-माइंस)👉 प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, RMH👉 उप महाप्रबंधक (नगर प्रशासन), आई.ओ.सी. राजहरा 👉 उप प्रबंधक (HR-IOC)https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/04/video_20260419_224142.mp4 Spread the lovePost navigationसक्ती में वेदांता प्लांट हादसा—मजदूरों की मौत नहीं, यह कॉर्पोरेट लापरवाही और कमजोर श्रम कानूनों का परिणाम है _छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा