दल्ली राजहरा बुध वार 12 अगस्त 2026 भोजराम साहू 9893 765541 प्राचार्या मंजू गुप्ता के नेतृत्व में हुआ वृक्षारोपण। बच्चों ने खेली गेड़ी, फुगड़ी, मेंढक दौड़। समिति अध्यक्ष युवराज साहू ने बताई हरेली की महत्ता । छत्तीसगढ़ के प्रथम त्यौहार हरेली को शाला गांधी विद्या मंदिर उच्च. माध्यमिक विद्यालय में बुधवार 12/08/2026 को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी और कृषि औजारों की पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत शाला परिसर में वृक्षारोपण किया गया। परंपरा और पर्यावरण का संगमप्राचार्या मंजू गुप्ता के नेतृत्व में सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने 1-1 फलदार और छायादार पौधा लगाया। प्राचार्या ने छात्रों को पर्यावरण की दूषित अवस्था और जल संकट के कारणों से अवगत कराया। उन्होंने कहा – “हरेली सिर्फ परंपरा नहीं है। यह प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश है। खेती, पशु, जंगल, जल और मनुष्य एक-दूसरे से जुड़े हैं। जंगलों की अंधाधुंध कटाई से ही प्रदूषण और बारिश का असंतुलन बढ़ रहा है। इसलिए हम सभी को हर महीने कम से कम 1 पौधा लगाना चाहिए और जल संरक्षण, वाटर हार्वेस्टिंग को अपनाना चाहिए।”हरेली पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक हरेली के उपलक्ष्य में शाला में सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक खेलों का आयोजन हुआ। बच्चों ने फुगड़ी, गेड़ी दौड़, लँगड़ी दौड़, मेंढक दौड़, गोली-चम्मच जैसे खेलों में भाग लिया। साथ ही कविता पाठ, भाषण, छत्तीसगढ़ी गीत गायन और चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।समिति अध्यक्ष ने बताया महत्व शाला संचालन समिति के अध्यक्ष युवराज साहू ने विद्यार्थियों को बताया कि हरियाली अमावस्या को हरेली तिहार के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व प्रकृति, खेती-किसानी, पशुधन और ग्रामीण संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। सफल आयोजन में ये रहे शामिलकार्यक्रम का संचालन एल.के.धलेंन्द्र और शीतल कुमार साहू ने किया। आयोजन को सफल बनाने में पालक समिति अध्यक्ष राखी देवांगन, सदस्य सुनीता साहू सहित शिक्षकगण प्रदीप बंसोड़े, युवराज साहू, खोमलाल बघेल, पूजा साहू, अनिषा भास्कर, शालिनी सुखदेवे, दिलेश्वरी साहू, रुखसार, प्रभा मानिकपुरी, रश्मि भारद्वाज, कुलेश्वरी साहू, प्रीति साहू, अमीषा एवं भृत्य पुष्पा निषाद, हेमलता का विशेष सहयोग रहा।Spread the lovePost navigation“बारिश में भी न भीगे भाई का प्यार”: डाक विभाग ने लाए वाटर प्रूफ राखी लिफाफे, 106 देशों में भेजी जा सकेगी राखी । बंग समाज भवन में गगन चंद्र पंड्या की द्वितीय पुस्तक “बंग संस्कृति के प्रादुर्भाव एवं क्रमिक विकास” का विमोचन सम्पन्न ।