दल्ली राजहरा शुक्रवार 02 अक्टूबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541

 

डौंडी रेंजर को हटाने की मांग पर अड़े ग्रामीण, DFO ने दिया जांच का भरोसा

 

 ग्राम मरदेल एवं आसपास के गांवों के ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। बस्ती क्षेत्र के समीप भालू छोड़े जाने और डौंडी वन परिक्षेत्र की कार्यप्रणाली को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय डौंडी के समक्ष जोरदार धरना प्रदर्शन किया।

क्या है पूरा मामला …?

 

ग्रामीणों ने 22 सितंबर 2026 को प्रशासन को शिकायत पत्र सौंपकर मरदेल में भालू छोड़े जाने सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि कार्रवाई नहीं हुई तो ब्लॉक मुख्यालय में धरना-चक्काजाम करेंगे। इसी कड़ी में आज ग्रामीण तहसील पहुंचे।
रेंजर को हटाने की मांग…!
प्रदर्शन में सबसे बड़ी मांग डौंडी रेंजर जीवन भोंडेकर को पद से हटाने की रही। ग्रामीणों का आरोप है कि रेंजर की कार्यप्रणाली ठीक नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

 

5साल पुराने सीमेंट का मामला भी उठा –
धरने में नर्रालगुड़ा निवासी किसान डोमन रावटे का मामला भी प्रमुखता से उठा। ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग द्वारा 5 साल से डोमन के घर में रखा गया सीमेंट पूरी तरह खराब हो चुका है और किराया भी नहीं दिया गया।

 

धरने का असर…!

 

जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी ने मौके पर ही फोन पर DFO बालोद से बात करवाई। DFO ने सभी बिंदुओं पर जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं किसान डोमन को 30 हजार में से 20 हजार किराया तत्काल मिला और शेष 10 हजार एक महीने में देने का लिखित आश्वासन मिला। डोमन ने सभी जनप्रतिनिधियों का आभार जताया।

 

धरने में ये रहे मौजूद –
पूर्व विधायक जनक राम ठाकुर, सर्व आदिवासी समाज युवा जिलाध्यक्ष ललित कावरे, उपसरपंच मानसिंह दर्रो, पूर्व सरपंच भीखम भुआर्य, तुलेश्वर हिचामी, किशोर साहू, देव कोर्राम, राजेश रावटे सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। अब सबकी नजर DFO की जांच रिपोर्ट पर टिकी है।

 

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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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