दल्ली राजहरा शुक्रवार 02 अक्टूबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541

 

कहते हैं एक छोटी सी मदद किसी का पूरा भविष्य संवार सकती है। ऐसा ही एक संवेदनशील और प्रेरणादायक मामला बालोद जिले में सामने आया है, जहां जिला बाल कल्याण समिति (CWC) ने एक संकटग्रस्त बालिका के पुनर्वास के लिए अनुकरणीय पहल की है।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार परिवार की आर्थिक तंगी के चलते कक्षा 11वीं की एक छात्रा को पढ़ाई छोड़नी पड़ी। पिता गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, भाई दिव्यांग है और पूरे परिवार का भरण-पोषण मां की मजदूरी पर टिका है। ऐसे में बालिका ने परिवार की मदद करने के उद्देश्य से घर से बाहर निकलकर काम करने का निर्णय लिया। अपनी नाक की फुल्ली को 600 रुपये में बेचकर वह ट्रेन से मुंबई जाने का प्रयास कर रही थी।

 

इसी दौरान रास्ते में एक युवक ने सहानुभूति दिखाकर उसे अपने भरोसे में ले लिया और उसे बहला-फुसलाकर उत्तरप्रदेश ले गया। वहां बालिका के साथ गलत व्यवहार किया गया। बाद में बालिका को सुरक्षित कर बाल कल्याण समिति बालोद के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

 

काउंसलिंग में सामने आई दर्द भरी दास्तान, सिलाई में थी रुचि

बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री कृष्णा साहू और समिति के सदस्यों द्वारा जब बालिका की काउंसलिंग की गई तो उसकी पारिवारिक परिस्थिति और भविष्य की इच्छा सामने आई। बालिका ने बताया कि उसे सिलाई कार्य सीखने में गहरी रुचि है, लेकिन गरीबी के कारण वह सिलाई मशीन नहीं खरीद पा रही है।

 

समिति ने बालिका के सर्वोत्तम हित, उसकी रुचि, क्षमता और आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए तत्काल पुनर्वास योजना बनाई।

 

दानदाता की मदद से मिला स्वावलंबन का आधार

समिति की इस पहल में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं नितेश होटल गुरुर के संचालक समाजसेवी श्री यादराम साहू जी ने मानवता का परिचय दिया। उन्होंने अपने पूर्वजों की स्मृति में लगभग 5,000 रुपये मूल्य की एक नई सिलाई मशीन दान स्वरूप उपलब्ध कराई।

 

जिला बाल कल्याण समिति द्वारा यह सिलाई मशीन बालिका और उसके पिता को सौंपी गई और उसे आत्मनिर्भर बनकर सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

 

समिति के अध्यक्ष श्री कृष्णा साहू ने कहा, “बाल संरक्षण का उद्देश्य केवल संकटग्रस्त बच्चे को संरक्षण देना ही नहीं है, बल्कि उसकी परिस्थितियों को समझते हुए उसे शिक्षा, कौशल, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढ़ने का अवसर देना भी है।”

 

बाल कल्याण समिति बालोद के इस मानवीय प्रयास की जिले भर में सराहना हो रही है। यह पहल साबित करती है कि यदि सही समय पर सही मदद मिल जाए तो कोई भी बिटिया अपने पैरों पर खड़ी होकर अपना और अपने परिवार का भविष्य संवार सकती है।
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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