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सिंगारपुर की किसान बेटी धनेश्वरी निषाद का हुआ नगर सैनिक में चयन l

दल्ली राजहरा गुरुवार 11 सितंबर 2025 भोज राम साहू 9893 765541
“जब आंखों में अरमान लिया,
मंजिल को अपना मान लिया !
तो अब मुश्किल क्या आसान क्या,
जो ठान लिया सो ठान लिया!!
यह पंक्ति को चरितार्थ किया है बालोद जिले के डौण्डीलोहरा विकासखंड व तहसील के अन्तर्गत ग्राम पंचायत सिंगारपुर के एक किसान की बेटी धनेश्वरी निषाद उम्र (22) पिता श्री संजू राम निषाद ने नगर सैनिक (होम गार्ड) के पद पर चयनित होकर पूरे जिले गांव समाज परिवार और अपने माता-पिता गुरू जनों का नाम रोशन किया है।

नगर सेना में चयनित धनेश्वरी निषाद ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा गांव के प्राथमिक शाला सिंगारपुर में कक्षा पहिली से पांचवीं और कक्षा छठवीं से आठवीं तक की पढ़ाई शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सिंगारपुर में, कक्षा नवमी से बारहवीं की हाईस्कूल की शिक्षा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फरदफोड़ में ,उच्च शिक्षा के लिए शहीद दुर्वासा निषाद शासकीय महाविद्यालय अर्जुन्दा में बीए में स्नातक तक की पढ़ाई पूरी की।
➡️🔥🌺माता पिता और गुरू जनों को दिया सफलता का श्रेय🌺🔥⬅️
नगर सैनिक . धनेश्वरी निषाद ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता संजू राम निषाद और माता रजनी बाई निषाद, अपने भैया रोहित निषाद , मामा गजानंद निषाद जिला पुलिस बल और गुरू जनों को अपनी सफलता का श्रेय दिया।
➡️🔥🌺2019 से तैयारी शुरू कि 2025 में मिली सफलता🌺🔥⬅️
धनेश्वरी निषाद ने बताया कि वह कक्षा दसवीं में थी तभी से तैयारी शुरू कर दिया था। वह प्रतिदिन सुबह उठकर दौड़ने के लिए दूसरे गांव सुबह-शाम जाती थी और स्वयं ही तैयारी करने के लिए संसाधन जुटाकर मेहनत करती। कई बार आर्मी भर्ती में प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली कुछ ना कुछ कमी के कारण सलेक्शन के लिए चुक जाती थी। लेकिन कभी निराश और हिम्मत नहीं हारी वो लगातार अपनी तैयारी में लगी रही और हर एक्जाम में प्रयास करती। जानकारी के लिए वो यूट्यूब और इंटरनेट का उपयोग करती थी। चाहे भर्ती आए या ना आए उन्होंने हमेशा तैयारी करना कभी नहीं छोड़ा। लगातार कड़ी मेहनत के साथ अभ्यास और प्रयास करती रही और आखिरकार 2025 में उनका नाम नगर सेना में नगर सैनिक के रूप में पूरे बालोद जिले में मेरिट लिस्ट में प्रथम नंबर पर उनका नाम चयनित होकर आया। उन्होंने कहा कि अब बेटियों भी किसी भी क्षेत्र में किसी से कम नहीं है। वो आज हर क्षेत्र में अपनी सेवाएं और योगदान दे रही है।स्कूल और कालेज में शुरू से ही खेल में भी हमेशा प्रथम आती थी। उन्होंने अपने मन में ठान लिया था कि चाहे कुछ भी हो जाए मैं हार नहीं मानूंगी और आखिरकार उनका सपना पूरा हुआ।





