छत्तीसगढ़डौंडीदल्लीराजहराबालोदविविध
विश्व एड्स दिवस के अवसर पर शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हुआ जागरूकता कार्यक्रम

दल्ली राजहरा सोमवार 01 दिसम्बर 2015
भोज राम साहू 9893765541
विश्व एड्स दिवस एक दिसंबर के अवसर पर शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बालोद में जिला स्तरीय एड्स जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी जिला बालोद के निर्देशानुसार एवं शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय युथ रेडक्रास के संयुक्त तत्वाधान में आयोजन संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से रंगोली एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के रेडक्रॉस सोसाइटी के युवा छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय श्री तोमन साहू, चेयरमैन, रेड क्रॉस सोसाइटी रायपुर छत्तीसगढ़, कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. प्रदीप जैन चेयरमेन भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी बालोद , एवं डॉ. जी आर रावटे जिला कार्यक्रम अधिकारी एड्स रोग विशेषज्ञ उपस्थित रहे । अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जे.के. खलखो द्वारा की गई। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डॉ. एच.एल. मानकर वरिष्ठ प्राध्यापक महाविद्यालय बालोद, श्री रूपनारायण देशमुख कोषाध्यक्ष, श्रीमती कमला वर्मा वाइस चेयरमैन रेडक्रास जिला बालोद , सुश्री मधुमाला कौशल प्राचार्य सेजेस सिकोसा, सुश्री लिली पुष्पा एक्का रेड क्रॉस सदस्य जिला बालोद, एवं श्रीमती रीमा सोरी एवं जिला संगठक चन्द्रशेखर पवार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण से हुआ।

मुख्य अतिथि श्री तोमन साहू ने अपने संबोधन में कहा कि एड्स आज भी विश्व की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, परंतु जागरूकता, उचित जानकारी और सकारात्मक दृष्टिकोण के माध्यम से इसे रोका जा सकता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे समाज में फैली अफवाहों, भेदभाव और भ्रम को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।

उन्होंने कहा— एच आई वी से पीड़ित व्यक्ति हमारा शत्रु नहीं, बल्कि हमारी संवेदनशीलता और सहयोग का पात्र है। समाज में दया, प्रेम और जागरूकता का प्रसार ही एड्स के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।”
अध्यक्षता कर रहे अध्यक्ष डॉ. जे. के. खलखो ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षित समाज ही संवेदनशील समाज बन सकता है, और इस प्रकार के प्रतियोगिता व कार्यक्रम युवाओं में जागरूकता लाने का सर्वोत्तम माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि नशे से दूरी, सुरक्षित जीवनशैली और स्वस्थ आदतें एड्स रोकने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।उन्होंने विद्यार्थियों को सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने और वास्तविक जीवन में सीख को लागू करने का संदेश दिया।

मुख्य वक्ता डॉ. प्रदीप जैन जी ने अपने व्याख्यान मे चिकित्सकीय तथ्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि HIV कोई मृत्यु दंड नहीं, बल्कि उचित इलाज और समय पर जांच से रोगी एक लंबा और सामान्य जीवन जी सकता है। उन्होंने विस्तार से बताया: HIV सामान्य संपर्क जैसे हाथ मिलाने, साथ खाने, छूने, खांसने या स्कूल–कॉलेज में साथ बैठने से कभी नहीं फैलता। HIV मुख्यतः असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई, संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने या गर्भावस्था में माँ से बच्चे में फैल सकता है।एड्स से बचाव हेतु सुरक्षित व्यवहार, नियमित परीक्षण, नशे से दूरी और सही जानकारी अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने युवाओं से कहा—
“डरिए नहीं, जांच कराइए। छिपाइए नहीं, इलाज कराइए। अफवाह नहीं, वैज्ञानिक सत्य पर भरोसा कीजिए।”उनका व्याख्यान छात्रों और सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और उपयोगी सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता एवं रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई।
नुक्कड़ नाटक में प्रतिभागियों ने एड्स के कारण, लक्षण, बचाव और सामाजिक संवेदना पर आधारित प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दी।

नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता परिणाम :
प्रथम शासकीय नवीन महाविद्यालय, घोटिया, द्वितीयशासकीय शहीद कौशल यादव महाविद्यालय, गुंडरदेही, तृतीय शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बालोद रहे ।
इसी प्रकार रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम पंकज कुमार शासकीय नवीन महाविद्यालय जेवरतला , द्वितीय गरिमा शासकीय शहिद कौशल यादव महाविद्यालय गुंडरदेही तृतीय स्थान कु. नेहा भारत नर्सिंग कॉलेज दानी टोला रहे ।कार्यक्रम के अंत में सभी विजेता प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान किए गए।





