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“खरखरा बांध की ऊंचाई बढ़ाने की कोशिश हुई तो हर संभव विरोध करने से पीछे नहीं हटेंगे ।” :– छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा

दल्ली राजहरा सोमवार 29 दिसम्बर 2025 भोज राम साहू 9893765541
➡️🔥💥विशेष 💥🔥⬅️
👉10 जनवरी को बड़ा प्रदर्शन की तैयारी में है मोर्चा और जिला किसान संघ।
👉माटरी सरपंच ने भी किसानो के मुद्दों पर सहमति और खरखरा की ऊंचाई बढ़ाए जाने पर आपत्ति जताई।
👉नवाब जिलानी – खरखरा की ऊंचाई बढ़ाने की कोशिश हुई तो मोर्चा और जिला किसान संघ शहादत देने से पीछे नहीं हटेगा।
👉किसान संघ – बकरा एक बार हलाल होता है,लेकिन खरखरा बांध के पास बसे किसानो को बार बार हलाल किया जा रहा है।
समाचार
रविवार को छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा/ छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ और जिला किसान संघ बालोद के नेतृत्व में खरखरा बांध की ऊचाई बढ़ाए जाने के विरोध में किसानो के मध्य चर्चा हुआ, जिसमें सैकड़ों संख्या में किसान ग्राम माटरी में एकत्रित हुए, और किसानो की विभिन्न समस्याओं पर व्यापक रूप से चर्चा हुआ ।

ग्राम चिलमगोटा से बहुर सिंह भंडारी ने कहा हमारे ऊपर स्मार्ट मीटर को जबदस्ती थोपा जा रहा है, धान खरीदी में भी समस्या आ रही है कम धान वाले किसानो का धान अभी भी बिका नहीं है, जबकि बड़े किसानो का धान बड़ी मात्रा में खरीदा जा रहा है और जबरदस्ती मनरेगा के नियमो में बदलाव करके नाम को बदला जा रहा, और हमारा ही सरकार ऐसे कार्य कर रहे है जो निंदनीय है, और हम सरकार के नीतियों का विरोध करते है ।
ग्राम देव बावली से युगल किशोर साहू ने कहा कि खरखरा बांध का मुद्दा बहुत ही ज्वलंत मुद्दा है बांध का किनारा जर्जर हो गया, जिसमें सुधार करना चाहिए और सरकार ऊंचाई बढ़ाने की बात कर रही है जो सही नहीं पहले ही हम इस बांध से परेशान है, हमे सरकार से लड़ना होगा ।

मड़वा पथरा सीता राम चिराम, :– आज शासन कि गलत नीतियों और निर्णय बहुत ही तकलीफ देय है जिसमें चाहे धान के बारे में हो, ऑनलाइन के बारे में या फिर स्मार्ट मीटर हो हमे सचेत होकर इसके खिलाफ खड़ा होना होगा ।
ग्राम दुर्गी टोला भगोली राम,जब खरखरा बांध का निर्माण हुआ उसी समय हमारे क्षेत्र में अंकाल पड़ गया था और अब खरखरा बांध की ऊंचाई बढ़ने कि बात हो रही है जिसे हम बढ़ाने नहीं देंगे ।

ग्राम माटरी सरपंच ने कहा सभी किसान साथियों का बात हमने सुन लिया, जिन मुद्दे पर चर्चा हुआ उसको अपने अपने गांव वालो को बताना होगा उन्हें समझना होगा ताकि गलत नीतियों के विरोध में सभी युवा साथी, महिला वर्ग और पूरा गांव शामिल हो सके पिछले साल की अपेक्षा हमारे गांव में इस बार धान नहीं हुआ, बांध जर्जर होने से हमरे गांव में प्रभाव दिख रहा जिससे धान उपज में दिक्कत हो रही है, हमारे गांव की बांधो का मरम्मत के लिए काम करवाने की बात हुई है जिसके लिए अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो रहा, जिससे हमारे गांव के किसानों को किसानी में परेशानी हो रही है, बांध के पानी से सीपेज के कारण खेती में समस्या उत्पन्न हो रही हैं।
ग्राम केरी अजब सिंह टेकाम अभी छत्तीसगढ़ में 24 बांधो की मरम्मत करवाना है, लेकिन उल्टा सरकार खरखरा बांध की ऊंचाई बढ़ाने में तुली हुई है, जिस बांध में दिक्कत है उनको बनाना चाहिए, खरखरा बांध की ऊंचाई बढ़ाने में हम बिल्कुल सहमति नहीं है, हमे भविष्य में इससे उत्पन्न समस्या से जूझना होगा ।

समय में खाद नहीं मिलने से आज हमे धान की उपज में कमी देखना पड रहा है, सरकार जायदा धान खरीदना ना पड़े इसके लिए हमे सही समय पर खाद उपलब्ध नहीं करवाई, नियोगी जी के बताए रास्ते पर हमे चलना होगा ।
ग्राम भीमपुर से राम दास साहू, डेरहा राम ठाकुर भीमपुर, हमे इस ज्वलंत मुद्दे पर मिलकर लड़ना होगा हम सभी से निवेदन करते है सभी को आगे आना चाहिए जहां जहां कमी है उस कमी को पूरा सरकार को करना होगा ।

, ग्राम बरडीह गेंदु रावटे आज खरखरा की ऊंचाई बढ़ने के रूप में हमारे सामने एक विप्पत्ति आ रही है, जिसके खिलाफ हमे खड़े होना होगा, खरखरा बांध की ऊंचाई बढ़ने से सैकड़ों गांव डूब जाएगा और किसानो कि खेती डूब जाएगा ।
रूपु टोला हेम लाल महला हम सबको मिलकर आगे आना होगा केवल बैठ कर बात करने से नहीं होगा इसके लिए लड़ना होगा।

छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उइके आज हम जिन मुद्दों पर बात कर रहे है, वो नियोगी जी कहते थे जब तक मजदूर और किसान एक साथ नहीं चलेंगे तब तक हम सही दिशा में नहीं जा सकते, किसान और मजदूर एक दूसरे के पूरक है, आज किसानो की छोटी छोटी जमीनों को बड़े बड़े उद्योगपतियों द्वारा खरीदा जा रहा है, आज स्मार्ट मीटर लगाकर उनको को लाभ पहुंचाने की कोशिश हो रही है, ऑनलाइन के माध्यम से चोरी छिपे किसानो की खेतो को बेचा जा रहा है और उद्योगपतियों के हवाले किया जा रहा है,पेशा कानून और वनाधिकार अधिनियम को लेकर हमे लूटा जा रहा है। जल जंगल जमीन में रहने वालो का हक अधिकार की बात करता है और इन्हीं अधिकारों को बेतहाशा लूटा जा रहा है, जिसका परिणाम आज अंबिकापुर, सरगुजा, रायगढ़, छुई खदान, बस्तर क्षेत्र व छत्तीसगढ़ के अन्य क्षेत्रों में वनाधिकार और पेसा कानून की खुली हत्या हो रही है जिसको स्पष्ट देख सकते है, और इन अधिकारों और कानूनों कि हनन के खिलाफ जब कोई जनवादी संगठन या आदिवासी आवाज़ उठता है तो उसको जेल के अंदर ही डाल दिया जाता है या फिर उन संगठनों की गतिविधि पर रोक लगा दिया जाता है । हमारे किसानो को इस नए नए कानूनों कि जानकारी नहीं है ,युवा साथियों जिनको इसके खिलाफ लड़ना चाहिए उनके हाथो में सरकार द्वारा शराब पकड़ा दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री जनक लाल ठाकुर आज ऑनलाइन की प्रकिया आपसी भईचारा और व्यवहार खत्म कर रहा है, हमारे बनाए गए प्रतिनिधि को हम अपनी समस्या नहीं बता पा रहे है, हम जिसको विधानसभा में बिठाए है उनको हमारी समस्याओं को उनके हाथ में देकर काम सही करने व गड़बड़ी सुधार के लिए देना होगा जिसे हम अभी नहीं कर पा रहे है।

हर मंत्री , अधिकारी किसान है फिर भी किसान के मामलों पर चुप है, हाथ करघा के द्वारा बनाए गए कपड़ों को सरकार ना खरीद कर खाद बोर्ड से कपड़ा खरीद रही है, तो हाथ कारघा के द्वारा बनाए गए करोड़ों के कपड़ा का क्या होगा, मनरेगा में काम के दिनों को बढ़ा कर खेत में काम करने वालो कि संख्या में कम करके खेतो को छोड़ कर लोगो को रोजगार गारंटी में खींचा जा रहा है।

इस बैठक में जिला किसान संघ बालोद के सदस्य, मोर्चा और माइंस श्रमिक संघ के पदाधिकारी और ढाले, नवाब जिलानी,ग्राम झिका टोला चंवर सिंह गावरे, मुंडा टोला रूमन भुवर्या, लमती मुरित राम, ग्राम बंजारी से झुमुक लाल भोसले, ग्राम माटरी बहुर सिंह देवांगन, डूमातोला शंकर लाल, ग्राम बंजारी से मुरारी प्रजापति, दुर्गी टोला मिलन भुवार्यग्राम अर्जुनी से हरिचंद,खूब लाल रा, ग्राम रहाटा,भीमपुरी,केरी, बर डीह, रूपू टोला,मुंडा टोला,झीका टोला, लम्ती,बंजारी,माटरी, डूमा टोला, मड़वा पथरा, दुर्गिटोला, बर्डिह, बावली, तुडमुड़ा, नलपनी, लोहारा, और विभिन्न आस पास के गांव किसान शामिल हुए, और आने वाले 10 जनवरी को एक व्यापक प्रदर्शन की बात तय हुई है।





