दल्ली राजहराशनिवार 10 जनवरी 2026भोज राम साहू 9893765541 सचिव प्रेस रिपोर्टर क्लब बालोद के द्वारा 07 जनवरी 2026 को थाना प्रभारी, सिटी कोतवाली बालोद को सरकारी संस्थान में गाली-गलौज, महिला पत्रकार को अपमानजनक टिप्पणी तथा प्रेस रिपोर्टर क्लब को बदनाम करने की नीयत से किए जा रहे कृत्यों के संबंध में तत्काल कार्रवाई हेतु आवेदन सौंपा है। पत्र में लिखा है कि एक अन्य प्रेस क्लब के पत्रकार एवं एक प्राधिकृत अधिकारी के द्वारा सेवा सहकारी समिति मर्यादित पाररास पंजीयन क्रमांक 2022 दिनांक 06/01/2026 को सहकारी संस्थान के भीतर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है। उक्त व्यक्तियों द्वारा प्रेस रिपोर्टर क्लब को बदनाम करने की स्पष्ट नीयत है तथा इस क्रम में एक महिला पत्रकार के विरुद्ध भी अत्यंत अपमानजनक, अशोभनीय एवं मानहानिकारक टिप्पणियों की गई हैं। यह कृत्य न केवल पत्रकारिता की गरिमा पर आघात है, बल्कि महिला सम्मान, कानून-व्यवस्था एवं शासकीय संस्थानों की मर्यादा के भी प्रतिकूल है। इस प्रकार की हरकतों से क्षेत्र में तनाव का वातावरण निर्मित हो रहा है। उपरोक्त गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता एवं अन्य प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल जांच एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और कानून-व्यवस्था बनी रहे।सचिव प्रेस रिपोर्टर क्लब बालोद के द्वारा पुलिस महानिदेशक कार्यालय, छत्तीसगढ़ एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला बालोद तथा संबंधित अधिकारी पर आवश्यक कारवाई के लिए निवेदन किया है । इस पूरे प्रकरण में सिटी प्रेस क्लब का नाम प्रमुखता से सामने आया है। बताया जा रहा है कि बोधन भट्ट, जो सिटी प्रेस क्लब का सदस्य है, क्लब की पहचान और मीडिया के नाम का उपयोग कर प्रभाव बनाने का प्रयास करता रहा है। पत्रकार महासंघ के जिला अध्यक्ष के कथन के अनुसार, पत्रकारिता के नाम पर पत्रकारों को ही विभिन्न स्थानों पर बदनाम करने, चाटुकारिता के माध्यम से प्रभाव स्थापित करने और उद्देश्यात्मक रूप से अवैध वसूली करने के आरोप सामने आए हैं। आरोप यह है कि भय का वातावरण बनाकर, कथित पद और संपर्कों का हवाला देकर धन की मांग की जाती है। इसे योजनाबद्ध ढंग से आय का स्रोत बनाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां मीडिया की साख को नुकसान पहुंचाती हैं और ईमानदार पत्रकारों के लिए मुश्किलें खड़ी करती हैं। इसलिए भावनात्मक आरोपों के बजाय तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है। झूठे पदनाम, दबाव बनाकर धन वसूली और बदनामी के प्रयास—इन सभी बिंदुओं पर दस्तावेज़ी साक्ष्यों के साथ जांच की मांग की जा रही है।बालोद जिले में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है। नागरिकों और संगठनों का कहना है कि मीडिया की पहचान का दुरुपयोग जैसे कृत्यों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ स्पष्ट और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि पत्रकारिता की गरिमा बनी रहे और समाज का भरोसा कायम रह सके ।➡️????????क्या है मामला????????⬅️एक वीडियो वायरल हुई है जिसमें सेवा सरकारी समिति पंजीकृत क्रमांक 2022 के प्राधिकृत अधिकारी दुर्जन साहू एवं पत्रकार बोधन भट्ट के द्वारा प्रेस क्लब का आमंत्रण कार्ड देने के लिए सेवा सहकारी समिति पाररास गए थे । जिसमें उनके द्वारा लोहारा के मोहन निषाद ,पत्रकार योगी , केपी चंद्राकर , सलीम चौहान अमजद चौहान जैसे पत्रकारों के खिलाफ अपशब्द का प्रयोग किया गया है तथा महिला पत्रकार को भी इन्होंने नहीं बक्शा है ।उनके द्वारा वीडियो में कहा गया है कि 10 लाख के गाड़ी घूमने से कोई पत्रकार नहीं हो जाता । ₹5000 में पत्रकारिता की आईडी मिल जाती है । मैं गांव के बेरोजगारों को आईडी पकड़ा कर घुमाऊंगा इस तरह कई अपशब्द तथा धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले शब्दों का भी प्रयोग किया गया है । मामला जो भी हो लेकिन किसी वरिष्ट पत्रकार ( स्टेट हेड) दूसरे पत्रकार को निचा दिखाने के लिए इस तरह का अशोभनीय टिप्पणी करना शोभा नहीं देता।Spread the lovePost navigationयात्रियों की सुरक्षा को लेकर रायपुर परिवहन विभाग उड़न दस्ता की बड़ी कार्यवाही …! महेंद्र गंजीर (नगर अध्यक्ष जन मुक्ति मोर्चा ) ने थाना प्रभारी को शहीद वीर नारायण सिंह चौक में ट्रैफिक सिग्नल लगाने व ट्रैफिक पुलिस नियुक्त करने सौंपा ज्ञापन ।