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“आजादी के बाद देश में विकास की गति बढ़ी है, जिसमें सेल महारत्न कंपनी का बहुत बड़ा योगदान है !” :–. आर.बी. गहरवार

दल्ली राजहरा

मंगलवार 27 जनवरी 2026

भोज राम साहू 9893765541

मानव संसाधन विभाग लौह अयस्क खदान समूह दल्ली राजहरा के द्वारा आज पंडित जवाहरलाल नेहरू अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल स्टेडियम में गणतंत्र दिवस समारोह बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आर बी गहरवार (मुख्य महाप्रबंधक राजहरा खदान समूह) थे । कार्यक्रम सर्वप्रथम उप सेनानी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल राजहरा के द्वारा मुख्य अतिथि को टोपी भेंट कर स्वागत किया गया ।एवं मंच तक अगवानी की गई तथा मुख्य अतिथि के द्वारा ध्वजारोहण किया गया। डीएव्ही इस्पात सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों के द्वारा राष्ट्रगान गाया गया एवं मुख्य अतिथियों के द्वारा परेड की सलामी ली गई इस अवसर सी आई एस एफ, स्काउट एवं गाइड के द्वारा मार्च पास्ट किया गया ।

 मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारे देश के, 77 वें गणतंत्र दिवस समारोह के, महान अवसर पर, आप सभी को संबोधित करते हुए, मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। यहाँ उपस्थित, आप सभी को, तथा लौह अयस्क समूह दल्ली राजहरा की पूरी बिरादरी को, मैं गणतंत्र दिवस की, विशेष शुभकामनाएं देता हूँ। मुझे विश्वास है कि, नीले आकाश में, शान से लहराते, हमारे तिरंगे को देख कर, हम में से, प्रत्येक भारतीय, राष्ट्रीय गर्व की भावना से ओत प्रोत हो रहा होगा। स्वतंत्र भारत के, प्रथम राष्ट्रपति, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के द्वारा, 26 जनवरी 1950 को, राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के साथ ही, भारतीय गणतंत्र का जन्म हुआ | आइये, आज गणतंत्र दिवस के पुनीत अवसर पर, हम देश की आजादी के महायज्ञ में, अपने प्राणों की आहुति देने वाले, अमर अनगिनत, गुमनाम शहीदों के साथ ही, सेना और अन्य सुरक्षा बलों के, उन जवानों को याद करें, जिन्होंने सीमाओं की रक्षा में, अपना जीवन न्योछावर कर दिया, जिनके बलिदान के कारण, आज हम सभी, आजादी की हवा में सांस ले रहे हैं।

हमारे संविधान में, जहाँ देश के नागरिकों को, मौलिक अधिकार दिए गए हैं, वहीं दूसरी ओर, उनके मौलिक कर्तव्य भी निश्चित किये गये हैं, साथ ही साथ, नीतिनिर्देशक तत्व भी बताये गये हैं। इन समस्त विशेषताओं को, समाहित करने के बाद ही, हमारा देश, एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बना । आज का दिन हमें स्मरण दिलाता है कि, हम राष्ट्र से, केवल अपने अधिकारों की, रक्षा की अपेक्षा न रखें, बल्कि राष्ट्र के प्रति, अपने कर्तव्यों के पालन में भी, सजग, सचेत और जागरुक रहें ।

हमारे गणतंत्र के जन्म को, 7 दशक से भी अधिक का, समय गुजर चूका है। आज भारत, विश्व में, एक अग्रणी आर्थिक शक्ति के रूप में उभरा है। एक सक्रिय प्रजातंत्र के रूप में, इसकी आवाज, विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर, सम्मान के साथ सुनी जाती है। प्रजातांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों में हमारे दृढ़ विश्वास के कारण, हमें यह सम्मान और स्तर मिला है, जिससे हमारा सर गर्व से ऊँचा हो जाता है। जब हम, भारत को एक विकासशील राष्ट्र से, विकसित राष्ट्र की दिशा में, तीव्र गति से आगे बढ़ाते हुए देखते हैं, तो ऐसा प्रतीत होता है कि भारत एक ऐसा राष्ट्र है जिसमें असीमित संभावनाएं हैं, जिसके कारण पूरा विश्व भी, कई क्षेत्रों में भारत के योगदान का लोहा मानता है, इसमें रक्षा, अंतरिक्ष-विज्ञान, चिकित्सा, खेल आदि क्षेत्र महत्वपूर्ण है। निरंतर प्रगति पथ पर अग्रेसर होते हुए, भारत, आज कच्चा इस्पात उत्पादन करने में जापान को पछाडकर, दुनियों का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। भारत, इस्पात खपत में, आंकड़ों के अनुसार दुनिया में भी दूसरे स्थान पर पहुँच गया है।

मैं, लौह अयस्क समूह दल्ली राजहरा की पूरी बिरादरी, एवं उनके परिजनों को हार्दिक बधाई तथा शुभकामनाएँ देता हूँ। 77 वें गणतंत्र दिवस की, स्वर्णिम आभा में, तिरंगे ध्वज को फहरते देख, इसके तले आजादी की सांस लेते हुए, मेरी, आप सभी की और देश के अनगिनत देशवासियों की छाती, गर्व से चौड़ी हो जाती है ।

 आज हमारा देश विश्व के सर्वाधिक गति से विकास करने वाले देशों की तुलना में, अग्रणी पंक्ति में खड़ा है। इसका श्रेय, हमारे देश के सभी नागरिकों, किसानों, चिकित्सकों, इंजीनियरों, वैज्ञानिकों, शिक्षकों एवं अन्य सभी वर्ग को जाता है। इस विकास यात्रा में, सभी देशवासियों के साथ ही, हमारी महारत्न कंपनी, स्टील अथोरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड का भी, बहुत बड़ा एवं महत्वपूर्ण योगदान है। मूलतः लौह एवं इस्पात के व्यापार क्षेत्र से जुडी, हमारी कंपनी का, देश की अधोसंरचना के विकास में, बहुत बड़ा योगदान है। वैश्वीकरण की कठिन चुनौतियों, एवं निरंतर परिवर्तनशील इस्पात उ‌द्योग की हलचल के बावजूद, हम सुनहरे कल की ओर निरंतर अग्रसर होते जा रहे हैं। साथियों पूरे विश्व में इस्पात उ‌द्योग की वर्तमान स्थिति, तीव्रगति से परिवर्तनशील, एवं चुनौतीपूर्ण हो गई है, जिसके कारण, हमें कठिन प्रतिस्पर्धा के दौर से गुजरना पड़ रहा है, इस स्पर्धा में उत्कृष्ट स्थान पाने के लिए, हम सबको, और अधिक परिश्रम तथा समर्पित भाव से, कार्य करना होगा ।

हम सभी, इस बात से भलीभांति परिचित है कि, भिलाई इस्पात संयंत्र की उल्लेखनीय तथा गौरवपूर्ण यात्रा, लौह अयस्क समूह के समर्पित सहयोग से ही संभव है। भिलाई इस्पात संयंत्र को, मांगों के अनुरुप, उच्च गुणवत्तापूर्ण लौह अयस्क की आपूर्ति, हमारी खदानों से ही की जाती है। हमने देखा है कि, जब जब भिलाई इस्पात संयंत्र के सामने कठिनाईयां आई है, तब तब यहाँ के कर्मठ कार्मिकों ने, आगे बढ़कर चुनौतियों का डटकर मुकाबला करते हुए, उन पर विजय पाई है। सीमित संसाधनों, एवं विषम परिस्थितियों के बावजूद, लौह अयस्क समूह राजहरा बिरादरी ने, भिलाई इस्पात संयंत्र की मांग के अनुरूप, लौह अयस्क की आपूर्ति करने में, कोई कमी नहीं छोड़ी है। इस वर्ष, अयस्क के गुणवत्ता में भी, काफी उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा दल्ली में, एक मिलियन टन क्षमता वाले पैलेट प्लांट की स्थापना का कार्य सितम्बर माह में पूर्ण हुआ. पैलेट का उत्पादन शुभारंभ कर, हम प्रतिदिन, एक रेक पैलेट का डिस्पैच, भिलाई स्टील प्लांट को कर रहे हैं। ऐसे सार्थक प्रयासों से, भिलाई के स्टील की गुणवत्ता में वृद्धि हुई है। भिलाई के उत्पादन क्षमता बढ़ने पर, गुणवत्ता युक्त अयस्क की आपूर्ति और बढ़ानी होगी। इस दिशा में SBP-2 का निर्माण कार्य प्रगति पर है, तथा, यह प्लांट, जल्द उत्पादन प्रारंभ करेगा, जिससे भिलाई की आवश्यकता और सुचारू रूप से पूर्ण होगी। आने वाले समय में, दल्ली से, अधिकाधिक मात्रा में पैलेट उत्पादन की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
उत्पादन एवं डिस्पैच के अलावा, लौह अयस्क समूह ने सुरक्षा एवं सुरक्षित कार्य संस्कृति को, हमेशा प्रोत्साहित किया है। हमारा उद्देश्य होता है कि सुरक्षा के उपायों एवं निर्देशों का पूर्ण पालन करते हुये, गुणवत्तायुक्त अयस्क का उत्पादन तथा डिस्पेच करना। साथियों, इस पावन अवसर पर मैं अपनी ओर से यह कहना चाहूँगा कि, कठोर प्रतिस्पर्धा के इस दौर में, अपने अस्तित्व को बनाये रखने के लिए, अत्यंत आवश्यक है की, हम न्यूनतम लागत पर, संयंत्र की आवश्यकता के अनुरूप, उच्चतम गुणवत्ता वाले लौह अयस्क का खनन, शून्य दुर्घटनारहित लक्ष्य को ध्यान में रखकर, सुनिश्चित करें। समय समय पर, लौह अयस्क खदान समूह को प्राप्त होने वाले पुरस्कार, सुरक्षा तथा उत्पादन के प्रति आपकी निष्ठा के प्रतीक है, दल्ली खदान एवं झरणदल्ली खदान को खनिज संरक्षण के लिए प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है तथा खनिज लाभकारीकरण के लिए ‌द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। वर्ष 2025 के लिए हिंदी में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा लौह अयस्क खदान समूह को राजभाषा वैजंयती पुरुस्कार से भी सम्मानित किया गया है। 
मुझे पूरा विश्वास है कि, हम सब मिलकर, विगत वर्षों की तुलना में इस वर्ष, लागत नियंत्रण, ऊर्जा संरक्षण एवं जल प्रबंधन को और ज्यादा प्राथमिकता देते हुए तथा SUSTAINABL & GREN MINING को अपनाते हुए, हर क्षेत्रों में, नए नए कीर्तिमान स्थापित कर, उत्तरोत्तर प्रगति करेंगे ।
लौह अयस्क समूह राजहरा को अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए विभिन्न क्षेत्रों में अनेक पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इसी कड़ी में 9 वी खान पर्यावरण एवं खनिज संरक्षण समारोह 2025 2026 में राजहरा जिस तरह सेल हर किसी के जिंदगी से जुड़ा है उसी तरह राजहरा आसपास के हर गाँव के रज से जुड़ा है। हम न केवल उच्च स्तर के आयरन ओर का उत्खनन करते हैं बल्कि राजहरा के आस पास के क्षेत्रों में अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हैं। इसके अंतर्गत हमने CSR के तहत आवश्यकता अनुसार कई कार्य करते आ रहे हैं, जिससे क्षेत्र व हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी इसके अंतर्गत कुछ उल्लेखनीय कार्य इस  जैसे:

 कलवर गांव से कलवर खदान तक वन विभाग के माध्यम से वन क्षेत्र से होकर गुजरने वाली डब्ल्यू बी एम सड़क और पुल का निर्माण किया गया । महामाया से गोटूलमुन्डा तक कंक्रीट रोड का शिलान्यास ही चूका है तथा शीघ्र निर्माण कार्य प्रराम्न्भ हो जायेगा ।दल्ली राजहरा में आयरन ओर गोल्ड कप फूटबाल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ।शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए राजहरा के चित्रकूट छात्रावास के मूल निवासी बच्चों की शिक्षा हेतु सुविधाएँ प्रदान की जा रही है। जनपद पंचायत डौंडी (बालोद) में सीईओ के माध्यम से शिक्षक उपलब्ध कराने में सहायता प्रदान किया गया है। पेयजल की व्यवस्था के लिए राजहरा के नगरीय क्षेत्र में 2 नलकूप खनन किया गया ।महामाया में सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए सहायता प्रदान की गई।

 महिला समाज दल्ली राजहरा के ‌द्वारा भी अनेक निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व के कार्य किये गये हैं जैसे:-28 दिसंबर 2025 को ग्राम झिटकाटोला (कलवर माइंस) में 150 कम्बल और सोलर टार्च का निःशुल्क वितरण किया गया । महिला समाज द्वारा संचालित बाल मंदिर में निःशुल्क कॉपी, किताब एवं स्कूल बैग वितरित किये गए ।

लौह अयस्क समूह, राजहरा सिर्फ गुणवत्तापूर्ण इस्पात बनाने, सी. एस. आर. के अंतर्गत विविध जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत, प्रतिभावान छात्र छात्राओं को प्रोत्साहित करने में ही अग्रणी नहीं है, वरन खेल कूद को भी भरपूर प्रोत्साहन करता है ।

इसी के अंतर्गत गणतंत्र दिवस के इस गरिमामय अवसर पर आज हम राष्ट्रीय स्तर पर पदक प्राप्त करने वाले तथा इसमें भागीदारी करने वाले लौह नगरी राजहरा के प्रतिभावान खिलाडियों एवं प्रशिक्षकों को सम्मानित करने जा रहे हैं।

भारतीय गणतंत्र की वर्षगांठ के, इस अवसर पर मैं, हमारे लौह अयस्क समूह दल्ली राजहरा की खदानों को, पूरी मुस्तैदी से सुरक्षा प्रदान करने वाले, CISF के जांबाज साथियों का तथा फायर ब्रिगेड के कर्मियों का, आभार प्रकट करना चाहूँगा, यह हमें ही नहीं, वरन आम नागरिकों को भी, अन्य प्राकृतिक विपत्तियों के समय, सहयोग देने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं. इसके साथ साथ मैं, अधिकारी संगठन, सभी श्रमिक संगठन, अस्पताल प्रबंधन, शाला प्रबंधन, मानव संसाधन विभाग, नगर प्रशासन विभाग, नगर पालिका, व्यापारी संघ, राजहरा महिला समाज, राज्य शासन, पुलिस प्रशासन, पत्रकार भाईयों एवं विशेष रूप से दल्ली राजहरा के सभी नागरिकगण एवं उनके परिजनों का आभार प्रगट करना चाहूँगा जिनके निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन से ही हम अपने ध्येय एवं उद्देश्य में सफल हो रहे हैं।

 अपना संबोधन पूरा करने के पूर्व, मैं, सुरक्षा के मुदद्दे पर पुनः जोर देना चाहूँगा, हमें, सभी कार्मिको की सुरक्षा, और संयंत्र, खदान तथा उसकी सभी स्थापनाओं, की सुरक्षा को लगातार, सर्वोच्च प्राथमिकता देनी है, व्यक्तिगत तौर पर, सामूहिक रूप से, हम सब को इस दिशा में, और अधिक आत्मालोवकन करने, और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है. हम सबको, लगातार चौकस रहकर, प्रबंधन के साथ सहयोग करते हुए, सुरक्षा निर्देशों का कठोरता से पालन करना होगा ।

भारतीय गणतंत्र की वर्षगाँठ के इस गौरवमय अवसर पर, मैं, आपको, तथा आपके परिजनों को, पुनः हार्दिक बधाइयाँ तथा शुभकामनाएं देता हूँ। उन्होंने जय हिंद जय भारत जय छत्तीसगढ़ कहते हुए अपना उद्बोधन समाप्त किया । 

सरस्वती शिशु मंदिर को मिला सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रथम पुरस्कार

सरस्वती शिशु मंदिर के स्कूली बच्चों के द्वारा योगिता बोदेलकर के प्रशिक्षण से देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए गए। साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ी परंपरा के पूरा 12 माह के त्यौहार को बेहतरीन ढंग से दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जिसमें गांव की मंडई मेला के दृश्य बस्तर के सुप्रसिद्ध आदिवासी लोक नृत्य तथा आंगा देव को डांग डोरी के साथ सुवा गीत छेर छेरा इस तरह से दिखाया गया कि ऐसा लग रहा था कि सचमुच में यहां कोई संस्कृति कार्यक्रम ना हो रहा हो और वास्तविक धरातल में सा चित्रण बच्चों ने प्रस्तुत कर दिखाया जिसे प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया ।

 वही लिटिल बर्ड स्कूल के बच्चों को देशभक्ति गीतों के लिए द्वितीय पुरस्कार दिया गया इन बच्चों ने भी बेहतरीन देशभक्ति गीत के विभिन्न नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया ।

झांकी के लिए मिला शहीद अस्पताल की टीम को प्रथम पुरस्कार

आज गणतंत्र दिवस समारोह में शहीद अस्पताल की टीम के द्वारा एक बेहतरीन उदाहरण मोबाइल के दुरुपयोग के संबंध में दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया गया कि किस तरह मोबाइल के माध्यम से लोगों के घर परिवार बिखर रहे हैं ।बड़े अपने संस्कार भूल रहे हैं तो बच्चे अपनी दिशा भटक रहे हैं । शहीद अस्पताल के डॉक्टर वेद एवं डॉ प्रियंका के द्वारा निर्देशित इस कार्यक्रम में बताया गया कि एक परिवार मोबाइल की लत से किस तरह से बर्बाद होता है । बेटा और बहू मोबाइल में इतना व्यस्त हो जाते हैं की बहू मोबाइल देखते हुए खाना को भी जला डालती है मोबाइल के कारण बेटे को बॉस की डांट खानी पड़ती है छोटे नन्हे बच्चे मोबाइल में गेम खेलने के चक्कर में 70 लाख रुपए की राशि लूटा डालते हैं । पोती फेल हो जाती है ।ऐसी कई बुराइयां को कार्यक्रम में दिखाया गया जिसमें वास्तव में हमारे जीवन में मोबाइल एक वरदान ना होकर अभिशाप बनते जा रहा है । इसे कम से कम उपयोग कर अपने जीवन में कैसे उतारे उसको बेहतरीन ढंग से शहीद अस्पताल के डॉक्टर के निर्देशन में बनी इस नाटक में दिखाया गया जिसे प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया ।

वही डी ए व्ही इस्पात विद्यालय के स्कूल के टीम द्वारा प्रस्तुत विभिन्न राज्यों के लोक संस्कृति की झलक के साथ देश की एकता की प्रस्तुति को द्वितीय पुरस्कार मिला जिसमें स्कूल का टीम के द्वारा देश के सभी राज्यों की लोक परंपराओं को सजीव चित्रण किया गया था ।

सीआईएसएफ के द्वारा दी गई डाग शो की प्रस्तुति

कार्यक्रम में सीआईएसएफ के द्वारा डॉग शो की की प्रस्तुति दी गई जिसमें से उनके विश्वसनीय डॉग रूबी के द्वारा अवांछित वस्तुओं को बैग से ढूंढना अवांछित व्यक्तियों को पकड़ने के साथ रिंग में कूदने की बेहतरीन प्रदर्शनी की गई जिसमें लोगों ने सराहा । 

सम्मान समारोह

 मुख्य अतिथि के द्वारा खिलाडियों कलाकार तथा वरिष्ठ योगदान प्रदान करने वाले खेल प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया ।

आज गणतंत्र दिवस का शानदार समारोह एक ऐतिहासिक समारोह था जहां हजारों की संख्या में दर्शन इस कार्यक्रम को देखने के लिए मौजूद थे । आज की भीड़ को देखकर उन दिनों की याद आ गई जब राजहरा में लोक कला महोत्सव का कार्यक्रम हुआ करता था दर्शकों की संख्या इतनी होती थी कि बैठने के लिए जगह की तलाश करनी पड़ती थी ।

Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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