
दल्ली राजहरा
सोमवार 23 मार्च 2026
भोजराम साहू 9893 765541
धारा 49(6) को बताया पेंशनरों के साथ अन्याय !
छत्तीसगढ़ पेंशनर समाज के प्रांतीय आह्वान पर शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को तहसील इकाई डौंडी द्वारा अपनी लंबित मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। पेंशनर भवन डौंडी में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी एकत्रित हुए और शासन की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री के नाम एक पांच सूत्रीय ज्ञापन तहसीलदार डौंडी को सौंपा गया।
26 वर्षों से धारा 49(6) का दंश
धरने को संबोधित करते हुए अध्यक्ष श्री राम मूरत भारद्वाज ने कहा कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) पेंशनरों के लिए गले की फांस बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार आपसी सहमति का बहाना बनाकर पिछले 26 वर्षों से पेंशनरों के एरियर और राहत राशि को रोक कर बैठी है। जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में ऐसी कोई विसंगति नहीं है। उन्होंने इस ‘कुप्रथा’ को तत्काल समाप्त करने की मांग की।
इन प्रमुख मांगों पर अड़ा पेंशनर समाज:
पेंशनर समाज ने अपनी मांगों को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि वे अपने हक की लड़ाई जारी रखेंगे। प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
महंगाई राहत (DR):
केंद्र सरकार द्वारा घोषित तिथि (01 जनवरी व 01 जुलाई) से ही पेंशनरों को महंगाई राहत का लाभ दिया जाए।
एरियर का भुगतान:
छठवें वेतनमान के तहत 32 माह (वर्ष 2006-2008) और सातवें वेतनमान के तहत 27 माह (वर्ष 2016-2018) के लंबित एरियर का तत्काल भुगतान हो।
कैशलेस चिकित्सा:
कार्यरत कर्मचारियों की भांति पेंशनरों को भी मान्यता प्राप्त अस्पतालों में कैशलेस इलाज और दवाइयों के व्यय की सुविधा पेंशनर कल्याण निधि से दी जाए।





