दल्ली राजहरा
बुधवार 13 मई 2026
भोजराम साहू 9893 765541
दल्ली राजहरा में  सिवरेज पाइप लाइन बिछाने के समय हुए तीन मजदूरो के मौत का मामला 

 

  शहर में हुए हृदयविदारक हादसे में जान गंवाने वाले दो लोगों का अंतिम संस्कार लगभग 24 घंटे बाद हो सका। मृतक परिवार और बीएसपी प्रबंधन के बीच मुआवजे और नौकरी को लेकर सहमति न बनने से शव बीएसपी अस्पताल में ही रखे रहे। अनुविभागीय अधिकारी सुरेश साहू की मध्यस्थता और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में करीब साढ़े तीन घंटे चली बैठक के बाद सहमति बनी और परिवार दाह संस्कार के लिए राजी हुआ।
कल शाम साढ़े पांच बजे के आसपास हुई इस दुर्घटना में एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद से ही परिजन मुआवजा और नौकरी की मांग पर अड़े थे। आज सुबह से ही अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल था।
बैठक में अनुविभागीय अधिकारी सुरेश साहू के साथ मृतक परिवार, समाज के प्रतिनिधि, नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू, उपाध्यक्ष मनोज दुबे, सौरभ लूनिया (भाजपा जिला महामंत्री ) जनक लाल ठाकुर ( पूर्व विधायक ) रतिराम कोसमा, ( विधायक प्रतिनिधि ) संजय बैंस पूर्व जनपद सदस्य  कुसुमकसा हेमंत कांडे, बीएसपी के वरिष्ठ अधिकरी इस बैठक मेंं सम्मिलित होने   विशेष तौर पर दल्ली राजहरा पहुंचे थे बीएसपी अधिकारी पत्रकार, श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि और पुलिस प्रशासन मौजूद रहे।

क्षेत्र की विधायिका अनिला भेड़िया ने भी अस्पताल पहुंचकर मृतक परिवार से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने घटना की पूरी जानकारी लेकर मध्यस्थता में अहम भूमिका निभाई। बैठक के बाद उन्होंने बताया कि मृतक परिवार को श्रम विभाग की ओर से पांच लाख रुपये, ठेकेदार की ओर से पांच लाख रुपये, अंतिम संस्कार के लिए पचास हजार रुपये नगद, शासन की ओर से दो लाख रुपये और सीएसआर मद से दो लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा बीएसपी में मृतक परिवार के एक-एक सदस्य को नौकरी भी दी जाएगी।
नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने कहा कि दल्ली राजहरा में यह अब तक की सबसे बड़ी और निंदनीय घटना है। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद पूरी परिषद और नगर की जनता रात साढ़े दस बजे तक घटनास्थल पर मौजूद रही। कलेक्टर समेत प्रशासन के आला अधिकारी लगातार संपर्क में थे। सांसद महोदय से भी कार्यकर्ताओं की बात हुई और वे भी अंतिम समय तक मौके पर डटे रहे।

पत्रकारों के सवाल पर कि घटना के डेढ़ घंटे बाद तक प्रशासन क्यों नहीं पहुंची, तोरण लाल साहू ने कहा कि हमें आधे घंटे बाद सूचना मिली और हम तुरंत पहुंच गए। प्रशासन लगभग एक घंटे बाद पहुंचा। पहुंचते ही जेसीबी की व्यवस्था कर बचाव कार्य शुरू किया गया। शाम पांच बजे हुई घटना में रात 10:30 बजे तक सभी को बाहर निकाला जा सका। उन्होंने माना कि दस फीट गहरे गड्ढे में मजदूरों के दबे होने के कारण देरी हुई, लेकिन यह लापरवाही है और इसकी जांच की जाएगी। प्रबंधन और प्रशासन दोनों को इस संबंध में पत्र लिखा गया है।

बैठक के दौरान जन मुक्ति मोर्चा के सचिव बसंत रावटे के नेतृत्व में कार्यकर्ता बाइक रैली निकालकर अस्पताल पहुंचे और मृतक परिवार के लिए मुआवजे और नौकरी की मांग रखी। अनुविभागीय अधिकारी ने उन्हें आश्वस्त किया कि पूरे नगर की संवेदना परिवार के साथ है और शासन की ओर से हर संभव मदद की जाएगी।

बैठक में बताया  कि  जिन मृतकों के पास वैध श्रम कार्ड होगा, उनके परिवार को श्रम विभाग से पांच लाख रुपये मिलेंगे। श्रम कार्ड न होने की स्थिति में यह राशि एक लाख रुपये ही मिल पाएगी। हालांकि, मुख्यमंत्री और सांसद की ओर से इस बड़ी घटना के बाद भी अब तक कोई अलग से घोषणा नहीं की गई है।
Spread the love
Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

You missed

error: Content is protected !!