दल्ली राजहरा
बुधवार 20 मई 2026
भोजराम साहू 9893 765541
 “पशुओं को भी दर्द होता है। उनके साथ अमानवीय व्यवहार अब कानूनन जुर्म है।” बालोद जिला प्रशासन ने मूक पशु-पक्षियों के संरक्षण के लिए सख्त रुख अपनाते हुए व्यापारियों और आम नागरिकों से करुणा का भाव रखने की अपील की है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि क्रूरता करने वालों पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत कड़ी कार्रवाई होगी।
इन हरकतों पर होगी सीधी कार्रवाई:
पशुधन विभाग के उप संचालक ने बताया कि अक्सर देखा जाता है कि व्यापारी दोपहिया वाहनों पर मुर्गा-मुर्गियों को पैर बांधकर उल्टा लटका कर ले जाते हैं। वहीं चार पहिया वाहनों में गाय, भैंस जैसे पशुओं को ठूंस-ठूंस कर भरा जाता है। भूखे, प्यासे और बीमार पशुओं का परिवहन भी आम है। अब ऐसे कृत्य करने पर सीधे केस दर्ज होगा।

क्या है सजा का प्रावधान:
1. मुर्गी-पक्षियों से क्रूरता: उल्टा लटकाने, पैर बांधकर बाइक पर ले जाने या प्रताड़ित करने पर पहली बार आर्थिक जुर्माना। 3 साल के भीतर दोबारा अपराध पर 3 महीने तक की जेल, जुर्माना या दोनों।
2. वाहनों में ठूंस कर भरना: क्षमता से अधिक पशु भरने या अवैध परिवहन पर वाहन मालिक और चालक पर केस दर्ज होगा। वाहन जब्त किया जाएगा। साथ ही कारावास और जुर्माना भी लगेगा।
3. बीमार पशुओं का परिवहन: भूखे, प्यासे या बीमार पशुओं को रखने-ढोने पर शासन पशुओं को अपने कब्जे में ले लेगा। दोषी को जेल और आर्थिक दंड भुगतना होगा।
4. अपंग करने पर: भारतीय दंड संहिता के तहत मूक पशुओं को अपंग करने पर भारी जुर्माना और 5 साल तक का कारावास हो सकता है।

 जिला प्रशासन बालोद की अपील: जिम्मेदार नागरिक बनें  
जिला प्रशासन ने कहा कि व्यवसायिक लाभ के लिए पशुओं के साथ अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुर्गियों या अन्य पशुओं को ले जाते समय उचित पिंजरों या हवादार वाहनों का ही उपयोग करें। वाहनों में निर्धारित क्षमता से ज्यादा पशु न रखें। 
आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि कहीं भी पशुओं के साथ क्रूरता होते देखें तो तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय या पुलिस थाने को सूचित करें। मूक पशु-पक्षियों पर क्रूरता रोककर एक जिम्मेदार नागरिक का परिचय दें।
प्रशासन ने दोहराया कि पशु-पक्षियों को भी दर्द और पीड़ा का एहसास होता है। उनके संरक्षण और संवर्धन में हर नागरिक का सहयोग जरूरी है।
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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