दल्ली राजहरा
शनिवार 06 जून 2026
भोजराम साहू 9893 765541
“भैंस बोड़ के ग्रामीणों ने रचा हरियाली का इतिहास”

 विश्व पर्यावरण दिवस पर भैंसबोड़ गांव ने कुदाल से नहीं, मुट्ठी से जंगल उगाने का ऐलान कर दिया। गांव के हर ट्रेंच में एक सीड बॉल – यानी 3000 पेड़ों की गारंटी।
जल भी बचेगा, जंगल भी उगेगा  
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर भैंस बोड़ के ग्रामीणों ने मानसून से पहले ही मैदान मार लिया। जल संरक्षण के लिए पहले से खुदे 3,000 ट्रेंच के किनारे-किनारे ग्रामीणों ने सीड बॉल दबा दिए।

  क्यों खास है ये जुगाड़ ?  
1. ट्रेंच रोकेगा पानी: बारिश का हर कतरा जमीन में जाएगा, भूजल ऊपर आएगा।
2. सीड बॉल देगा पेड़ : पहली फुहार पड़ते ही बॉल फूटेगी और पौधा निकल आएगा।

 “ये मॉडल पूरे जिले में चलेगा । “:-  सुनिल  चन्द्रवंशी जिला पंचायत सीईओ
जिला पंचायत CEO सुनील चंद्रवंशी ने कहा कि कम लागत में जल + जंगल` का ये भैंसबोड़ फॉर्मूला` दूसरे गांवों में भी लागू करेंगे। एक बुजुर्ग ग्रामीण ने कहा, पोते के लिए पेड़ लगा रहे हैं साहब, ऑक्सीजन की फैक्ट्री।

सीड बॉल क्या है?  
मिट्टी, गोबर और बीज को मिलाकर बनाई गई छोटी गेंद। सूखे में बीज सुरक्षित रहता है, बारिश में अंकुरित हो जाता है। फेंको, भूल जाओ, जंगल पाओ` – यही इसका मंत्र है।
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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