दल्ली राजहरा मंगलवार 21 जुलाई 2026 भोजराम साहू 9893 765541

 

 लौह नगरी दल्ली राजहरा में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के सीमित अवसर अब शहर के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला मंत्री एवं शिक्षक एम एस श्रीजीत ने कहा कि “शैक्षणिक प्रवासन” अब दल्ली राजहरा की घटती जनसंख्या और कमजोर होती स्थानीय अर्थव्यवस्था का प्रमुख कारण बन चुका है।

श्रीजीत ने बताया कि नगर में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के कई अच्छे स्कूल हैं जो गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा दे रहे हैं। लेकिन कक्षा 10वीं और 12वीं के बाद छात्रों के पास उच्च शिक्षा के नाम पर विकल्प लगभग नहीं के बराबर हैं। बेहतर कॉलेज, प्रोफेशनल कोर्स और आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के अभाव में हर वर्ष सैकड़ों छात्र दुर्ग, रायपुर, भिलाई, बिलासपुर एवं अन्य बड़े शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।

 

 शासकीय महाविद्यालय की हालत चिंताजनक
उन्होंने कहा कि दल्ली राजहरा में उच्च शिक्षा के नाम पर केवल एक शासकीय महाविद्यालय है। वर्षों से इसकी स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। आधुनिक प्रयोगशालाओं का अभाव, पर्याप्त शिक्षकों की कमी, रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम न होना और आवश्यक संसाधनों की कमी के कारण यहां प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगातार घट रही है। 
श्रीजीत ने आशंका जताई कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में इस महाविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या नगण्य रह जाएगी।
 तकनीकी शिक्षा और बी.एड. का घोर अभाव
तकनीकी शिक्षा की बढ़ती मांग के बीच दल्ली राजहरा में केवल एक शासकीय आईटीआई संचालित है। यहां न तो कोई पॉलिटेक्निक संस्थान है और न ही इंजीनियरिंग या अन्य व्यावसायिक कॉलेज। पूरे बालोद जिले में बी.एड. पाठ्यक्रम का अभाव हजारों विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं और शिक्षकीय क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए सबसे बड़ी समस्या है। इसके अलावा नीट, जेईई, पीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उच्च स्तरीय कोचिंग संस्थानों का भी अभाव है।

 

 आर्थिक बोझ से टूट रहे परिवार
श्रीजीत ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बच्चों को बाहर भेजकर पढ़ाना अत्यंत कठिन हो गया है। हॉस्टल, किराए, कोचिंग और अन्य खर्चों के कारण कई प्रतिभाशाली छात्र या तो पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं या भारी आर्थिक बोझ उठाकर घर से दूर रहने को मजबूर होते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा कि जहां शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधन कमजोर होते हैं, वहां के छात्र बेहतर शिक्षा की तलाश में अपने क्षेत्र से बाहर जाने लगते हैं। दल्ली राजहरा के साथ भी यही हो रहा है।

 

 शिक्षा हब बनाने की मांग
बीजेपी युवा मोर्चा नेता ने मांग की कि दल्ली राजहरा को केवल खनन नगरी के रूप में नहीं, बल्कि शिक्षा एवं कौशल विकास केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए उन्होंने निम्न मांगें रखीं:

 

1. शासकीय महाविद्यालय का आधुनिकीकरण – नई प्रयोगशालाएं, पर्याप्त शिक्षक, नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम
2. नए संस्थान – पॉलिटेक्निक कॉलेज, बी.एड. कॉलेज, पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना
3. कोचिंग हब – प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग सुविधाएं
4. कौशल विकास केंद्र – स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाले पाठ्यक्रम

 

श्रीजीत ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस पहल नहीं की गई तो दल्ली राजहरा से युवाओं का पलायन लगातार बढ़ता रहेगा। इसका सीधा असर शहर की जनसंख्या, व्यापार, सामाजिक विकास और भविष्य पर पड़ेगा।

 

उन्होंने कहा कि यदि बेहतर उच्च शिक्षा संस्थान विकसित किए जाएं तो आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थी भी दल्ली राजहरा आकर शिक्षा ग्रहण करेंगे। इससे शहर की आर्थिक गतिविधियां, रोजगार और समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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