दल्ली राजहरा शनिवार 25 जुलाई 2026 भोजराम साहू 9893 765541 शत वृक्षम अभियान पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुआंगोंदी की शिक्षिका श्रीमती शिल्पी राय द्वारा चलाए जा रहे “शत वृक्षम अभियान” के तहत ग्राम कांड़े में 100 फलदार पौधों का रोपण किया गया। गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी आयोजित इस अभियान में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।कार्यक्रम की शुरुआत सभी पौधों की पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद अतिथियों का स्वागत गुलाल लगाकर एवं पौधा व सीड बॉल भेंट कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विकासखंड शिक्षा अधिकारी डोंडी श्री प्रवीण चतुर्वेदी एवं ग्राम सभा अध्यक्ष श्री घासीराम भूपेंद्र उपस्थित थे। विशेष अतिथि के रूप में ग्राम कांड़े की सरपंच श्रीमती चंद्रलेखा पायला, उप सरपंच ईश्वर लाल नेताम, सचिव विकेश्वरी साहू, श्री भरत लाल यादव, प्राथमिक शाला कांड़े के प्रधान पाठक अनिल देवांगन, सीएसी वेद प्रकाश यदु, मोहनलाल कुलदीप, जितेंद्र बघेल, पुष्पा साहू एवं सत्यवती यादव सहित शिक्षक, पालक एवं विद्यार्थी शामिल हुए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीईओ श्री प्रवीण चतुर्वेदी ने “शत वृक्षम अभियान” की सराहना करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन और जल संकट के इस दौर में वृहद वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। पेड़ लगाना ही काफी नहीं, उनकी सुरक्षा करना भी हम सबकी जिम्मेदारी है। ग्राम कांड़े के सचिव श्री भरत लाल यादव ने भी शिल्पी राय के इस प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम की सबसे खास बात रही “वृक्ष मित्र” की उपाधि। उपस्थित विद्यार्थियों को “वृक्ष मित्र” की उपाधि देकर प्रत्येक पौधे की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी गई।अंत में श्रीमती शिल्पी राय ने सभी अधिकारियों, ग्रामवासियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।( Shikshika Shilpi Rai ) शत वृक्षम अभियान क्या है?फाइल फोटोशिक्षिका शिल्पी राय द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान पर्यावरण जागरूकता और वृक्ष संरक्षण को समर्पित है। इसके तहत हर साल 100 फलदार पौधे रोपित कर उनकी देखरेख की जिम्मेदारी बच्चों को दी जाती है।Spread the lovePost navigationसरस्वती शिशु मंदिर में अग्निहोत्र यज्ञ, मातृशक्ति ने पर्यावरण शुद्धि के लिए किया वैदिक अनुष्ठान । राहुल गांधी के नेतृत्व में युवाओं की आवाज़ को मिली जीत, शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मनाया विजय उत्सव ।