दल्ली राजहरा सोमवार 27 जुलाई 2026 भोजराम साहू 9893 765541 सनातन धर्म में सावन मास को भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना माना जाता है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय भगवान शिव ने विष पीकर सृष्टि की रक्षा की थी। उसी विष की ज्वाला को शांत करने के लिए देवताओं ने उन्हें जल अर्पित किया था। तभी से सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260727-WA0029.mp4इसी आस्था के साथ इस वर्ष सावन 30 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त रक्षाबंधन तक रहेगा। इस पवित्र माह में 4 सोमवार पड़ेंगे। शिवभक्त उपवास रखकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर मनोकामनाएं पूर्ण करने की प्रार्थना करेंगे।31 जुलाई शुक्रवार को निकलेगी 21वीं कांवड़ यात्राइसी श्रद्धा भाव के साथ बोल बम कांवड़िया समिति दल्लीराजहरा 31 जुलाई दिन शुक्रवार दोपहर 1.00 बजे 21वीं बार बाबा बैजनाथ धाम की कांवड़ यात्रा लेकर रवाना होगी। शिव संस्कार धाम मंदिर परिसर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद यात्रा प्रारंभ होगी।समिति के संरक्षक एवं कोषाध्यक्ष हेम शंकर साहू ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी यात्रा का नेतृत्व वे स्वयं करेंगे। इस बार 74 शिवभक्तों का जत्था बाबा के दरबार जाएगा। यात्रा में महिलाओं की भागीदारी भी हर वर्ष बढ़ रही है।यात्रा का मार्ग और महत्व कांवड़िए सबसे पहले मुक्ति के द्वार काशी नगरी पहुंचकर बाबा काशीनाथ को जल अर्पित करेंगे। इसके बाद 3 अगस्त को बिहार के सुल्तानगंज में उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र जल भरकर 110 किलोमीटर की पैदल कांवड़ यात्रा प्रारंभ होगी। कांवड़िए झारखंड स्थित मनोकामना ज्योतिर्लिंग बाबा बैजनाथ धाम पहुंचकर जलाभिषेक करेंगे। मान्यता है कि रावण ने यहां शिवलिंग की स्थापना की थी। इसी कारण इसे बाबा बैजनाथ धाम कहा जाता है।जलाभिषेक के बाद कांवड़िए दो शक्तिपीठ – तारा शक्तिपीठ और कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली पीठ के दर्शन भी करेंगे। दो ज्योतिर्लिंग और दो शक्तिपीठ के दर्शन के बाद 9 अगस्त शनिवार सुबह 10 बजे जत्था वापस दल्लीराजहरा पहुंचेगा।यात्रा में शामिल प्रमुख कांवड़िए साधुराम, हेमशंकर साहू, जे आर यादव, रमेश रावटे, संजय कुमार दर्रो, मदन, हरिवंश, गंगाराम, खैमलाल, कान्ति, लता सिन्हा, रेखा साहू, ममता और भानुमति सहित कुल 74 कांवड़िए इस वर्ष बाबा बैजनाथ धाम जाएंगे।समिति ने सभी नगरवासियों से अपील की है कि वे 31 जुलाई शुक्रवार को दोपहर 1.30 बजे शिव संस्कार धाम पहुंचकर यात्रा को सफल बनाएं। सावन में शिव पूजा की सरल विधिसावन में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। 1. जलाभिषेक: शिवलिंग पर सबसे पहले शुद्ध जल चढ़ाएं। 2. बेलपत्र और धतूरा: 3 पत्ते वाला बेलपत्र और धतूरा शिवलिंग पर अर्पित करें। 3. मंत्र जाप: “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें। 4. भोग: दूध, दही, शहद और फल का भोग लगाएं। 5. आरती: अंत में शिव आरती कर प्रसाद वितरित करें। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।बोल बम, हर हर महादेव 🔱🇮🇳( नोट:–सभी फोटो 2025 की है)Spread the lovePost navigation30 जुलाई को बालोद में होगा, “महतारी वंदन वृक्षारोपण महाअभियान” । “मेरा बूथ सबसे मजबूत” के मंत्र के साथ बड़गांव शक्ति केंद्र की मासिक बैठक संपन्न ।