दल्ली राजहरा रविवार 13 सितंबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541 माटरी में हुई बैठक – खाद, बांध, बेरोजगारी और UCC जैसे मुद्दों पर गरमाई चर्चा शहीद शंकर गुहा नियोगी के विचार आज भी गांव की चौपालों में जिंदा हैं। छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा और जिला किसान संघ बालोद द्वारा डौंडीलोहारा क्षेत्र में लगातार बैठकों का आयोजन कर नियोगी जी की शहादत और उनके संघर्ष को याद किया जा रहा है। इसी कड़ी में 13 सितंबर को ग्राम माटरी में एक बड़ी बैठक संपन्न हुई। बैठक में किसान, मजदूर, युवा और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। बैठक की शुरुआत शहीद नियोगी जी को नमन के साथ हुई और उनके बताए रास्ते पर चलकर किसान-मजदूरों की लड़ाई को और तेज करने का संकल्प लिया गया।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/09/VID-20260913-WA0035.mp4नियोगी के रास्ते पर ही होगा समस्याओं का समाधान वक्ताओं ने कहा कि शंकर गुहा नियोगी ने हमेशा किसान, मजदूर, महिला और युवाओं को संगठित कर उनके हक की लड़ाई लड़ना सिखाया। आज भी ग्रामीण अंचल अनेक समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में केवल याद करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनके विचारों को गांव-गांव तक पहुंचाकर जन-संघर्ष को खड़ा करना होगा।बैठक में उठे ज्वलंत मुद्दे 1. किसान परेशान –किसानों ने खाद की किल्लत, फसलों में लग रही बीमारियों और सिंचाई की कमी को लेकर नाराजगी जताई। कहा गया कि बांधों के अधूरे काम के कारण खेती पर सीधा असर पड़ रहा है।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/09/VID-20260913-WA0034.mp42. खरखरा बांध का विरोध – ग्रामीणों ने खरखरा बांध की ऊंचाई बढ़ाने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि ऊंचाई बढ़ने से आसपास के कई गांव डूब प्रभावित हो जाएंगे। बिना ग्रामीणों की सहमति के यह फैसला मंजूर नहीं होगा। 3. बेरोजगारी और नशा – क्षेत्र में बढ़ती बेरोजगारी और युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता जताई गई। रोजगार के अवसर पैदा करने की मांग की गई।4. UCC और एग्री स्टैक पर आक्रोश –बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC) का भी विरोध हुआ। वक्ताओं ने कहा कि इससे आदिवासी परंपराओं और स्थानीय अधिकारों पर खतरा मंडराएगा और ग्रामीणों को कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ेंगे। वहीं एग्री स्टैक पोर्टल में सामूहिक पंजीयन की जटिल प्रक्रिया को लेकर भी किसानों ने आक्रोश जताया।मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कहा कि नियोगी जी की शहादत को केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उनके जनपक्षीय विचारों को लेकर गांव-गांव में किसान-मजदूरों को संगठित किया जाएगा और आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। इस अवसर पर जनक लाल ठाकुर, गैंद सिंह ठाकुर, नवाब जिलानी, गंधु रावटे, मुरारी प्रजापति, लीलाधर ढाले, ग्राम माटरी की सरपंच, लतखोर राणा, संतु सारथी सहित माटरी, भंवरमरा, चिखली, लोहारा के किसान-मजदूर साथी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।Spread the lovePost navigationगणपति बप्पा के स्वागत में सजी लौह नगरी, बाजारों में उमड़ी आस्था की भीड़ ।