दल्ली राजहरा मंगलवार 29 सितंबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541 पेयजल की विकराल समस्या को लेकर डौंडी ब्लॉक के ग्राम आड़ेझर में पिछले तीन दिनों से चल रहा महा-आंदोलन आखिरकार प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। ग्रामीण बोइरडीह जलाशय से बीएसपी के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर महामाया-दल्लीराजहरा मुख्य मार्ग पर दिन-रात धरने पर डटे हुए थे, जिसके चलते महामाया माइंस की ओर जाने वाले सैकड़ों भारी वाहनों का आवागमन तीन दिनों तक पूरी तरह ठप रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधा पेयजल के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। पूर्व में कई बार आश्वासन मिलने के बाद भी स्थायी समाधान नहीं होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने इस बार आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया था। भारी पुलिस बल पहुंचा तो बढ़ा तनाव, पूरा गांव पहुंचा धरना स्थल परसोमवार देर शाम स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब एसडीएम डौंडी सुरेश साहू, तहसीलदार देवेंद्र नेताम सहित प्रशासनिक अमला और भारी पुलिस बल धरना स्थल पर पहुंचा। धरना स्थल पर उस समय ग्रामीणों की संख्या कम देख ग्रामीणों को आशंका हुई कि प्रशासन बलपूर्वक आंदोलनकारियों को हटाने वाला है। यह खबर आग की तरह गांव में फैली और देखते ही देखते आड़ेझर से सैकड़ों महिला-पुरुष धरना स्थल पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने दो टूक कहा – स्थिति बिगड़ती देख अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें शांत किया।यह खबर आग की तरह गांव में फैली और देखते ही देखते आड़ेझर से सैकड़ों महिला-पुरुष धरना स्थल पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने दो टूक कहा – “पानी नहीं तो आंदोलन खत्म नहीं होगा। अगर कार्रवाई करनी है तो पूरे गांव पर करो।” स्थिति बिगड़ती देख अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें शांत किया।लिखित पंचनामा पर टूटा गतिरोध लंबी चली बातचीत के बाद एसडीएम सुरेश साहू ने ग्रामीणों को लिखित में आश्वासन दिया। पंचनामा के अनुसार – 1. 29 सितंबर 2026 को पीएचई विभाग द्वारा गांव में बोर खनन कराया जाएगा।2. बोर में पर्याप्त पानी मिलने पर जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी टंकी और बिछी पाइपलाइन से पूरे गांव में नल के माध्यम से जलापूर्ति की जाएगी।3. यदि नए बोर में पर्याप्त पानी नहीं मिलता है, तो बीएसपी की पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इस लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने तीन दिवसीय चक्का जाम समाप्त कर दिया। आंदोलन खत्म होते ही प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। आंदोलन में चमके जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामीइस पूरे आंदोलन में जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी की भूमिका सबसे ज्यादा चर्चा में रही। वे ग्रामीणों के समर्थन में दूसरी बार धरना स्थल पहुंचे और तीन दिनों तक लगातार ग्रामीणों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही, जिसकी ग्रामीणों ने भी सराहना की। खनन प्रभावित क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर उनकी मुखरता को एक उभरते हुए जनप्रतिनिधि के रूप में देखा जा रहा है। “जरूरत पड़ी तो पूरे जनपद और सर्व आदिवासी समाज के साथ लड़ेंगे लड़ाई” – तुलेश्वर हिचामीजनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी ने कहा कि, “आड़ेझर के ग्रामीणों ने जिस एकजुटता और साहस का परिचय दिया है, वह काबिले तारीफ है। हम विकास के लिए हमेशा शासन-प्रशासन के साथ हैं, लेकिन खदानों से करोड़ों की खनिज संपदा निकलने के बाद भी यदि हमारे लोगों को पानी के लिए सड़क पर बैठना पड़े, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि बीएसपी प्रबंधन मूलभूत सुविधाएं देने में आनाकानी करता है, तो पूरे जनपद और सर्व आदिवासी समाज के साथ सड़क की लड़ाई लड़ी जाएगी।” अब 29 सितंबर पर टिकी निगाहें तीन दिन के आंदोलन के बाद फिलहाल सड़क खाली हो गई है, लेकिन अब पूरे गांव की नजर 29 सितंबर पर टिकी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बार आश्वासन सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके घरों के नलों तक पानी पहुंचेगा।Spread the lovePost navigationजिला जेल बालोद में मिशन वात्सल्य के तहत जागरूकता एवं परामर्श गोष्ठी सम्पन्न । अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त डॉ. श्रीमती शिरोमणि माथुर के 81वें जन्मदिन पर विशेष संदेश – “मेरी हर सांस में बसा है दल्ली-राजहरा”