दल्ली राजहरा गुरुवार 08 अक्टूबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541

 

 ग्राम आडेझर में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीण एक बार फिर सड़क पर उतर आए हैं। वर्षों से चली आ रही पानी की समस्या और पूर्व में किए गए आश्वासन पूरे नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने चक्का जाम कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन भी शुरू कर दिया है। आंदोलन को छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने समर्थन दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार गिरते जलस्तर और खनन गतिविधियों के कारण पिछले कई वर्षों से पेयजल संकट बना हुआ है। करीब 12 वर्षों से ग्रामीण बीएसपी के बोईरडीह डेम से गांव में पीने का पानी उपलब्ध कराने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है जबकि आडेझर गांव बीएसपी का गोद ग्राम है उसके बाद भी यहां पीने का पानी की समस्या बनी हुई है।

दो बोर खनन के बाद भी नहीं मिला पीने योग्य पानी
ग्रामीणों के अनुसार इससे पहले भी पेयजल समस्या को लेकर चक्का जाम किया गया था। 28 सितंबर को ग्रामीणों, शासन-प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन के बीच सहमति के बाद आंदोलन समाप्त हुआ था। उस समय बोर खनन के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। साथ ही बोर से पानी नहीं मिलने की स्थिति में डेम से पेयजल उपलब्ध कराने की बात कही गई थी।
ग्रामीणों का कहना है कि इसके बाद दो बोर खनन किए गए, लेकिन उनमें भी पर्याप्त पानी नहीं मिला। जहां पानी मिला, वहां लाल रंग का पानी निकल रहा है, जिसे शासन प्रशासन ने स्वयं सर्वे करके पीने योग्य नहीं मना हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के बोर और नलों से लाल पानी आने के कारण पेयजल को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।

प्रशासन से बातचीत पर भी नहीं बनी बात

 

आंदोलन की सूचना मिलने पर तहसीलदार देवेंद्र नेताम और एसडीएम आशीष पेट्रो ग्रामीणों से बातचीत करने पहुंचे। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के सामने रखीं। हालांकि, बातचीत से तत्काल समाधान निकलता नहीं दिखा, जिसके बाद नाराज ग्रामीणों ने आगे चर्चा करने से इनकार कर दिया। इससे पहले सुरेश साहू पूर्व एसडीएम डौंडी ने आश्वासन दिया था बीएसपी प्रबंधक को और गांव वालों के मध्यस्थता करवा कर मांगे पूरी करवाने का वादा किया था लेकिन पिछले दिनों उनका ट्रांसफर अन्यत्र हो गया है।

जनक लाल ठाकुर ने दिया आंदोलन को समर्थन
पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर भी ग्रामीणों के समर्थन में आंदोलन स्थल पहुंचे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उपक्रम की जिम्मेदारी केवल उत्पादन और राजस्व अर्जित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास में भी उसकी भूमिका होनी चाहिए।
जनक लाल ठाकुर ने कहा कि आडेझर के ग्रामीण लंबे समय से पेयजल की मांग कर रहे हैं बीजेपी सरकार की डबल इंजन की सरकार होने के बाद भी आदिवासी बहुल क्षेत्रों का ये हाल है, यदि ग्रामीणों को पीने का पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन को आगे बढ़ाएगा।

 

मांग पूरी होने तक आमरण अनशन का ऐलान
पेयजल की स्थायी व्यवस्था की मांग को लेकर ग्रामीणों ने अब आमरण अनशन शुरू कर दिया है। अनशन में प्रमुख रूप से गणपत, कैलाश, गांधी, नेहरू, सुरेश, प्रभा बाई और मेहतरिन शामिल हैं।वहीं सरपंच माधुरी ठाकुर, उप सरपंच सुरेश,लीना मंडावी, देवकी, खोरीन, गंगा बाई मानिकपुरी, बनिता, कंचन, केमिन माहला, गीता माहला, खोरबहरीन और कस्तूरा भुवर्या , श्री राम तराम सहित अन्य ग्रामीणों ने भी मांग पूरी होने तक आंदोलन में डटे रहने का संकल्प लिया है।
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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