दल्ली राजहरा शुक्रवार 09 अक्टूबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541 पीएम श्री सेजेस डौंडी विद्यालय के प्रांगण में सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत “सेवा के रंग” कार्यक्रम के तहत छात्राओं ने अपनी अद्भुत कला और परिश्रम का परिचय देते हुए 17×17 फीट की विशाल रंगोली का निर्माण कर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। इस भव्य रंगोली की थीम “विकसित भारत” रखी गई थी।यह विशाल रंगोली पीएम श्री सेजेस डौंडी के हिंदी माध्यम की 32 छात्राओं द्वारा लगातार 2 दिनों, 6 और 7 अक्टूबर तक लगभग 8 घंटे की कड़ी मेहनत से तैयार की गई। खास बात यह रही कि छात्राओं ने दिन के साथ-साथ रात में भी जागकर इस रंगोली को पूर्ण किया, जो उनके समर्पण और जुनून को दर्शाता है।रंगोली के अवलोकन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत डौंडी के अध्यक्ष श्री मुकेश कोड़ो उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए शासन की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी और उनके इस उत्कृष्ट कार्य के लिए मनोबल बढ़ाया।कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य ज्योति मेश्राम ने की। उन्होंने रंगोली का विस्तृत वर्णन करते हुए बच्चों को चंद्रयान-3, विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर के बारे में रोचक जानकारी दी, जिससे बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ी।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/10/VID-20261007-WA0189.mp4 अपने उद्बोधन में प्राचार्य श्रीमती ज्योति मेश्राम ने रंगोली की थीम “विकसित भारत” की सराहना करते हुए छात्राओं को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के ऐतिहासिक मिशन चंद्रयान-3 के बारे में विस्तार से बताया।उन्होंने बताया कि –चंद्रयान-3 भारत का तीसरा चंद्र मिशन था, जिसे 14 जुलाई 2023 को LVM3-M4 रॉकेट से लॉन्च किया गया था।. विक्रम लैंडर: इसका नाम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है। ‘विक्रम’ का अर्थ है साहस और वीरता। यह 23 अगस्त 2023 को शाम 6:04 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक उतरा। भारत दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला दुनिया का पहला देश बना। लैंडिंग स्थल को अब ‘शिव शक्ति पॉइंट’ कहा जाता है। प्रज्ञान रोवर: ‘प्रज्ञान’ का अर्थ है बुद्धिमता/ज्ञान। यह 26 किलो वजनी, 6 पहियों वाला सौर ऊर्जा से चलने वाला रोवर है। विक्रम लैंडर से निकलकर इसने चंद्रमा की सतह पर घूम-घूमकर मिट्टी की जांच की और सल्फर, एल्युमिनियम, कैल्शियम, लोहा, टाइटेनियम और ऑक्सीजन जैसे तत्वों की मौजूदगी की पुष्टि की। उन्होंने छात्राओं को बताया कि यह मिशन केवल 14 दिन (एक चंद्र दिवस) के लिए था, लेकिन इसने भारत को अंतरिक्ष महाशक्ति बना दिया और विकसित भारत के सपने को साकार किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में जनपद पंचायत डौंडी के सीईओ डी.डी. मंडले दोनों दिन पूरे समय उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों के कार्यों की सराहना की, चंद्रयान-3 से जुड़े प्रश्न पूछे और सही उत्तर देने वाले बच्चों को मेडल व पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम में पी.ओ. नीरज वर्मा, तकनीकी सहायक अभियंता प्रशांत सोनबियत, बीपीएम अंजू, भारत स्काउट गाइड डौंडी ब्लॉक की सहायक सचिव तनुजा बंजारे एवं कार्यक्रम की नोडल अधिकारी व एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर मिथिला सिंघारे के सहयोग एवं मार्गदर्शन में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।इस भव्य रंगोली का निर्माण मिथिला सिंघारे एवं तनुजा बंजारे के मार्गदर्शन में ही किया गया। अंत में रंगोली निर्माण में शामिल सभी 32 छात्राओं को सीईओ द्वारा मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।विद्यालय परिवार ने बच्चों की इस अद्भुत रचनात्मकता और परिश्रम की जमकर सराहना की। कार्यक्रम में जनपद पंचायत, नगर पंचायत के अधिकारी, विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।Spread the lovePost navigationपोषण माह का रंगारंग समापन: आंगनबाड़ी केंद्र क्र. 54 में व्यंजन और मोमबत्ती प्रतियोगिता, न्योता भोज बना आकर्षण का केंद्र । राज्य में पुलिसकर्मी की बेटी पर एसिड अटैक के बाद अनिला भेंडिया ने उठाए कानून व्यवस्था पर सवाल..!