दल्ली राजहरा शुक्रवार 09 अक्टूबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541 बालोद जिले में एक पुलिसकर्मी की बेटी पर हुए एसिड अटैक की घटना पर पूर्व मंत्री एवं डौंडीलोहारा विधायक श्रीमती अनिला भेंडिया ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। श्रीमती भेंडिया ने कहा कि जब पुलिसकर्मी का परिवार ही सुरक्षित नहीं है, तो प्रदेश की आम बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन निभाएगा….? लाइब्रेरी से पढ़ाई कर घर लौट रही छात्रा पर हुआ एसिड अटैक बेहद दर्दनाक और शर्मनाक है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा – 1_क्या अपराधियों को कानून व्यवस्था का कोई डर नहीं रह गया है..?2. क्या कानून व्यवस्था इतनी लचर हो गई है कि अपराधी निर्भय होकर इस तरह की जघन्य वारदात को अंजाम दे रहे हैं…? “यह सवाल सिर्फ एक पुलिसकर्मी की बेटी का नहीं, बल्कि हर वर्ग की बेटी का है, चाहे वह मजदूर की बेटी हो या किसान की बेटी।”यह घटना बताती है कि प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच कितना बड़ा अंतर है। भाजपा सरकार अपराधों पर नियंत्रण और महिलाओं की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन ऐसी घटनाएं सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं।श्रीमती भेंडिया ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा केवल भाषणों और विज्ञापनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पीड़िता को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा, समुचित पुनर्वास और उचित मुआवजा दिया जाए, साथ ही उसकी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप शासकीय सेवा में नियुक्ति पर भी विचार किया जाए। आरोपी के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके। अंत में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां डर और असुरक्षा के साये में जीने के लिए मजबूर नहीं हो सकतीं। उन्हें सम्मान, स्वतंत्रता और सुरक्षा के साथ जीवन जीने का पूरा अधिकार है।Spread the lovePost navigationसेवा के रंगों से सजा विकसित भारत का सपना: पी एम श्री डौंडी में 32 छात्राओं ने बनाई 17×17 फीट की विशाल रंगोली । सेवा संकल्प अभियान के तहत तीन आंगनबाड़ी केंद्रों का संयुक्त ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम, किशोरी बालिकाओं को स्वास्थ्य और पोषण का संदेश